डॉक्टर हत्याकांड: फेसबुक से दोस्ती, पत्नी प्रेमी संग संतुष्ट- क्राइम लव स्टोरी पति और 4 साल के बेटे की हत्या

Amit Srivastav

Updated on:

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सनसनीखेज डॉक्टर हत्याकांड और उनके 4 साल के बेटे नितिन की हत्या का पूरा मामला, जहां पत्नी अर्चना यादव ने प्रेमी अजय यादव के साथ मिलकर साजिश रची। परिवार की पृष्ठभूमि, अफेयर की शुरुआत, हत्या की रात, पुलिस जांच, गिरफ्तारी, अदालती फैसला और जेल की घटनाओं की विस्तृत कहानी। यह घटना सोशल मीडिया के दुरुपयोग और पारिवारिक टूटन की चेतावनी है। पढ़ें सच्चाई को उजागर करता “क्राइम लव स्टोरी” लेखक चित्रगुप्त वंशज अमित श्रीवास्तव कि कर्म-धर्म लेखनी में, पोस्ट अधिक से अधिक शेयर करें ताकि प्रेम में फंसने वाले, भविष्य में आने वाली मुश्किलों को जानें और ऐसी वारदातों को रोकने में मदद मिले।


उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र की अशोकनगर कॉलोनी में 20 जनवरी 2016 की रात एक ऐसा खौफनाक हादसा हुआ, जिसने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया बल्कि पूरे समाज को सोशल मीडिया के अंधेरे पक्ष पर सोचने पर मजबूर कर दिया। सफल नेत्र चिकित्सक डॉक्टर ओम प्रकाश यादव और उनके मासूम 4 साल के बेटे नितिन की नृशंस हत्या ने इलाके को हिलाकर रख दिया।

शुरुआत में यह लूटपाट और डकैती का मामला लग रहा था, लेकिन पुलिस की त्वरित और गहन जांच ने एक दिल दहला देने वाला सच सामने लाया—यह सब ओम प्रकाश की पत्नी अर्चना यादव की साजिश थी, जो फेसबुक पर शुरू हुए अफेयर में इतनी डूब गई कि अपने प्रेमी अजय यादव के साथ मिलकर पति को हथौड़े से मार डाला और खुद बेटे का गला घोंट दिया। अर्चना की क्रूरता की हद तब पार हुई जब उसने जेल में साथी कैदियों से कहा, “मैंने नितिन को पैदा किया था, मैंने ही मार दिया, तुम्हारा क्या?”

गोरखपुर हत्याकांड — यह कहानी पारिवारिक विश्वासघात, प्रेम की अंधी दौड़ और नैतिक पतन की है, जो हमें रिश्तों में संवाद की कमी और सोशल मीडिया के खतरों से आगाह करती है। आइए, इस हाई-प्रोफाइल केस की हर बारीकी को समझते हैं—परिवार की पृष्ठभूमि से लेकर अदालती फैसले और जेल की घटनाओं तक—जिसमें पुलिस ने महज दो दिनों में साजिश का पर्दाफाश किया, लेकिन यादव परिवार की पीड़ा आज भी ताजा है।

डॉक्टर हत्याकांड फेसबुक से दोस्ती अर्चना यादव ने किया प्रेमी संग मिल पति और बेटे की हत्या

फेसबुक की दोस्ती से तृप्ति कर शारीरिक संबंध डाक्टर पति और बेटे का प्रेमी संग मिल कर दी हत्या — पढ़ें अर्चना यादव की प्रेम कहानी

डॉक्टर हत्याकांड —अर्चना यादव की प्रेम कहानी

ओम प्रकाश यादव का परिवार उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के शाहपुर इलाके की अशोकनगर कॉलोनी में रहता था, जहां वे एक सम्मानित और सफल परिवार के रूप में जाने जाते थे। ओम प्रकाश एक नेत्र चिकित्सक थे, जिनका क्लीनिक शहर में अच्छा चल रहा था और वे मरीजों के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनके परिवार में दो भाई थे—बड़ा भाई राजकुमार यादव, जो उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर और उस समय बलरामपुर जिले के उतरौला थाने में तैनात थे, जबकि छोटा भाई भी परिवार का हिस्सा था।

