आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुखुन्दु में पीएसपी के सहयोग से प्रभावित अंग की देखभाल के लिए दिया गया प्रशिक्षण। बताया सही देखभाल से हाथीपांव को मिलेगा आराम।
देवरिया, 22 दिसंबर, 2025। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत भलुअनी ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुखुन्दु में सोमवार को सीएचओ के नेतृत्व में गठित पीएसपी (पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म) के सदस्य सहयोग से फाइलेरिया मरीजों को एमएमडीपी प्रशिक्षण दिया गया। मरीजों को रुग्णता प्रबंधन और दिव्यांगता निवारण किट का वितरण किया गया, जिससे वह घर पर ही अपने घावों और पैरों की बेहतर देखभाल कर सकें।
सही देखभाल से हाथीपांव को मिलेगा आराम

इसके साथ ही व्यायाम करने के टिप्स दिए गए। इस दौरान 12 फाइलेरिया (हाथीपांव) के मरीजों को एमएमडीपी किट का वितरण किया गया। सीएचओ ने डेमो देकर प्रभावित अंग की साफ सफाई की जानकारी दी। पीएसपी सदस्य संगिनी, आशा, फाइलेरिया मरीज ने व्यायाम करके दिखाया और मौजूद लोंगो को व्यायाम का तरीका बताया।
Table of Contents
कार्यक्रम में मौजूद डब्ल्यूएचओ के जोनल कोआर्डीनेटर डॉ नित्यानंद ने पीएसपी सदस्यों फाइलेरिया मरीजों की जानकारी लिया। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया प्रभावित अंग की सही देखभाल, साफ सफाई और व्यायाम से हाथीपांव को आराम मिलता है। उन्होंने बीमारी की गंभीरता के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स मच्छर फाइलेरिया संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो उसे भी संक्रमित कर देता, लेकिन संक्रमण के लक्षण पांच से 15 वर्ष में उभरकर सामने आते हैं।
इससे व्यक्ति के हाथ-पैर में सूजन की शिकायत होती है या फिर अंडकोष में सूजन आ जाती है।महिलाओं को स्तन के आकार में परिवर्तन हो सकता है। शुरुआत में रोग की पहचान होने पर इसे रोका जा सकता है। इस बीमारी से साल में एक बार लगातार पांच साल दवा के सेवन से बचा जा सकता है।
पीएसपी सदस्य सीएचओ गुंजन ने फाइलेरिया मरीजों को हाथी पांव की नियमित सफाई, सूजन कम करने के उपाय, और संक्रमण से बचाव की जानकारी दी। बताया कि समय पर देखभाल से इस बीमारी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी है। मरीजों को लगातार साफ-सफाई और उपचार की आवश्यकता होती है। एमएमडीपी किट उनके लिए बहुत सहायक साबित होगी। सीएचओ ने किट में मौजूद सामग्री जैसे साबुन, टावेल, एंटीसेप्टिक व अन्य उपकरणों के उपयोग की विधि करके दिखाया व मरीजों को समझाया।
कार्यक्रम में सहयोगी संस्था सीफार, पाथ के जिला प्रतिनिधि सहित, एमआई सीपी सिंह, पीएसपी सदस्य ग्राम प्रधान जयराम, एएनएम रिंकी, संगिनी राधिका,आशा, आंगनबाडी, फाइलेरिया मरीज, वालेंटियर सहित ग्रामीण मौजूद रहे। देवरिया से amitsrivastav.in पर दिलीप कुमार की रिपोर्ट।
click on the link आनलाईन भैरवी विद्या साधना बुक खरीदने पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

क्या वास्तव में होती हैं अप्सराएँ? mrigakshi apsara का रहस्य, शास्त्रीय परंपरा, तांत्रिक विमर्श और 1 आध्यात्मिक दृष्टि

बटुक भैरव कार्य सिद्धि एवं शत्रुनाशक प्रयोग | काल भैरव मंत्र, पूजा विधि और उपाय

श्री श्री कामाख्या अंबुबाची महाग्रंथ: देवी शक्ति, तंत्र, साधना और सनातन चेतना का 12 दिव्य रहस्य

देवरिया 5 जून: पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी— सभाकुंवर कुशवाहा

Astro Physics, AI और Robotics की रहस्यमयी दुनिया: क्यों तेजी से बढ़ रहा है युवाओं में विज्ञान सीखने का 1 जुनून?

देवरिया में आंगनबाड़ी नियुक्ति विवाद महिला ने डीएम से की निष्पक्ष जांच की मांग

Kisan Sammelan Gwalior In Nidhi Singh: पूर्व ब्लैक कैट कमांडर्स ने 1 राम दरबार भेंट कर किया अभिनंदन

20 May Deoria: वेतन संकट से जूझ रहे स्वास्थ्य कर्मियों का फूटा गुस्सा, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध — “जनता की सेवा करें या परिवार बचाएं?”

NCF 2023 के संदर्भ में भाषा शिक्षण: गहन अध्ययन, कौशल और रचनात्मकता की तरफ







