देवरिया भाटपार रानी। जसूई-मधउर मार्ग जो मुख्य मार्ग है पर जसूई गाँव की सीमा में अवैध अतिक्रमण ने ग्रामीणों का जीना मुश्किल कर दिया है। सड़क बनी तो जरूर है, लेकिन जसूई की सीमा में इस सड़क पर पटरी ही नहीं बची। जो थोड़ी-बहुत पटरी बची है, उस पर मूंज की खेती कर दी गई है।

ऐसे में इस सड़क पर रोज़ाना निकलने वाले पैदल यात्री, छात्र-छात्राएं, महिलाएं और बुजुर्ग हर पल दुर्घटना के खतरे से जूझते हैं। सामने से ट्रक या बस आने पर बाइक सवारों और राहगीरों को अपनी जान हथेली पर लेकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास का नाम लेकर सड़क तो बनवा दी गई, लेकिन उसकी सुरक्षा और रख-रखाव पर किसी का ध्यान नहीं दिया गया।
इस समस्या को लेकर पूरे क्षेत्र में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर अतिक्रमण करना जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने जैसा है। सड़क का निर्माण जनता के उपयोग और उनकी सुविधा के लिए हुआ है, लेकिन पटरी पर मूंज बो दिए जाने से उसका वास्तविक लाभ समाप्त हो गया है। शुभनारायण पाण्डेय, उदय नारायण पाण्डेय, रामेश्वर पाण्डेय, रामविलास गुप्ता, चंद्रगुप्त यादव, जग नारायण शर्मा, अनुज पाण्डेय, आकाश पाण्डेय, प्रियेश पाण्डेय, तेज नारायण यादव, मुन्ना गुप्ता, रामकिशुन और अर्जुन समेत तमाम ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि अब प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर ग्राम प्रधान और जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस अतिक्रमण को नहीं हटाया गया तो सड़क पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बच्चों को स्कूल और कॉलेज भेजना, महिलाओं का सुरक्षित आना-जाना और बीमारों को अस्पताल ले जाना तक मुश्किल हो गया है। लोग मजबूरी में इस मार्ग का उपयोग करते हैं, लेकिन हर वक्त मन में डर बना रहता है कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए।
ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए भाजपा किसान मोर्चा भाटपार रानी के मंडल अध्यक्ष हर्षवर्धन पाण्डेय ने भी प्रशासन से इस अवैध अतिक्रमण को तुरंत हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क पर अतिक्रमण किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। यह केवल यातायात में बाधा नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन के लिए खतरा है। सरकार और प्रशासन का दायित्व है कि वे जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और इस सड़क को सुरक्षित बनाएं।
सड़क पर अतिक्रमण के कारण दुर्घटनाओं की आशंका हमेशा बनी रहती है। त्यौहारों या भीड़भाड़ के समय जब इस मार्ग से भारी वाहन एक साथ गुजरते हैं तो स्थिति और भयावह हो जाती है। कई बार छोटे-छोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन सौभाग्य से अब तक बड़ी दुर्घटनाएं टल गईं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अब भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो कभी भी जानलेवा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जसूई सीमा में सड़क पर हुई मूंज की खेती को तत्काल हटाया जाए। सड़क की पटरी को समतल कर पैदल चलने योग्य बनाया जाए और अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा भविष्य में इस मार्ग पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।

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जसूई-मधउर मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण केवल एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा सवाल है। हर दिन हजारों लोग इस रास्ते से गुजरते हैं और अपनी जान जोखिम में डालते हैं। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को जागना होगा, वरना किसी भी समय एक बड़ी दुर्घटना पूरे क्षेत्र को हिला सकती है। जनता की उम्मीदें अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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