ओम प्रकाश के पिता की मौत उनके बचपन में ही हो गई थी, लेकिन मां बागेश्वरी देवी और भाइयों ने मिलकर उन्हें पढ़ाया-लिखाया और एक कामयाब डॉक्टर बनाया। परिवार की एकजुटता ऐसी थी कि ओम प्रकाश हमेशा अपनी मां और भाइयों के साथ रहना चाहते थे। ओम प्रकाश की पहली शादी 2007 में सिंगापुर में रहने वाली एक लड़की से हुई थी, जिसका परिवार मूल रूप से गोरखपुर का था लेकिन काम के सिलसिले में सिंगापुर शिफ्ट हो गया था। वह लड़की वहां बैंक में नौकरी करती थी और आधुनिक, पश्चिमी जीवनशैली की आदी थी।

शादी के बाद भारत लौटकर ससुराल के पारंपरिक माहौल में आना उसके लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ—रहन-सहन, संस्कृति, घरेलू कामकाज और जॉइंट फैमिली की जिम्मेदारियों से उसे घुटन महसूस हुई। मात्र छह महीनों में ही यह रिश्ता टूट गया, और लड़की ने डिवोर्स लेकर वापस सिंगापुर लौटकर अपनी नौकरी जॉइन कर ली। इस घटना से ओम प्रकाश और उनके परिवार को गहरा सदमा लगा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। ओम प्रकाश की मां बागेश्वरी देवी ने फिर से बेटे के लिए रिश्ता तलाशना शुरू किया।

2009 में ओम प्रकाश की शादी अर्चना यादव से हुई, जिनके पिता दीपचंद यादव पीएसी में अधिकारी थे और उस समय लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा में तैनात थे। बाद में अखिलेश यादव की सरकार बनने पर दीपचंद उनकी सुरक्षा में भी शामिल हुए। अर्चना का परिवार मूल रूप से गाजीपुर का था लेकिन ड्यूटी की वजह से लखनऊ में बस गया था। शादी के शुरुआती साल ठीक चले—ओम प्रकाश का क्लीनिक फल-फूल रहा था, और 2012 में उनके बेटे नितिन का जन्म हुआ, जो परिवार की खुशियां दोगुनी कर गया।

हालांकि, जॉइंट फैमिली में रहने की वजह से अर्चना को घरेलू कामकाज, रसोई और अन्य जिम्मेदारियां बोझ लगने लगीं। वह अक्सर शिकायत करती कि इतने बड़े परिवार में वह बच्चे और घर को नहीं संभाल सकती। ओम प्रकाश ने अलग घर लेने से साफ इंकार कर दिया क्योंकि वह अपनी मां और भाइयों को छोड़ना नहीं चाहते थे, लेकिन परिवार ने समझौता किया और उन्हें घर के पहले फ्लोर पर अलग रहने की इजाजत दे दी, जहां वे अपना खाना-पीना अलग रख सकते थे। इस व्यवस्था से अर्चना को राहत मिली, लेकिन इससे दंपती के रिश्ते में दरारें आने लगीं।

अर्चना अब ज्यादा समय अकेले बिताती थी और बोरियत दूर करने के लिए फोन और फेसबुक पर एक्टिव हो गई। यहीं से उसकी मुलाकात अजय यादव से हुई, जो फिरोजाबाद के शिकोहाबाद इलाके के स्वामी नगर का रहने वाला था। अजय एक प्राइवेट स्कूल में टीचर था लेकिन खुद को समाजवादी पार्टी का बड़ा नेता बताकर प्रभाव जमाता था और जिला पंचायत सदस्य होने का दावा करता था। फेसबुक पर दोस्ती से बातें बढ़ीं, और जल्द ही यह रिश्ता अफेयर में बदल गया।

