वसंत पंचमी शाही स्नान पर प्रयागराज महाकुंभ में अव्यवस्थाओं का आखों देखी हाल

Amit Srivastav

वसंत पंचमी शाही स्नान पर प्रयागराज महाकुंभ में अव्यवस्थाओं का आखों देखी हाल

उत्तर प्रदेश। वसंत पंचमी शाही स्नान के दौरान प्रयागराज महाकुंभ 2025 में लाखों श्रद्धालुओं को अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का सामना करना पड़ा। ट्रेनों की अनिश्चित समय-सारिणी, पीपा पुलों का बंद होना, नाविकों द्वारा मनमाने किराए की मांग और भीड़ प्रबंधन की कमी जैसी समस्याओं ने संगम स्नान के लिए पहुंचे लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई। कई श्रद्धालु अपनी यात्रा पूरी किए बिना ही लौटने को मजबूर हो गए।

महाकुंभ 2025 में अव्यवस्थाओं का सच: श्रद्धालुओं को वसंत पंचमी शाही स्नान में क्यों झेलनी पड़ी परेशानियां ?

इस रिपोर्ट का उद्देश्य महाकुंभ 2025 के दौरान वसंत पंचमी स्नान पर्व के समय रेलवे और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को उजागर करना है। प्रयागराज में स्नान के लिए पहुंचे करोड़ों श्रद्धालुओं को जिस कठिनाई का सामना करना पड़ता है, वह सरकार और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।

20 May Deoria: वेतन संकट से जूझ रहे स्वास्थ्य कर्मियों का फूटा गुस्सा, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध — “जनता की सेवा करें या परिवार बचाएं?”

20 May Deoria। में एनएचएम कर्मियों, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सीएचओ और डॉक्टरों ने लंबित वेतन के विरोध में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। जानिए वेतन संकट, कर्मचारियों की मांग और स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ने वाले असर की पूरी रिपोर्ट। महीनों से लंबित वेतन ने स्वास्थ्य कर्मियों को आर्थिक और मानसिक संकट में धकेला।देवरिया में स्वास्थ्य … Read more

NCF 2023 के संदर्भ में भाषा शिक्षण: गहन अध्ययन, कौशल और रचनात्मकता की तरफ

नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा 2023 (NCF 2023) ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लाया है। भाषा शिक्षण के क्षेत्र में सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि पुरानी रट्टू प्रणाली को पूरी तरह खारिज कर दिया गया है। हिंदी भाषा को अब ‘कोर्स A और B’ के स्थान पर … Read more

जनगणना-2027 : देश की आबादी गिनने से पहले सरकार मोबाइल की औकात क्यों गिन रही है?

जनगणना-2027 पर बड़ा सवाल सरकारी काम या महंगे स्मार्टफोन बेचने की योजना? जनगणना-2027 एप्स पुराने एंड्रॉयड मोबाइल में न चलने पर प्रगणकों में नाराजगी। क्या डिजिटल इंडिया के नाम पर कर्मचारियों पर महंगे मोबाइल और डेटा खर्च का दबाव डाला जा रहा है? प्रगणकों की जेब पर डिजिटल हमला! जनगणना-2027 एप्स पर व्यंग्यात्मक विश्लेषण। पुराने … Read more

Yoni Sadhana Vidhi योनि साधना अदृष्ट शक्ति का महाप्रवाह वृहद तांत्रिक ग्रंथ 40 अध्याय

Yoni Sadhana Vidhi —तंत्र, शक्ति, कुण्डलिनी और ब्रह्माणी योनि का गूढ़ विज्ञान। वाममार्ग व दक्षिणमार्ग साधना का विस्तृत आध्यात्मिक वर्णन कामेश्वरी देवी कामाख्या की मार्गदर्शन में। जानें योनि साधना क्या है सम्पूर्ण मार्गदर्शिका। भूमिका/प्रस्तावनायोनि साधना: अदृष्ट शक्ति का महाप्रवाह केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय तांत्रिक परंपरा के उस गूढ़ विज्ञान का उद्घाटन है, जिसे … Read more

