शाहजहांपुर। ऑपरेशन सिंदूर तिरंगा यात्रा की भावना से ओतप्रोत तिलहर नगर वीरता, देशभक्ति और मातृशक्ति के अद्वितीय संगम का साक्षी बना, जब वीरांगनाओं ने हाथों में तिरंगा और मांग में सिंदूर सजाकर भव्य “सिंदूर तिरंगा यात्रा” निकाली। यह यात्रा न केवल भारतीय सेनाओं के सम्मान का प्रतीक बनी, बल्कि यह भी दर्शाया कि जब माताएं और बेटियाँ सड़कों पर उतरती हैं, तो राष्ट्रप्रेम नई ऊँचाइयों को छूता है।
अरविंद गुप्ता – तिलहर (शाहजहाँपुर) कि रिपोर्ट
शुरुआत एक आस्था के केंद्र से— गुरुवार की शाम ठीक पाँच बजे, मौजमपुर बजरिया स्थित एक प्राचीन मंदिर प्रांगण में देशभक्ति की आहट सुनाई दी। वहां शिखा सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं और बेटियाँ एकत्रित हुईं। हर किसी के हाथ में तिरंगा, माथे पर कुमकुम और आँखों में देश की सुरक्षा में लगे वीर सैनिकों के लिए गर्व और आभार का भाव था। यहाँ से “सिंदूर तिरंगा यात्रा” की औपचारिक शुरुआत हुई, जो नगर के हृदयस्थलों से होती हुई पुनः उसी मंदिर पर समाप्त हुई।
Table of Contents
देशभक्ति के नारों से गूंज उठा नगर— जैसे ही यह यात्रा नगर पालिका, मुख्य चौराहा, बिरियागंज, पोटर गंज और सराफा मार्केट से होकर गुज़री, पूरा शहर “आतंकवाद मुर्दाबाद”, “पाकिस्तान मुर्दाबाद” और “हिंदुस्तान ज़िंदाबाद” के नारों से गूंज उठा। महिलाएं भारत माता की जय और वंदे मातरम का जयघोष करती हुईं जिस आत्मविश्वास से आगे बढ़ रही थीं, उसने हर दर्शक को प्रेरित कर दिया।

तिलहर मे ऑपरेशन सिंदूर तिरंगा यात्रा वीरता की गाथा सुन भावुक हुए लोग
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता उमा जैन ने ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि और भारत की थलसेना, नौसेना और वायुसेना की अद्वितीय वीरता पर एक विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि कैसे भारतीय सेनाएँ न केवल हमारी सीमाओं की रक्षा करती हैं, बल्कि हमारी अस्मिता, संस्कृति और स्वाभिमान की भी रक्षक हैं। उनके भाषण ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
शक्ति का संगठित रूप: मातृशक्ति की भागीदारी— इस तिरंगा यात्रा में भाग लेने वाली मातृशक्ति की सूची भी एक प्रेरणा है। प्रज्ञा शर्मा, मीना शर्मा, श्वेता राठौर, शिखा सिंह, सविता वर्मा, संगीता मिश्रा, निशि अग्रवाल, उमा जैन, कंचन गंगवार, लक्ष्मी कश्यप, गायत्री श्रीवास्तव—इन सभी ने नारीशक्ति के अदम्य साहस और संगठन की मिसाल पेश की। उनके साथ नगर कार्यवाहक सुभाष, नगर प्रचारक रविन्द्र, प्रभात सहाय सहित अनेक गणमान्य जन भी मौजूद रहे।
सुरक्षा में रहा प्रशासन मुस्तैद— पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस विभाग भी सक्रिय रहा। एसआई देवेश कुमार स्वयं पुलिस टीम के साथ यात्रा के हर चरण में मौजूद रहे और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह मुस्तैद रहे।
संदेश स्पष्ट था: देश के लिए, एकजुट भारत— यह यात्रा केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं थी, बल्कि यह भारत की मातृशक्ति द्वारा भारतीय सेना को सच्चा सम्मान और देश को एकजुट रखने का संदेश था। तिलहर की यह यात्रा बताती है कि जब देश पर संकट आता है, तो हर घर से कोई न कोई ‘रणचंडी’ तिरंगा लेकर उठ खड़ी होती है।

