प्रयागराज, 5 अगस्त 2025: संगम नगरी प्रयागराज में बाढ़ इस समय गंगा और यमुना नदियों की भीषण बाढ़ की चपेट में है। दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान 84.734 मीटर को पार कर 86 मीटर तक पहुंच गया है, जिससे शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है। छोटा बघाड़ा, राजापुर, दारागंज, तेलियरगंज और सलोरी जैसे क्षेत्रों में हजारों घर जलमग्न हो चुके हैं, और लगभग एक लाख परिवार प्रभावित हुए हैं।
प्रयागराज में बाढ़ का कहर

प्रयागराज में बाढ़ का कहर: लाखों लोग प्रभावित, प्रशासन पर नाकामी के आरोप, छोटा बघाड़ा में नवजात को टोकरी में बचाते दिखे माता-पिता—वही पुलिस इंस्पेक्टर अपने आवास कार्यालय पर बाढ़ के पानी में स्नान कर फूल दूध अर्पित कर गंगा की पूजा-अर्चना करते देखा गया।
इन सबके बीच, छोटा बघाड़ा से एक मार्मिक दृश्य सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक दंपति अपने नवजात बच्चे को टोकरी में लपेटकर कंधे तक भरे बाढ़ के पानी से सुरक्षित स्थान की ओर बढ़ता नजर आया। यह दृश्य भगवान कृष्ण को यमुना पार कराने वाले वासुदेव की कथा की याद दिलाता है। इस वीडियो ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों का आरोप है कि प्रशासन बाढ़ से निपटने में पूरी तरह नाकाम रहा है। कांग्रेस और सपा जैसे विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वीडियो शेयर कर सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाए।
प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए 19 नावें, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की हैं, साथ ही 88 बाढ़ चौकियां और 13 राहत शिविर स्थापित किए हैं। हालांकि, प्रभावित लोगों की संख्या इतनी अधिक है कि समय पर सहायता पहुंचाना चुनौती बना हुआ है। राहत शिविरों में भी खाने-पीने की कमी और खराब व्यवस्था की शिकायतें सामने आ रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए विशेष “टीम-11” गठित की है, और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हवाई सर्वेक्षण किया। फिर भी, स्थानीय लोग और विपक्ष प्रशासन की तैयारियों को नाकाफी बता रहे हैं। बाढ़ का पानी अब पॉश इलाकों जैसे अशोक नगर और राजापुर तक पहुंच रहा है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
प्रयागराज में बाढ़ ने न केवल जनजीवन को अस्त-व्यस्त किया है, बल्कि घाटों और मंदिरों को भी जलमग्न कर दिया है। बड़े हनुमान मंदिर का गर्भगृह पानी में डूब गया है, और रसूलाबाद घाट पूरी तरह जलमग्न है। बाढ़ प्रभावित लोग बुनियादी सुविधाओं जैसे पीने का पानी, भोजन और दवाइयों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
जिला प्रशासन ने आपातकालीन सहायता के लिए कंट्रोल रूम नंबर 0532-2641577, 0532-2641578 और टोल-फ्री नंबर 1077 जारी किए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
यह भीषण बाढ़ न केवल प्रकृति का प्रकोप दर्शाती है, बल्कि आपदा प्रबंधन की कमियों को भी उजागर करती है। प्रभावित लोगों की मदद के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, ताकि इस संकट से निपटा जा सके।

गूगल टाप वेबसाइट्स amitsrivastav.in पर रिपोर्ट प्रयागराज अभिषेक कांत पांडेय की टीम से
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