अर्चना मायके जाने के बहाने लखनऊ जाती और वहां अजय से मिलती, जहां उनके बीच शारीरिक संबंध भी बने। जब ओम प्रकाश घर पर नहीं होते, तो अर्चना अजय को अपनी ससुराल में ही बुला लेती और उसे दूर का रिश्तेदार बताकर कई दिनों तक रखती। दिसंबर 2015 तक हालात इतने बिगड़ गए कि अर्चना ने ओम प्रकाश के साथ कमरा शेयर करना बंद कर दिया और पास के अलग कमरे में सोने लगी, जबकि ओम प्रकाश और नितिन एक साथ सोते थे।

ओम प्रकाश को शक हुआ तो उन्होंने अजय को घर आने से मना किया और अर्चना से फोन दिखाने को कहा, लेकिन वह मना कर देती, जिससे झगड़े बढ़ गए। अर्चना ने नया सिम लेकर बातें जारी रखीं और अंत में दोनों ने फैसला किया कि ओम प्रकाश उनके रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा है, उसे हटाना जरूरी है।

अफेयर की शुरुआत और साजिश का जन्म

अर्चना और अजय की दोस्ती 2015 में फेसबुक पर शुरू हुई, जब अर्चना का बेटा बड़ा हो चुका था और घर में उसके पास ज्यादा काम नहीं रहता था। वह दिनभर फोन पर लगी रहती, जिसे शुरू में ओम प्रकाश बोरियत का नतीजा मानते थे। लेकिन धीरे-धीरे अर्चना की फोन पर घंटों बातें और फेसबुक चैटिंग बढ़ गईं। अजय, जो खुद को प्रभावशाली बताता था, ने अर्चना को इम्प्रेस किया और उनकी बातें प्यार में बदल गईं। जब ओम प्रकाश ने पूछा कि वह किससे इतनी बातें करती है, तो अर्चना ने अजय को दूर का रिश्तेदार बताया।

दोनों ने मिलने का प्लान बनाया—अजय ने लखनऊ में रूम बुक किया, जहां अर्चना मायके जाने के बहाने जाती और मिलती। उनके बीच शारीरिक संबंध बने, और जब ओम प्रकाश बाहर होते, तो अजय गोरखपुर आकर अर्चना के घर रुकता, क्योंकि अलग कमरे की वजह से कोई दिक्कत नहीं होती। अजय चार बार घर आया, और परिवार उसे रिश्तेदार मानता रहा। लेकिन ओम प्रकाश को शक हो गया, उन्होंने अजय को घर आने से रोका और अर्चना से फोन दिखाने को कहा। अर्चना ने मना कर दिया, झगड़े बढ़े, और दिसंबर 2015 में वह अलग कमरे में शिफ्ट हो गई।

नया सिम लेकर बातें जारी रहीं, और अंत में अर्चना ने अजय से कहा कि अब वे शादी कर लें। अजय सहमत हुआ, लेकिन ओम प्रकाश और नितिन को रास्ते से हटाना जरूरी समझा गया। दोनों ने 20 जनवरी 2016 की रात को प्लान बनाया, क्योंकि उस दिन पास में एक पड़ोसी की वेडिंग एनिवर्सरी पार्टी थी और परिवार के ज्यादातर सदस्य वहां गए थे।

हत्या की रात: क्रूरता की हद पार

20 जनवरी 2016 की शाम को अशोकनगर कॉलोनी में एक पड़ोसी की शादी की सालगिरह की पार्टी थी, जहां यादव परिवार को आमंत्रित किया गया था। परिवार के सभी सदस्य वहां गए, लेकिन अर्चना ने तबीयत खराब बताकर नहीं जाना चुना। ओम प्रकाश और नितिन पार्टी में गए लेकिन रात करीब 10 बजे लौट आए, क्योंकि नितिन मां के पास जाने की जिद कर रहा था। अर्चना ने पहले से ही अजय को अवध एक्सप्रेस ट्रेन से गोरखपुर बुलाया था और उसे अपने अलग कमरे में छिपा लिया था। पहुंचते ही दोनों ने शारीरिक संबंध बनाए।