16 मई: वेतन भुगतान में देरी से स्वास्थ्य कर्मियों में बढ़ी नाराजगी, परिवार चलाना हुआ मुश्किल

देवरिया 16 मई। जनपद देवरिया में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मार्च माह से वेतन न मिलने के कारण भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। चाहे फील्ड में कार्यरत कर्मचारी हों या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी, सभी वेतन भुगतान में हो रही देरी … Read more

56 प्रकार के भोग में सबसे उत्तम भोग सम्भोग: धर्म, तंत्र, योग और विज्ञान के अनुसार प्रेम, ऊर्जा और चेतना का रहस्य

भारतीय दर्शन, तंत्र, योग, आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के अनुसार सम्भोग को सबसे उत्तम भोग क्यों कहा गया? जानिए 56 प्रकार के भोग, शिव-शक्ति, कुंडलिनी, प्रेम, ऊर्जा, मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक चेतना का गहन विश्लेषण। भारतीय संस्कृति में “भोग” शब्द का अर्थ केवल भोजन, धन, वैभव या इंद्रिय सुख तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह … Read more

2027 Self Enumeration Guide: ऑनलाइन स्व-गणना कैसे करें, SE ID, Registration और पूरी प्रक्रिया हिंदी में

उत्तर प्रदेश जनगणना-2027 में Self Enumeration कैसे करें स्वगणना? जानिए ऑनलाइन स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया, रजिस्ट्रेशन, SE ID, मकान सूचीकरण, जरूरी दस्तावेज, लाभ, सावधानियाँ और Verification की सम्पूर्ण जानकारी आसान हिंदी में। भारत में जनगणना केवल लोगों की गिनती भर नहीं होती, बल्कि यह देश की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, तकनीकी और विकास संबंधी वास्तविक स्थिति … Read more

विधान सभा चुनाव 2026: बीजेपी को असम, बंगाल, पुडुचेरी में जीत: मीडिया की चिल्लाहट बनाम जमीनी हकीकत— विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण

विधान सभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी की असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में जीत का गहराई से विश्लेषण। जानिए मीडिया की चिल्लाहट और जमीनी हकीकत में कितना फर्क है, क्या कहते हैं सर्वे, और कैसे बनी बीजेपी की रणनीतिक बढ़त। पढ़ें पूरा विश्लेषणात्मक लेख। विधान सभा चुनाव 2026 विश्लेषण भारतीय राजनीति में जब … Read more

देवरिया 4 मई: तीन राज्यों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न

देवरिया 4 मई। देश के चार राज्यों एवं एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की तीन राज्यों असम, पश्चिम बंगाल एवं पुडुचेरी में ऐतिहासिक जीत से उत्साहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न जगहों पर इकट्ठा होकर एक दूसरे को मिठाई खिलाई एवं पटाखे छोड़कर खुशी … Read more

कम ट्रैफिक में ज्यादा कमाई कैसे करें? गूगल से पैसे कैसे कमाए फ्री में? — भीड़ नहीं, 1 बुद्धि कमाती है

कम ट्रैफिक में भी गूगल से पैसे कैसे कमाए फ्री में Google adsense account से ज्यादा कमाई कैसे होती है? जानिए High Intent ट्रैफिक, Ads Placement, CPC और कंटेंट रणनीति का गहन विश्लेषण। ✍️ अमित श्रीवास्तवयह सबसे बड़ा झूठ है कि Google adsense account सिर्फ ट्रैफिक से चलता है—गूगल ऐडसेंस क्या है इन हिंदी ? … Read more
Button मुख्य उद्देश्यों में शामिल हैं-

यातायात और रेलवे प्रबंधन की अव्यवस्थाओं को दर्शाना

ट्रेनों के देरी से चलने, सही अपडेट न मिलने और अव्यवस्थित भीड़ प्रबंधन के कारण श्रद्धालुओं को यात्रा में हुई कठिनाइयों को सामने लाना।

