भगवान धन्वंतरि की कथा: कहानी, आरोग्यता और आयुर्वेद के जनक

Amit Srivastav

Updated on:

भगवान धन्वंतरि की कथा: कहानी, आरोग्यता और आयुर्वेद के जनक

भगवान धन्वंतरि को समर्पित धनत्रयोदशी कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष के त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व दीपावली की शुरुआत के रूप में मनाया जाता है। इस दिन से दीपोत्सव का पर्व शुरू होता है और बड़ी दीपावली को भव्य रूप दीपावली पर्व के साथ समापन होता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड समेत राज्यों में छठ पूजा तक दीपोत्सव का पर्व मनाया जाता है।

यह धनतेरस का त्योहार मुख्य रूप से धन और आरोग्यता की कामना से जुड़ा है। “धनतेरस” शब्द में “धन” का अर्थ है धन-संपत्ति और “तेरस” का अर्थ त्रयोदशी तिथि से है। इसे धन त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। भगवान श्री चित्रगुप्त जी महाराज के वंशज अमित श्रीवास्तव की कर्म-धर्म लेखनी में धनतेरस से जुड़ी पौराणिक और ऐतिहासिक कथाओं का विवरण यहाँ धनतेरस की शुभ कामनाओं के साथ प्रस्तुत है।

पौराणिक कथा और महत्व

धनतेरस का पर्व भगवान धन्वंतरि से जुड़ा हुआ है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवताओं और असुरों ने अमृत प्राप्त करने के लिए समुद्र मंथन किया। मंथन से कई अद्भुत वस्तुएँ प्राप्त हुईं, और अंत में अमृत कलश के साथ भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए। वे चिकित्सा विज्ञान के देवता माने जाते हैं और आयुर्वेद के जनक भी कहे जाते हैं। इस दिन उनकी पूजा से स्वास्थ्य, समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है।

Yaksha Sadhana: Giver of mystical powers यक्ष साधना यक्षिणी साधना कैसे करें

इस वर्ष धनतेरस का पर्व

इस वर्ष धनतेरस का पर्व मंगलवार, 18 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा, जो कार्तिक माह की त्रयोदशी तिथि के दिन आता है। अगले दिन, 19 अक्टूबर, उदया तिथि भी त्रयोदशी है, इसलिए कहीं-कहीं दोनों दिन धनत्रयोदशी पर्व मनाया जायेगा। इस दिन सोने, चांदी, और बर्तनों की खरीदारी का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसे समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है।

Click on the link धनतेरस के पर्व पर झाड़ू खरीदने का विशेष चलन है किन्तु झाड़ू किस दिन खरीदना चाहिए किस दिन नही खरीदना चाहिए इसको जानना बहुत जरूरी है तो जानिये धनतेरस के दिन झाड़ू कब खरीदें कब नही क्योंकि इस बार धनतेरस का त्योहार मंगलवार और बुधवार दो दिन मनाया जा रहा है। यहां ब्लू लाइन पर क्लिक किजिये जानिए झाड़ू किस दिन खरीदना चाहिए किस दिन नही झाड़ू से सम्बंधित सम्पूर्ण कहानी।

धनतेरस का शुभ मुहूर्त

धनतेरस की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त मंगलवार शाम 6:31 बजे से 8:44 बजे तक है। प्रदोष काल शाम 5:38 बजे से 8:13 बजे तक रहेगा। 19 अक्टूबर रविवार को भी सुबह 10:31 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक खरीदारी का शुभ समय है।

धनतेरस की कथा: यमदीपदान का महत्व

एक कथा के अनुसार, हिम नामक राजा के पुत्र की कुंडली में चौथे दिन मृत्यु का योग था। उनकी पत्नी ने सोने-चाँदी के आभूषणों को द्वार पर जमा किया और दीयों को जलाकर पहरा दिया। जब यमराज उनके पास पहुँचे, तो आभूषणों के प्रकाश से वे भ्रमित हो गए और बिना कुछ लिए ही वापस लौट गए। इस दिन को यमदीपदान के रूप में मनाया जाता है।

समुद्र मंथन और भगवान धन्वंतरि का प्रकट होना

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवताओं और असुरों ने अमरता प्राप्त करने के लिए संधि की और मिलकर समुद्र मंथन करने का निश्चय किया। मंदराचल पर्वत को मथनी और नाग वासुकी को रस्सी के रूप में प्रयोग कर मंथन किया गया। मंथन के दौरान कामधेनु, कल्पवृक्ष, रत्न, लक्ष्मी जी, और अन्य दिव्य वस्तुएँ प्राप्त हुईं। अंततः अमृत कलश के साथ भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए।

आयुर्वेद के जनक: भगवान धन्वंतरि

भगवान धन्वंतरि ने मानव जाति को आरोग्यता का उपहार दिया और आयुर्वेद के सिद्धांतों की स्थापना की। चिकित्सा विज्ञान और आयुर्वेद में भगवान धन्वंतरि का विशेष स्थान है। उन्हें आयुर्वेद का जनक माना जाता है, और धनतेरस पर उनकी पूजा स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना से की जाती है।