ओम प्रकाश और नितिन सो गए तो आधी रात करीब 12 बजे अर्चना ने अजय को जगाया और दोनों ओम प्रकाश के बेडरूम में घुसे। ओम प्रकाश उल्टे लेटे थे, अजय ने साथ लाए हथौड़े से उनके सिर पर पहला वार किया, फिर दो और वार करके उन्हें मार डाला। खून बहता देख चीख सुनकर नितिन जाग गया और डरकर मां की गोद में छिप गया। अर्चना ने अजय से कहा कि बच्चे को भी मार दो क्योंकि उसने हमें देख लिया है और सुबह दादी को बता देगा।

अजय ने मना कर दिया, बोला- “बच्चे का क्या कसूर है? मैं उसे नहीं मार सकता।” तब अर्चना ने कहा- “तुम नहीं मार सकते तो मैं ही मार देती हूं,” और खुद नितिन का गला घोंटना शुरू कर दिया, तब तक दबाए रखा जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं। हत्याओं के बाद, दोनों ने फिर शारीरिक संबंध बनाए, फिर लूट का सीन क्रिएट करने के लिए घर का सामान बिखेरा, अलमारी से कैश, गहने और मोबाइल निकाले, और कमरे की कुंडी अंदर से तोड़ी। अर्चना अपने अलग कमरे में चली गई, अजय ने बाहर से कुंडी बंद की और भागकर ट्रेन से फिरोजाबाद लौट गया।

पुलिस जांच: दो दिनों में साजिश का पर्दाफाश

21 जनवरी 2016 की सुबह घर में कंस्ट्रक्शन कर रहे मजदूर काम पर आए और ओम प्रकाश को जगाने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा लॉक न होने से उन्होंने धक्का दिया और अंदर जाकर खून से सने शव देखे—ओम प्रकाश का सिर फटा हुआ था, फर्श पर खून फैला था, और नितिन का शव पास में था। वे चीखते हुए नीचे भागे, जहां से अर्चना की मदद की आवाज आ रही थी। पड़ोसी और परिवार इकट्ठा हुए, पुलिस बुलाई गई। शाहपुर थाना पुलिस पहुंची, घटनास्थल सील किया, शव पोस्टमॉर्टम भेजे।

बागेश्वरी देवी की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या और लूट का केस दर्ज हुआ। अर्चना के पिता दीपचंद ने सीएम ऑफिस से दबाव डाला, जिससे डीआईजी आरके चतुर्वेदी, एसएसपी लव कुमार और फॉरेंसिक टीम सक्रिय हुई। जांच में कुंडी अंदर से टूटी मिली, सामान बिखरा था लेकिन अर्चना पर कोई चोट नहीं। पोस्टमॉर्टम से पता चला कि ओम प्रकाश को सोते हुए सिर पर वार किया गया, कोई संघर्ष नहीं, नितिन का गला दबाया गया। मजदूरों पर शक हुआ लेकिन कुछ नहीं मिला। बागेश्वरी ने अर्चना के फोन की आदत और झगड़ों के बारे में बताया।

पुलिस ने अर्चना का फोन चेक किया, कॉल डिटेल्स और फेसबुक चैट्स से अजय का अफेयर साबित हुआ। अजय को फिरोजाबाद से गिरफ्तार किया गया, उसने कबूल किया, जिससे अर्चना भी गिरफ्तार हुई। 22 जनवरी को पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया, हथौड़ा, गहने आदि बरामद। एसएसपी लव कुमार ने कहा, “यह लूट का नहीं, बल्कि प्रेम प्रसंग का मामला है।”

