देवरिया जिले में मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सेवा और सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत उत्सव बनकर सामने आया, जहां नगर क्षेत्र से लेकर ग्रामीण अंचलों तक खिचड़ी भोज और पूजा-अर्चना के कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को श्रद्धा, सौहार्द और भाईचारे से भर दिया।

नगर के जेल चौकी स्थित आशीर्वाद हॉस्पिटल के सामने वार्ड नंबर 4 के सभासद एवं समाजसेवी बालेंद्र बहादुर सिंह उर्फ राजा भैया के नेतृत्व में आयोजित विशाल खिचड़ी सहभोज में लगभग दो हजार गरीब, असहाय और आम नागरिकों ने एक साथ पंगत में बैठकर भोजन किया और इस दृश्य ने यह संदेश दिया कि त्योहार वही है जो समाज के हर वर्ग को एक साथ जोड़ दे।
कार्यक्रम के दौरान राजा भैया ने कहा कि खिचड़ी ऐसा सामाजिक भोजन है जो अमीर की डाइनिंग टेबल पर भी उतनी ही इज्जत से परोसा जाता है जितना गरीब की थाली में, और मकर संक्रांति पर इसका आयोजन इसलिए किया जाता है ताकि अमीरी-गरीबी का भेद मिटे और समाज में समरसता की भावना मजबूत हो, उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा सबसे बड़ा पुण्य है और इसी सोच के साथ यह आयोजन किया गया है।

दूसरी ओर करौंदी क्षेत्र की ग्राम सभा में समाजसेवी पवन गुप्ता ने देऊर बाबा स्थान पर समस्त ग्रामवासियों के साथ मिलकर हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धा के साथ खिचड़ी चढ़ाई, जहां उन्होंने बताया कि यह परंपरा फसल कटाई के मौसम की शुरुआत का प्रतीक होने के साथ-साथ पवित्रता, शुद्धता और देवताओं से समृद्धि व सुख-शांति की कामना से जुड़ी हुई है और यह केवल एक रस्म नहीं बल्कि हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की गहरी भावना को दर्शाती है।
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इस ग्रामीण आयोजन में ग्राम प्रधान समसूदीन अंसारी, बीडीसी श्याम श्रीवास्तव, विनोद रौनियर, प्रमोद रौनियर, मनीष जायसवाल, राजकुमार गिरी, गणेश वर्मा, प्रेम जायसवाल, राजेंद्र गौंड, बृजराज शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कुल मिलाकर देवरिया में इस बार मकर संक्रांति का पर्व सेवा, सहयोग, आस्था और सामाजिक एकता के संदेश के साथ मनाया गया, जिसने यह साबित कर दिया कि जब परंपरा और इंसानियत एक साथ चलती हैं तो त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली शक्ति बन जाते हैं।

amitsrivastav.in Google side पर देवरिया से दिलीप कुमार की रिपोर्ट।
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