धनतेरस पर खरीदी का महत्व

भगवान धन्वंतरि की कथा: कहानी, आरोग्यता और आयुर्वेद के जनक

धनतेरस पर सोना, चाँदी, बर्तन, आभूषण, झाड़ू और घर के नए सामान खरीदने की परंपरा है। इसे समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक माना गया है। इस दिन इलेक्ट्रॉनिक सामान और वाहन भी खरीदे जाते हैं। झाड़ू की खरीदारी के लिए विशेष ध्यान रखना चाहिए, और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बुधवार को झाड़ू खरीदना शुभ माना गया है। उपरोक्त दिए गए लिंक पर क्लिक किजिये पढ़िए जानिए धनतेरस पर झाड़ू खरीदने से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी।

ऐतिहासिक दृष्टि से धनतेरस

धनतेरस का इतिहास भारत की समृद्ध संस्कृति से जुड़ा हुआ है। प्राचीन काल में इसे व्यापारिक और आर्थिक उन्नति का प्रतीक माना जाता था। इस दिन आभूषणों और धातुओं की खरीदारी का विशेष महत्व था। इस परंपरा का आधुनिक युग में भी अनुसरण किया जाता है।

धन्वंतरि पूजा और आरोग्यता का प्रतीक

चिकित्सा और स्वास्थ्य से जुड़ी इस परंपरा के माध्यम से लोग स्वस्थ जीवन और रोगों से दूर रहने का संकल्प लेते हैं। धनत्रयोदशी के दिन धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है इस पर्व पर स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना भगवान धन्वंतरि से की जाती है।

आधुनिक युग में धनतेरस का महत्व

आधुनिक समय में धनतेरस न केवल धार्मिक बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बन गया है। बाजारों में इस दिन कई छूट और विशेष ऑफर्स मिलते हैं, और इसे आर्थिक उन्नति का दिन माना जाता है।

भगवान धन्वंतरि की कथा: कहानी, आरोग्यता और आयुर्वेद के जनक

धनतेरस पर्व पर लेखनी का निष्कर्ष

धनतेरस का पर्व समृद्धि, सुख, और स्वास्थ्य का प्रतीक है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा से स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि का महत्व चिकित्सा और आरोग्य में दर्शाता है, जिससे यह पर्व विशेष महत्व रखता है।

click on the link ब्लाग पोस्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

भगवान धन्वंतरि की कथा: कहानी, आरोग्यता और आयुर्वेद के जनक

सुखी दांपत्य जीवन: प्रेम, सम्मान और संवाद की संपूर्ण यात्रा

क्या केवल विवाह कर लेना ही सुखी दांपत्य जीवन की गारंटी है?यदि ऐसा होता, तो दुनिया में इतने अधिक वैवाहिक तनाव, बढ़ती दूरियाँ, लगातार होने वाले विवाद, भावनात्मक अकेलापन और टूटते रिश्ते दिखाई नहीं देते। वास्तविकता यह है कि विवाह जीवन की सबसे सुंदर यात्राओं में से एक है, लेकिन यह सबसे चुनौतीपूर्ण यात्राओं में … Read more
भगवान धन्वंतरि की कथा: कहानी, आरोग्यता और आयुर्वेद के जनक

क्या वास्तव में होती हैं अप्सराएँ? mrigakshi apsara का रहस्य, शास्त्रीय परंपरा, तांत्रिक विमर्श और 1 आध्यात्मिक दृष्टि

क्या अप्सराएँ केवल पौराणिक कथा हैं या भारतीय शास्त्रों का गहन प्रतीक? Mrigakshi Apsara मृगाक्षी अप्सरा, वैदिक संदर्भ, शक्ति परंपरा और शोधपरक तंत्र-मंत्र साधना विधि-विधान के साथ विश्लेषण पढ़ें। पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा शिर्षक मृगाक्षी अप्सरा साधना महाग्रंथ mrigakshi apsara mantra सम्पूर्ण विधि-विधान सहित amozan पर eBook एवं प्रिंट बुक अल्प मूल्य 99 रूपये में … Read more
भगवान धन्वंतरि की कथा: कहानी, आरोग्यता और आयुर्वेद के जनक

बटुक भैरव कार्य सिद्धि एवं शत्रुनाशक प्रयोग | काल भैरव मंत्र, पूजा विधि और उपाय

बटुक भैरव कार्य सिद्धि एवं शत्रुनाशक प्रयोग काल भैरव की पूजा विधि, मंत्र और उपाय भगवान बटुक भैरव की पूजा विधि, शक्तिशाली कार्य सिद्धि मंत्र, अष्टोत्तर शत नाम स्तोत्र, कवच पाठ और शत्रु नाशक प्रभावी उपाय जानिए। कालभैरवाष्टमी पर विशेष प्रयोग से असंभव कार्य सिद्ध होंगे और शत्रु परेशान करना छोड़ देंगे। भैरव कृपा प्राप्त … Read more
भगवान धन्वंतरि की कथा: कहानी, आरोग्यता और आयुर्वेद के जनक