कबूलनामा और क्रूरता की हकीकत

अजय की पूछताछ में पूरी कहानी सामने आई—उसने बताया कि अर्चना की योजना थी, वह हथौड़ा लेकर आया, ओम प्रकाश को मारा, लेकिन नितिन को मारने से मना किया। अर्चना ने खुद गला घोंटा। अजय ने कहा, “यह अर्चना का आइडिया था, वह कहती थी कि दोनों को मारकर हम खुशी से शादी कर लेंगे।” अर्चना ने भी कबूल किया, लेकिन जेल में उसकी क्रूरता और उजागर हुई।

जेल में बोली- ‘बच्चा मैंने पैदा किया था, मैंने ही मार दिया, तुम्हारा क्या?’
डॉक्टर हत्याकांड: फेसबुक से दोस्ती, पत्नी प्रेमी संग संतुष्ट- क्राइम लव स्टोरी पति और 4 साल के बेटे की हत्या

अर्चना यादव की फोटो —खुशहाल जीवन से जेल की यात्रा तक।सोशल मीडिया की देन —फेसबुक से हुई दोस्ती, बना मनपसंद शारीरिक संबंध, दूसरी शादी का ख्वाब अधूरा, जेल प्रशासन नही देता प्रेमी से जेल में मिलने की इजाजत।

अदालती फैसला: उम्रकैद की सजा

डॉक्टर हत्याकांड मामले की सुनवाई गोरखपुर की एडिशनल सेशन कोर्ट में चली, जहां सबूतों, कबूलनामों, गवाहों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर चार्जशीट दाखिल हुई। सुनवाई के दौरान अर्चना और अजय के अफेयर, हत्या की प्लानिंग और वारदात की डिटेल्स पर बहस हुई। 17 अक्टूबर 2020 को एडिशनल सेशन जज ज्ञान प्रकाश शुक्ल ने दोनों को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई, साथ ही 65,000 रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त 3.5 साल की सजा का प्रावधान किया गया। फैसले में जज ने अपराध की क्रूरता पर टिप्पणी की, खासकर एक मां द्वारा अपने बच्चे की हत्या को “अमानवीय” बताया।

जेल में बाद की घटनाएं और सबक

दोनों अभी गोरखपुर जेल में सजा काट रहे हैं। जेल में अर्चना का व्यवहार विवादास्पद रहा—जब अन्य महिला कैदियों ने नितिन की हत्या पर सवाल किया तो उसने कहा, “मैंने नितिन को पैदा किया था, मैंने ही मार दिया, तुम्हारा क्या?” इससे कैदियां भड़क गईं और उन्होंने अर्चना की जमकर पिटाई कर दी, जिसके बाद जेल प्रशासन ने हस्तक्षेप कर उसे अलग बैरक में शिफ्ट किया। अर्चना ने कई बार जेल में बंद अजय से मिलने की मांग की, लेकिन कानूनी तौर पर शादी न होने से इजाजत नहीं मिली।

यह केस सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव, पारिवारिक कलह और नैतिक पतन को उजागर करता है, जहां प्रेम के नाम पर एक महिला ने अपनी ही संतान को कुर्बान कर दिया। पुलिस की दो दिनों में केस सॉल्व करने की तारीफ हुई, लेकिन यादव परिवार की पीड़ा आज भी बरकरार है। इस घटना से सबक लेना जरूरी है कि रिश्तों में संवाद और विश्वास की कमी कितनी घातक हो सकती है, और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सतर्क रहना चाहिए। amitsrivastav.in पर उपलब्ध अपनी पसंदीदा लेख पढ़ने के बेल आइकॉन को दबा एक्सेप्ट करें, एप्स इंस्टाल करें। अधिक से अधिक शेयर करें।

Conclusion:> प्राचीन शास्त्रों की शिक्षा आज भी समाज में स्वस्थ संबंध और परिपक्व दृष्टिकोण के लिए महत्वपूर्ण है।Disclaimer:> यह लेखन सामग्री केवल सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से है, जो जघन्य अपराध को रोकने में मदद करेंगी। यह लेख किसी भी प्रकार से अनैतिक संबन्धों को प्रोत्साहित नही करता है। न ही कोई शारीरिक संबंधों से जूड़ा यहां लिंक दिया गया है। यह पूरी तरह से पारिवारिक लेख है।

click on the link ब्लाग पोस्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