गूगल टाप वेबसाइट amitsrivastav.in पर नियमित अपलोड पोस्ट का नोटिफिकेशन पाने के लिए बेल आइकन को दबा एक्सेप्ट करें, एप्स इंस्टाल करें, ऊपर सर्च आइकॉन पर क्लिक कर अपनी पसंदीदा शिर्षक लिखकर सर्च करें। ऊपर थ्री डाट पर क्लिक कर अपनी पसंदीदा सेक्शन में जाकर मनपसंद पोस्ट पढे। यहां मिलती है हर तरह की लेखनी सुस्पष्ट भाषा में सत्यता के साथ। निस्पक्ष कलम के साथ बने रहें धन्यवाद।
click on the link ब्लाग पोस्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
गोरखनाथ- कौन थे, जन्म कैसे हुआ, गुरु कौन थे, शाबर मंत्र, मृत्यु कैसे हुई सम्पूर्ण जानकारीFebruary 21, 2024
लोना चमारी की पुस्तक: तंत्र-मंत्र की गुप्त साधना और रहस्यमयी विधि-विधान 1 Wonderful आह्वानApril 20, 2025
सुखी दांपत्य जीवन: प्रेम, सम्मान और संवाद की संपूर्ण यात्रा

क्या वास्तव में होती हैं अप्सराएँ? mrigakshi apsara का रहस्य, शास्त्रीय परंपरा, तांत्रिक विमर्श और 1 आध्यात्मिक दृष्टि

बटुक भैरव कार्य सिद्धि एवं शत्रुनाशक प्रयोग | काल भैरव मंत्र, पूजा विधि और उपाय

श्री श्री कामाख्या अंबुबाची महाग्रंथ: देवी शक्ति, तंत्र, साधना और सनातन चेतना का 12 दिव्य रहस्य

देवरिया 5 जून: पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी— सभाकुंवर कुशवाहा

Astro Physics, AI और Robotics की रहस्यमयी दुनिया: क्यों तेजी से बढ़ रहा है युवाओं में विज्ञान सीखने का 1 जुनून?

देवरिया में आंगनबाड़ी नियुक्ति विवाद महिला ने डीएम से की निष्पक्ष जांच की मांग

Kisan Sammelan Gwalior In Nidhi Singh: पूर्व ब्लैक कैट कमांडर्स ने 1 राम दरबार भेंट कर किया अभिनंदन

20 May Deoria: वेतन संकट से जूझ रहे स्वास्थ्य कर्मियों का फूटा गुस्सा, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध — “जनता की सेवा करें या परिवार बचाएं?”















देश की जनता को गुमराह कर कर के थक भी नहीं रही है भाजपा वो भी मोदी शातीर खेलाड़ी झूठा नम्बर विश्व भर में सबसे बड़ा पुरवामा और यह हमला भाजपा की चुनावी चाल है बोट के लिए नाहक जान लेकर भाजपा आतंकवाद का नाम दे ढोल बजाती है हिन्दू खतरे में है। अरे खतरे में हिन्दू को भाजपा ही डाल रखी है सबसे बड़ा ढोंगी सत्ता पर ईबीएम के दम पर राज करने वाले ये भाजपा बनी हुई है। देश भर के आम लोगों का जमा पूंजी चिटफंड बैकों को बंद करवा हिस्सा ले हजम कर गयी। जांच हो तो दुनिया की सबसे बड़ी लुटेरा पार्टी और नेता भाजपा है।
सब राजनीति है हकीकत में भाजपा इस सब धटनाओ कि जड़ है निस्पक्ष जांच हो तो भाजपा के आलिनाल का खडयंत्र है। कोई आतंकवादी नही बल्कि भाजपा के अपने लोगों ने सब चुनावी माहौल बनाने के लिए घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
भाजपाईयों का ड्रामा है और कुछ नहीं है यह सब।
कलयुग का प्रकोप है चारों ओर यही हो रहा है।
कलयुग का प्रकोप है