श्री श्री कामाख्या अंबुबाची महाग्रंथ: देवी शक्ति, तंत्र, साधना और सनातन चेतना का 12 दिव्य रहस्य

श्री श्री कामाख्या अंबुबाची महाग्रंथ में देवी कामाख्या, अंबुबाची महापर्व, शक्ति पीठ, तंत्र, साधना, शिव-शक्ति दर्शन, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का शोधपरक एवं विस्तृत अध्ययन। shri-shri-kamakhya-ambubachi-mahagranth इसे भी पढ़ें: तांत्रिकों की देवी लोना चमारिन की आपबीती इसे भी पढ़ें: गुरु गोरखनाथ का जन्म कब हुआ था — सम्पूर्ण जीवनी क्या आपने कभी सोचा है … Read more
भगवान धन्वंतरि की कथा: कहानी, आरोग्यता और आयुर्वेद के जनक

देवरिया 5 जून: पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी— सभाकुंवर कुशवाहा

देवरिया 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्थानीय तहसील क्षेत्र के ग्राम करही भुवन में भाजपा भाटपार रानी मंडल के द्वारा वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और हरित वातावरण को बढ़ावा देना था।इस अवसर पर दर्जनों पौधे लगाए … Read more
भगवान धन्वंतरि की कथा: कहानी, आरोग्यता और आयुर्वेद के जनक

Astro Physics, AI और Robotics की रहस्यमयी दुनिया: क्यों तेजी से बढ़ रहा है युवाओं में विज्ञान सीखने का 1 जुनून?

Astro Physics, AI और Robotics की रहस्यमयी दुनिया क्यों युवाओं को आकर्षित कर रही है? जानिए Black Hole, Space Science, Artificial Intelligence, Robots, Alien Life और भविष्य की तकनीकों का एक विस्तृत शैक्षणिक विश्लेषण। इसे भी पढ़ें: योनि के 64 प्रकार — कामशास्त्र दृष्टिकोण इसे भी पढ़ें: राजा रानी कूपन लॉटरी रिजल्ट — पूरी जानकारी … Read more
भगवान धन्वंतरि की कथा: कहानी, आरोग्यता और आयुर्वेद के जनक

देवरिया में आंगनबाड़ी नियुक्ति विवाद महिला ने डीएम से की निष्पक्ष जांच की मांग

देवरिया जिले के भागलपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम गहिला में आंगनबाड़ी कार्यकत्री की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। गांव की निवासी कमलावती सिंह ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि वर्ष 2004 में उन्हें विधिवत चयनित किए जाने के बावजूद बाद में साजिश के तहत कुछ वर्ष बाद हटाकर दूसरी … Read more
भगवान धन्वंतरि की कथा: कहानी, आरोग्यता और आयुर्वेद के जनक

Kisan Sammelan Gwalior In Nidhi Singh: पूर्व ब्लैक कैट कमांडर्स ने 1 राम दरबार भेंट कर किया अभिनंदन

ग्वालियर में आयोजित कृषि सम्मेलन Kisan Sammelan Gwalior में पूर्व ब्लैक कैट कमांडर्स ने निधि सिंह को राम दरबार भेंट कर सम्मानित किया। निधि सिंह ने किसानों को प्राकृतिक खेती, सहकारिता और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में आयोजित एक भव्य सहकारिता कृषि सम्मेलन में देश-विदेश में अपनी उपलब्धियों और … Read more
भगवान धन्वंतरि की कथा: कहानी, आरोग्यता और आयुर्वेद के जनक

20 May Deoria: वेतन संकट से जूझ रहे स्वास्थ्य कर्मियों का फूटा गुस्सा, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध — “जनता की सेवा करें या परिवार बचाएं?”

20 May Deoria। में एनएचएम कर्मियों, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सीएचओ और डॉक्टरों ने लंबित वेतन के विरोध में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। जानिए वेतन संकट, कर्मचारियों की मांग और स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ने वाले असर की पूरी रिपोर्ट। महीनों से लंबित वेतन ने स्वास्थ्य कर्मियों को आर्थिक और मानसिक संकट में धकेला।देवरिया में स्वास्थ्य … Read more
भगवान धन्वंतरि की कथा: कहानी, आरोग्यता और आयुर्वेद के जनक

NCF 2023 के संदर्भ में भाषा शिक्षण: गहन अध्ययन, कौशल और रचनात्मकता की तरफ

नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा 2023 (NCF 2023) ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लाया है। भाषा शिक्षण के क्षेत्र में सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि पुरानी रट्टू प्रणाली को पूरी तरह खारिज कर दिया गया है। हिंदी भाषा को अब ‘कोर्स A और B’ के स्थान पर … Read more

Leave a Comment