डॉक्टर हत्याकांड: फेसबुक से दोस्ती, पत्नी प्रेमी संग संतुष्ट- क्राइम लव स्टोरी पति और 4 साल के बेटे की हत्या

देवरिया 5 जून: पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी— सभाकुंवर कुशवाहा

देवरिया 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्थानीय तहसील क्षेत्र के ग्राम करही भुवन में भाजपा भाटपार रानी मंडल के द्वारा वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और हरित वातावरण को बढ़ावा देना था।इस अवसर पर दर्जनों पौधे लगाए … Read more
डॉक्टर हत्याकांड: फेसबुक से दोस्ती, पत्नी प्रेमी संग संतुष्ट- क्राइम लव स्टोरी पति और 4 साल के बेटे की हत्या

Astro Physics, AI और Robotics की रहस्यमयी दुनिया: क्यों तेजी से बढ़ रहा है युवाओं में विज्ञान सीखने का 1 जुनून?

Astro Physics, AI और Robotics की रहस्यमयी दुनिया क्यों युवाओं को आकर्षित कर रही है? जानिए Black Hole, Space Science, Artificial Intelligence, Robots, Alien Life और भविष्य की तकनीकों का एक विस्तृत शैक्षणिक विश्लेषण। आज की युवा पीढ़ी केवल पारंपरिक शिक्षा, नौकरी और मनोरंजन तक सीमित नहीं रह गई है। इंटरनेट, Artificial Intelligence, Space Research … Read more
डॉक्टर हत्याकांड: फेसबुक से दोस्ती, पत्नी प्रेमी संग संतुष्ट- क्राइम लव स्टोरी पति और 4 साल के बेटे की हत्या

देवरिया में आंगनबाड़ी नियुक्ति विवाद महिला ने डीएम से की निष्पक्ष जांच की मांग

देवरिया जिले के भागलपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम गहिला में आंगनबाड़ी कार्यकत्री की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। गांव की निवासी कमलावती सिंह ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि वर्ष 2004 में उन्हें विधिवत चयनित किए जाने के बावजूद बाद में साजिश के तहत कुछ वर्ष बाद हटाकर दूसरी … Read more
डॉक्टर हत्याकांड: फेसबुक से दोस्ती, पत्नी प्रेमी संग संतुष्ट- क्राइम लव स्टोरी पति और 4 साल के बेटे की हत्या

Kisan Sammelan Gwalior In Nidhi Singh: पूर्व ब्लैक कैट कमांडर्स ने 1 राम दरबार भेंट कर किया अभिनंदन

ग्वालियर में आयोजित कृषि सम्मेलन Kisan Sammelan Gwalior में पूर्व ब्लैक कैट कमांडर्स ने निधि सिंह को राम दरबार भेंट कर सम्मानित किया। निधि सिंह ने किसानों को प्राकृतिक खेती, सहकारिता और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में आयोजित एक भव्य सहकारिता कृषि सम्मेलन में देश-विदेश में अपनी उपलब्धियों और … Read more
डॉक्टर हत्याकांड: फेसबुक से दोस्ती, पत्नी प्रेमी संग संतुष्ट- क्राइम लव स्टोरी पति और 4 साल के बेटे की हत्या

20 May Deoria: वेतन संकट से जूझ रहे स्वास्थ्य कर्मियों का फूटा गुस्सा, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध — “जनता की सेवा करें या परिवार बचाएं?”

