कविता

जब शहर बड़ा होता-कविता

Amit Srivastav

जब शहर बड़ा होता हैयह बात दिल में होती हैलंबी सड़क के ऊंचे मकानखेत गायब होता खलियानकहता मन मैं तोता ...

हिन्दी दिवस पर कविता

Amit Srivastav

हमारी आन है हिन्दी हमारी देश की शान है हिन्दी।  हमारी चेतना हमारी वाणी की वरदान है हिन्दी।। हमारी वर्तनी हिन्दी ...