देवरिया, उत्तर प्रदेश — (नारायणपुर पंचायत) केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारों को साल में 100 दिन का रोज़गार मुहैया कराना है। लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे उलट दिखाई दे रही है। देवरिया जिले के सदर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नारायणपुर में मनरेगा एक भ्रष्टाचार का माध्यम बनकर रह गया है।
काग़ज़ों में मज़दूरी, तस्वीरों में धोखा
नारायणपुर पंचायत में हाल ही में मनरेगा के तहत मिट्टी भराई, पोखरी सौंदर्यीकरण और चकबंद जैसे कार्य दर्ज किए गए हैं। कुल 10 मस्टर रोल बनाए गए हैं जिनमें 94 मज़दूरों की उपस्थिति दर्ज है। हैरानी की बात यह है कि कार्यस्थल पर उपलब्ध तस्वीरों में न तो कोई निर्माण कार्य दिखाई देता है और न ही मजदूरों की मेहनत का कोई प्रमाण। एक ही फोटो को बार-बार अलग-अलग नामों के साथ मस्टर रोल में चस्पा किया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि कार्यस्थल का निरीक्षण कभी हुआ ही नहीं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है। तस्वीरों में जो लोग मज़दूरी कर रहे दिखाए गए हैं, वे स्थानीय लोग नहीं हैं। कुछ तस्वीरें तो इंटरनेट से डाउनलोड की गई प्रतीत होती हैं जिन्हें नाम बदलकर मस्टर रोल में जोड़ा गया है।

देवरिया सदर के नारायणपुर पंचायत में मनरेगा का खुला खेल: कागज़ों में मज़दूरी, ज़मीनी हकीकत में घोटाला
टीए से लेकर वीडीओ तक की मिलीभगत
सूत्रों के अनुसार, यह घोटाला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। इसमें तकनीकी सहायक (टीए), ग्राम रोजगार सेवक और वीडीओ (ग्राम विकास अधिकारी) तक की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। कागज़ी काम इतने व्यवस्थित ढंग से किया गया है कि पहली नजर में कोई अनियमितता पकड़ में न आए।
ग्रामीणों की पीड़ा: विकास की उम्मीदों पर पानी
गांव के कुछ जागरूक नागरिकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पंचायत में पिछले कई वर्षों से कोई बड़ा कार्य नहीं हुआ। “कागज़ पर लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं, लेकिन गांव की सड़कों की हालत देखिए – कीचड़ और गड्ढों से भरी हुई हैं। पोखरी का सौंदर्यीकरण सिर्फ नाम मात्र है, असल में उसमें आज भी काई और गंदगी जमी हुई है।”
एक ग्रामीण महिला ने बताया, “हमारे नाम पर मजदूरी दिखाकर पैसे निकाल लिए जाते हैं, लेकिन हमें कभी कोई काम नहीं दिया गया। जब पूछो तो धमकी दी जाती है कि कोई लाभ नहीं मिलेगा।”
- जवाबदेही का सवाल: क्या बोले CDO
- जब इस पूरे मामले पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) से सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा,
- “मनरेगा में अनियमितता की शिकायत गंभीर मामला है। जांच कराई जाएगी और यदि घोटाले की पुष्टि होती है तो संबंधित कार्य को शून्य घोषित कर कार्रवाई की जाएगी।”
- उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और वेतन रोकने सहित विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
देवरिया के नारायणपुर ग्राम पंचायत में मनरेगा जैसी कल्याणकारी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती दिखाई दे रही है। यदि शासन-प्रशासन समय रहते इस पर कठोर कार्रवाई नहीं करता, तो न केवल गरीबों के अधिकारों का हनन होगा बल्कि योजनाओं पर जनता का भरोसा भी उठ जाएगा।
यह मामला एक उदाहरण भर है, ज़रूरत है प्रदेश भर में मनरेगा के कार्यों की स्वतंत्र एजेंसी से सोशल ऑडिट कराए जाने की। तभी योजनाओं की मूल आत्मा – “रोजगार, विकास और गरिमा” – सही मायनों में ज़मीन पर उतर पाएगी।

देवरिया से amitsrivastav.in गूगल टाप वेबसाइट्स पर दिलीप कुमार की रिपोर्ट, कभी भी डायरेक्ट किसी भी सर्च इंजन से सर्च कर Google पर पढे़।

Table of Contents
click on the link ब्लाग पोस्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Yoni Sadhana योनि साधना का परम रहस्य: शक्ति-तत्व का वह गहन विज्ञान जिसे आज तक बहुत कम लोग समझ पाएDecember 8, 2025
स्त्री एक विषय नहीं, एक अनंत पाठ है (भाग–2) मनोविज्ञान, प्रेम, देह और यौनिकता: स्त्री चेतना की गहराइयों में प्रवेशFebruary 11, 2026
अखिल भारतीय मानवाधिकार परिषद के महिला प्रकोष्ठ की कमान अब निधि सिंह के हाथों में

नई सरकारी योजनाएं 2026: महिलाओं को ₹3000 महीना | पात्रता, आवेदन प्रक्रिया

धर्म, दर्शन और पुरुष स्त्री चेतना की सीमाओं का विश्लेषण: स्त्री एक विषय नहीं, एक अनंत पाठ है -भाग 3

स्त्री एक विषय नहीं, एक अनंत पाठ है (भाग–2) मनोविज्ञान, प्रेम, देह और यौनिकता: स्त्री चेतना की गहराइयों में प्रवेश

स्त्री एक एहसास विषय नहीं, एक अनंत पाठ – भाग 1: धर्म दर्शन और पुरुष चेतना की सीमाओं का विश्लेषण

1 News National का इंटरव्यू: रजनी शाह से हिंदुत्व, मानवाधिकार और महिला आत्मनिर्भरता पर तीखी लेकिन संतुलित बातचीत

New Government Scheme 2026: नई सरकारी योजना 2026 कौन पात्र है, कितना लाभ मिलेगा और आवेदन प्रक्रिया (पूर्ण मार्गदर्शिका)

प्रयागराज में प्रतिबंधित पॉलीथिन का धड़ल्ले से इस्तेमाल: पर्यावरण संरक्षण के दावों की खुला पोल – 1 शैक्षणिक और राजनीतिक विश्लेषण

भारतीय दर्शन में योनितत्त्व-भाग 1: आध्यात्मिक परंपरा में सृष्टि का गर्भ, शक्ति का विज्ञान और चेतना का मूल रहस्य