20 May Deoria। में एनएचएम कर्मियों, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सीएचओ और डॉक्टरों ने लंबित वेतन के विरोध में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। जानिए वेतन संकट, कर्मचारियों की मांग और स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ने वाले असर की पूरी रिपोर्ट। महीनों से लंबित वेतन ने स्वास्थ्य कर्मियों को आर्थिक और मानसिक संकट में धकेला।देवरिया में स्वास्थ्य … Read more
डॉक्टर हत्याकांड: फेसबुक से दोस्ती, पत्नी प्रेमी संग संतुष्ट- क्राइम लव स्टोरी पति और 4 साल के बेटे की हत्या

NCF 2023 के संदर्भ में भाषा शिक्षण: गहन अध्ययन, कौशल और रचनात्मकता की तरफ

नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा 2023 (NCF 2023) ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लाया है। भाषा शिक्षण के क्षेत्र में सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि पुरानी रट्टू प्रणाली को पूरी तरह खारिज कर दिया गया है। हिंदी भाषा को अब ‘कोर्स A और B’ के स्थान पर … Read more
डॉक्टर हत्याकांड: फेसबुक से दोस्ती, पत्नी प्रेमी संग संतुष्ट- क्राइम लव स्टोरी पति और 4 साल के बेटे की हत्या

जनगणना-2027 : देश की आबादी गिनने से पहले सरकार मोबाइल की औकात क्यों गिन रही है?

जनगणना-2027 पर बड़ा सवाल सरकारी काम या महंगे स्मार्टफोन बेचने की योजना? जनगणना-2027 एप्स पुराने एंड्रॉयड मोबाइल में न चलने पर प्रगणकों में नाराजगी। क्या डिजिटल इंडिया के नाम पर कर्मचारियों पर महंगे मोबाइल और डेटा खर्च का दबाव डाला जा रहा है? प्रगणकों की जेब पर डिजिटल हमला! जनगणना-2027 एप्स पर व्यंग्यात्मक विश्लेषण। पुराने … Read more
कामाख्ये वरदे देवी नील पर्वत वासिनी। त्वं देवी जगत माता योनिमुद्रे नमोस्तुते।। sexual intercourse भोग संभोग

Yoni Sadhana Vidhi योनि साधना अदृष्ट शक्ति का महाप्रवाह वृहद तांत्रिक ग्रंथ 40 अध्याय

Yoni Sadhana Vidhi —तंत्र, शक्ति, कुण्डलिनी और ब्रह्माणी योनि का गूढ़ विज्ञान। वाममार्ग व दक्षिणमार्ग साधना का विस्तृत आध्यात्मिक वर्णन कामेश्वरी देवी कामाख्या की मार्गदर्शन में। जानें योनि साधना क्या है सम्पूर्ण मार्गदर्शिका। भूमिका/प्रस्तावनायोनि साधना: अदृष्ट शक्ति का महाप्रवाह केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय तांत्रिक परंपरा के उस गूढ़ विज्ञान का उद्घाटन है, जिसे … Read more
डॉक्टर हत्याकांड: फेसबुक से दोस्ती, पत्नी प्रेमी संग संतुष्ट- क्राइम लव स्टोरी पति और 4 साल के बेटे की हत्या

16 मई: वेतन भुगतान में देरी से स्वास्थ्य कर्मियों में बढ़ी नाराजगी, परिवार चलाना हुआ मुश्किल

देवरिया 16 मई। जनपद देवरिया में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मार्च माह से वेतन न मिलने के कारण भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। चाहे फील्ड में कार्यरत कर्मचारी हों या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी, सभी वेतन भुगतान में हो रही देरी … Read more
यक्षिणी साधना, सरल यक्षिणी साधना, काम यक्षिणी Yakshini sadhna

56 प्रकार के भोग में सबसे उत्तम भोग सम्भोग: धर्म, तंत्र, योग और विज्ञान के अनुसार प्रेम, ऊर्जा और चेतना का रहस्य

भारतीय दर्शन, तंत्र, योग, आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के अनुसार सम्भोग को सबसे उत्तम भोग क्यों कहा गया? जानिए 56 प्रकार के भोग, शिव-शक्ति, कुंडलिनी, प्रेम, ऊर्जा, मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक चेतना का गहन विश्लेषण। भारतीय संस्कृति में “भोग” शब्द का अर्थ केवल भोजन, धन, वैभव या इंद्रिय सुख तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह … Read more

Leave a Comment