प्रशासनिक हकीकत को उजागर करना

संगम स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को नाविकों द्वारा मनमाने किराए लेने और पीपा पुलों के बंद होने से होने वाली परेशानियों को दर्शाना।

श्रद्धालुओं की समस्याओं को आवाज़ देना

आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए संगम स्नान का कठिन हो जाना, अधिक किराया देकर यात्रियों का इधर-उधर भटकना, और प्रशासन द्वारा समय रहते समाधान न निकाल पाना।

भविष्य में सुधार की आवश्यकता पर ज़ोर देना

सरकार और प्रशासन को यह बताना है कि इस तरह की अव्यवस्थाएँ न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुँचाती हैं, बल्कि महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।

वसंत पंचमी शाही स्नान पर प्रयागराज महाकुंभ में अव्यवस्थाओं का आखों देखी हाल

महाकुंभ 2025 में वसंत पंचमी शाही स्नान के दौरान अव्यवस्था का उद्देश्य उजागर करना

उत्तर प्रदेश। वसंत पंचमी से एक दिन पहले ट्रेनों की टाइम टेबल पूरी तरह से बिगड़ी, जगह-जगह वसंत पंचमी पर शाही स्नान के लिए उमड़े जनसैलाब को जाने में तमाम कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। महाकुंभ 2025 में सरकार और प्रशासन की लापरवाही से घटी घटना से संगम जाने वाले श्रद्धालुओं के मन में भय व्याप्त है जो श्रधा भक्तिभाव से जाने के लिए तैयार हो रहा उसे तमाम परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। बहुत सारे लोग रेलवे स्टेशनों से अपने अपने घर को वापस होते हुए देखे जा रहे थे, क्योंकि? रेलवे स्टेशनों पर न ट्रेनों का सही अपडेट मिल रहा था, न ही ट्रेन अपने टाइम टेबल से रही।

जगह जगह अफरा-तफरी के बीच श्रद्धालु किसी भी ट्रेन से प्रयागराज महाकुंभ 2025 संगम जाने के लिए प्रयास करते देखे गए। नतीजा यह हुआ कि जिन्हे झूसी जाना था, अपने रूट पर वो प्रयागराज छिंक्की चले गए। वहां मेला प्रशासन संगम स्नान के लिए उधर स्थित यमुना नदी के लिए घाट नम्बर 26 से 41 के लिए भेजता रहा और श्रद्धालुओं में असंतोष देखा गया। संगम क्षेत्र जाने के लिए बने पीपा पुलों को बंद कर दिया गया था।

हाइकोर्ट से लगा कैंप घाट नम्बर 41 के पास से नाव की व्यवस्था थी। नाविक मुंहमांगा रुपये का डिमांड करते देखे गए, जिसमें कुछ श्रद्धालु तो हजार पंद्रह सौ तक कि डिमांड पूरी कर नाव से संगम क्षेत्र तक जा रहे थे। इस पर वहां प्रशासन से पूछा गया तो प्रशासन ने बताया नाव का शुल्क संगम तक जाने आने के लिए पहले 75 रुपये निर्धारित था, अब उसे 100 रुपये किया गया है।

वहीं प्रशासन के सामने संगम पर जाने आने के लिए नाविकों से बात करते देखा गया जो नाविक मुह मांगी रकम का डिमांड कर रहे थे। जिनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नही वो अव्यवस्था के कारण संगम या गंगाजल का स्पर्श भी नहीं कर पा रहे। सरकारी व्यवस्था का दोष देते श्रद्धालु इधर-उधर भटकते रहे। अंततः अपने घर वापसी के लिए भी परेशानी का सामना करते देखे गए।

