देवरिया, 23 जुलाई 2025 – उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में बिजली संकट ने व्यापारियों को किया त्रस्त बिजली की बदहाल स्थिति ने व्यापारियों और आम जनता को गंभीर संकट में डाल दिया है। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष मंटू बाबू जायसवाल ने इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कड़ा संदेश देते हुए तत्काल समाधान की मांग की है। जायसवाल ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी और नेता मुख्यमंत्री को गलत जानकारी दे रहे हैं, जिसके चलते जनता और व्यापारी वर्ग भारी परेशानी झेल रहा है।
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देवरिया – बिजली संकट ने व्यापारियों की कमर तोड़ी
बिजली की स्थिति बद से बदतर
जायसवाल ने अपने बयान में कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति चिंताजनक है, लेकिन देवरिया जनपद में यह और भी गंभीर रूप ले चुकी है। विशेष रूप से देवरिया नगर के साउथ फीडर की स्थिति अति दयनीय हो चुकी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों के उलट, जमीनी हकीकत यह है कि लोगों को अधिकतम 6 से 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। वह भी इतने कम वोल्टेज के साथ कि उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे।

साउथ फीडर में तो हालात और भी खराब हैं, जहां रोस्टरिंग, ब्रेकडाउन, शटडाउन और अन्य तकनीकी खामियों के चलते दिनभर में मुश्किल से 6 घंटे बिजली उपलब्ध हो पाती है।
“पंखे केवल घूम रहे हैं, हवा नहीं दे रहे। गर्मी में लोग त्रस्त हैं और व्यापारियों का कारोबार पूरी तरह ठप हो चुका है,” जायसवाल ने दुखी स्वर में कहा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति तो और भी बदतर है, जहां बिजली की उपलब्धता लगभग न के बराबर है।
व्यापारियों पर दोहरी मार
जायसवाल ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली की दरें अन्य राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा हैं, फिर भी आपूर्ति की स्थिति अत्यंत खराब है। उन्होंने कहा, “ऑनलाइन कंपनियों के बढ़ते प्रभाव ने पहले ही स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। जो थोड़ा-बहुत कारोबार बचा था, वह अब बिजली की अनियमित आपूर्ति और लो वोल्टेज की वजह से पूरी तरह बर्बाद हो रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि बिजली की कमी के कारण दुकानें बंद रहती हैं, ग्राहक नहीं आते, और व्यापारियों को रोजाना भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
“मुख्यमंत्री जी, आपके ऊर्जा मंत्री और अधिकारी आपको गुमराह कर रहे हैं। जमीनी हकीकत से उनका कोई लेना-देना नहीं है। व्यापारी आज अपने चुनावी फैसलों पर पछता रहा है,” जायसवाल ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा।
जनता और व्यापारियों की मांग
जायसवाल ने मुख्यमंत्री से जनहित और व्यापारी हित में तत्काल कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने मांग की कि बिजली आपूर्ति के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी शेड्यूल घोषित किया जाए, ताकि लोग और व्यापारी अपनी दिनचर्या और कारोबार की योजना बना सकें। इसके साथ ही उन्होंने पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि लो वोल्टेज और बार-बार कटौती की समस्या से निजात मिल सके।
“अगर बिजली की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो स्थानीय अर्थव्यवस्था को और गहरा नुकसान होगा। व्यापारी पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। अब सरकार को जिम्मेदारी लेनी होगी,” उन्होंने कहा।
बिजली की कमी का असर केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं है। गर्मी के मौसम में कम वोल्टेज और अनियमित आपूर्ति के कारण आम जनता को भी भारी परेशानी हो रही है। घरों में पंखे और कूलर काम नहीं कर रहे, जिससे लोग गर्मी से बेहाल हैं। इसके अलावा, छोटे-मोटे उद्योग और दुकानें जो बिजली पर निर्भर हैं, पूरी तरह ठप हो चुके हैं। यह स्थिति स्थानीय अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाल रही है और बेरोजगारी को भी बढ़ा रही है।
मंटू जायसवाल का यह बयान देवरिया और पूरे उत्तर प्रदेश में बिजली संकट की गंभीरता को उजागर करता है। उनकी मांग न केवल व्यापारियों के हित में है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक जरूरी कदम है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री और बिजली विभाग इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाते हैं। व्यापारी और जनता की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
देवरिया से दिलीप कुमार की रिपोर्ट

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