देवरिया, सिधुआ। जनपद के रामपुर कारखाना विकास खंड के अंतर्गत ग्राम सिधुआ स्थित एम जी पब्लिक स्कूल में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर राखी सेलिब्रेशन कार्यक्रम का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ किया गया। सुबह से ही विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का वातावरण था। रंग-बिरंगी सजावट, फूलों की महक और बच्चों की मासूम मुस्कान ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना गीत से हुई, जिसके बाद विद्यालय की छात्राओं ने मंच पर आकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते पर आधारित गीत और कविताएँ प्रस्तुत कीं। तत्पश्चात छात्राओं ने अपने सहपाठी भाइयों को राखी बांधकर, मिठाई खिलाकर और आशीर्वाद देकर स्नेह, सम्मान और कृतज्ञता का संदेश दिया। राखी बांधते समय कई छोटे बच्चे इतने उत्साहित थे कि उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी, मानो यह केवल एक रस्म नहीं बल्कि दिल से जुड़ा त्योहार हो।

विद्यालय के प्रधानाचार्य कुलदीपक पाठक ने अपने संबोधन में कहा – “रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और कर्तव्य निष्ठा का प्रतीक है। यह त्योहार हमें प्रेम, भाईचारे, अनुशासन और कृतज्ञता की शिक्षा देता है।” उन्होंने बच्चों को यह भी समझाया कि रक्षाबंधन जाति या धर्म की सीमाओं में बंधा नहीं है, बल्कि यह मानवीय संबंधों की पवित्रता और विश्वास का उत्सव है।
अपने संबोधन में उन्होंने इतिहास से प्रेरणादायक प्रसंग भी सुनाए। उन्होंने बताया कि किस तरह मेवाड़ की रानी कर्णावती ने गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह से युद्ध के समय अपने राज्य की रक्षा के लिए मुगल सम्राट हुमायूं को राखी और मदद का संदेश भेजा था। हुमायूं ने राखी को स्वीकार कर, रानी को अपनी बहन मानते हुए सेना लेकर मेवाड़ की ओर कूच किया और उनके राज्य की रक्षा की। यह घटना बताती है कि राखी भाई-बहन के रिश्ते के साथ-साथ आपसी विश्वास और सम्मान का भी प्रतीक है।
प्रधानाचार्य ने महाभारत की प्रसिद्ध कथा का भी उल्लेख किया, जिसमें द्रौपदी ने श्रीकृष्ण की उंगली पर अपनी साड़ी का टुकड़ा बांधा था। बाद में, द्रौपदी चीरहरण की घड़ी में श्रीकृष्ण को याद करती है और भगवान उसकी लाज बचाते हैं। यह कथा यह दर्शाती है कि रक्षा का वचन निभाना, चाहे वह किसी भी परिस्थिति में क्यों न हो, भारतीय संस्कृति में कितना महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर बच्चों के बीच राखी थाली सजावट प्रतियोगिता और भाई-बहन के रिश्ते पर निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी रचनात्मकता व भावनाओं को सुंदर तरीके से व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने सभी को मिठाई वितरण कर शुभकामनाएँ दीं। प्रधानाचार्य ने उम्मीद जताई कि विद्यार्थी इस पर्व से मिली प्रेरणा को अपने जीवन में अपनाएंगे और आपसी प्रेम, सम्मान व जिम्मेदारी की भावना को हमेशा जीवित रखेंगे।
इस पूरे आयोजन में विद्यालय की शिक्षिका आसमा खातून का योगदान विशेष रूप से सराहनीय रहा, जिन्होंने बच्चों को कार्यक्रम के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान उजाला प्रसाद, सोनम कुमार, उजाला कुमारी, अदिति कुमारी, अरबाज अंसारी, विपिन कुमार, जावेद अंसारी, सुंदरम कुमार, प्रिंस यादव, सिफा खातून, शनि कुमार, आसिया खातून, सिफरत खातून, आयुष यादव, समद अंसारी, जाहिद अंसारी सहित कई छात्र-छात्राएँ और अभिभावक मौजूद रहे।
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एम जी पब्लिक स्कूल सिधुआ में छात्राओं ने बाधा सहपाठी भाइयों को राखी मनाया धूमधाम से रक्षाबंधन का पर्व खिलाया एक दूसरे को मिठाईयां बहनों ने दी भाईयों को आशिर्वाद बांटी खुशियां।

amitsrivastav.in देवरिया से दिलीप कुमार की रिपोर्ट।
Conclusion:
रक्षाबंधन का यह आयोजन विद्यालय के लिए एक यादगार अवसर बन गया, जिसने न केवल बच्चों के दिलों में भाई-बहन के रिश्ते की मिठास घोली, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति की गहराई से भी परिचित कराया।
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