संगम यात्रा के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर व भटनी से चलने वाली 02 फरवरी रात्री समय की ट्रेनों का स्टेशनों पर अपडेट नही मिलने की वजह से हजारों यात्री भिन्न-भिन्न रेलवे स्टेशनों से गोरखपुर अहमदाबाद एक्सप्रेस में संगम स्नान के लिए उमड़ पड़े जो प्रयागराज छिंक्की स्टेशन पर उतर घाट नम्बर 41 की तरफ़ भेज तो दिए गए लेकिन यमुना में स्नान करना पड़ा और वापसी के लिए ट्रेन झूंसी से होने के कारण वापसी के लिए झूंसी स्टेशन तक पहुंच पाने के लिए भटकते रहे। थोड़ी थोड़ी दूर चलने के लिए सौ दो सौ से पांच पांच सौ बाइक वाले युवकों को देकर इधर-उधर जाते हुए देखे गए।

इस पर ट्राफिक व्यवस्था सम्भालने वाले पुलिस प्रशासन से पूछा गया तो उनका कहना था, बाइक पर बैठकर आने-जाने वाले अगर यहां शिकायत दर्ज कयायेगे तो कार्यवाई की जाएगी। प्रशासन के सामने ही यात्री बाइक वाले युवाओं से पैसा कम करने की बात करते रहे लेकिन प्रशासन यात्रियों के शिकायत दर्ज कराने की प्रतिक्षा करता रहा। किसी-किसी तरह से श्रद्धालु नजदीकी रेलवे स्टेशन जाते देखे गए, वहां की स्थिति यह थी कि ट्रेनों के रद्द होने की सूचना मिलती रही फिर इस स्टेशन से उस स्टेशन का चक्कर काटने में हजारों रुपये खर्च करते रहे।

भारी संख्या में लोग मेन स्टेशन प्रयागराज जंक्शन को प्रस्थान कर रहे थे, जहां ट्रेन कहीं और कि बताकर बीच रास्ते में ही स्थगित करने की जानकारी मिलती रही। आखों देखी आपको बता दें कि 03 फरवरी लगभग 09:00 बजे रात को रेलवे स्टेशन प्रयागराज जंक्शन पर प्लेटफार्म नम्बर 08 पर वाराणसी आजमगढ़ भटनी देवरिया होते हुए गोरखपुर तक कि यात्रा करने वाले श्रद्धालु जनों को प्रस्थान करने के लिए ट्रेन आई जिसका एप्स पर कोई जानकारी नहीं थी और यात्रियों को पुलिस प्रशासन ट्रेन में भेजता गया, जिसे बीच रास्ते में ज्यादा देर तक इधर-उधर रोकते हुए बनारस रेलवे स्टेशन पर लगभग तीन बजे रात को स्थगित कर दिया गया।

वहां से होकर गुजरने वाली चौरी चौरा एक्सप्रेस, लिक्ष्वी एक्सप्रेस, बनारस गोरखपुर इंटरसिटी आदि ट्रेन निरस्त कर दी गई थी। कोई गाड़ी की सूचना न होने से यात्री टेम्पो से मुह मांगी किराया दे देकर बनारस सिटी के लिए प्रस्थान करते देखे गए जहां से 07:15 पर एक पैसेंजर ट्रेन भटनी जंक्शन के लिए यात्रियों को मिली। इस तरह देखा जाए तो महाकुंभ 2025 मेले में ढिंढोरा पिटीं जा रही व्यवस्थाओं की अव्यवस्था स्पष्ट देखी जा सकती है। गूगल ब्लाग पोस्ट पढ़ने के लिए ब्लू लाइन पर क्लिक यहां क्लिक किजिये क्रमशः पढ़िए अपनी पसंदीदा लेख हमारे ब्लाग पर।

महाकुंभ 2025 की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन और सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन वसंत पंचमी जैसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व पर जो अव्यवस्था दिखी, उसने इन दावों को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। आवश्यक है कि आने वाले मुख्य स्नान पर्वों से पहले रेलवे, यातायात और भीड़ प्रबंधन को दुरुस्त किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

Leave a Comment