प्रयागराज। माघ मेला के अन्तर्गत संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित कला संगम सांस्कृतिक संध्या के कार्यक्रम का आयोजन एवं देश के विख्यात लोक कलाकारों ने अपनी सुन्दर प्रस्तुतियां पेश कीं। हीतेश भारद्वाज व उनके साथी लखनऊ के प्रसिद्ध भजन गायक ने गणेश बंदन से आज के कार्यक्रम का आगाज़ किया। कबीर की सूफ़ी विचार धारा को बहुत सुन्दरता के साथ पेश करते हुए “कुछ लेना न देना मगन रहना….”, रचा है सृष्टि को जिस प्रभू ने, वही यह सृष्टि चला रहे हैं…..”, “मन लागा मेरा यार फकीरी में…..” जैसी सुन्दर रचनाओं का गायन कर दर्शकों का मन मोह लिया।
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माघ मेला के अन्तर्गत संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित कला संगम
शास्त्रीय संगीत के प्रख्यात गायक प्रोफेसर पंडित साहित्य कुमार नाहर ने अपने कलाकार साथियों के साथ सितार वाद्य वृन्द, राग कल्यान में गत, मिश्र खमाज पारंपरिक धुन तथा ” राम चन्द्र कृपालु भजमन……” का सुन्दर प्रस्तुतिकरण किया।
इसी बीच एक 10 साल के बाल कवि कविराज रघुनंदन ने गिद्धराज जटायू की वीरता पर “वेश बदल कर चली दशानन, पर्ण कुटीर के द्वार खड़ा” कविता सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया।
वाराणसी के प्रख्यात भजन गायक मासूम अली व टीम ने गंगा गीत “गंगा मैय्या सुन लो अर्जियां हमारे….” “तोहरा ही सेवा में आठों पहरिया…… “, जय बोलो राजा राम की……….”, जय शिव शंकर अविनाशी ……” भजन सुनाकर दर्शकों का दिल जीत लिया।
रंजना उपाध्याय व उनकी टीम ने शिव की स्तुति नृत्य का मंचन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं, माला शर्मा कथक पर लोक नृत्य एवं तराना का सुन्दर मंचन किया।
लोक गीत की मशहूर कलाकार डा मेनका मिश्रा लखनऊ की सुगम संगीत गायिका में बड़ा नाम है, इन्होंने राम भजन ” मेरो मन राम ही राम रटे रे…..”, “गंगा मैय्या पुकारे…….”, कौन ठगवा नगरिया लूटल हो……”, एक सूफी प्रस्तुति मेरे कान्हा कान्हा……….”. गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
माला शर्मा लखनऊ घराने की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना पं अर्जुन मिश्रा व पूर्णिमा पांडेय की शिष्या दूरदर्शन की अनुमोदित कलाकार हैं ने अपनी टीम के साथ “केवट के राम” नृत्य नाटिका को प्रस्तुत किया।
कथक एवं लोक नृत्यांगना लखनऊ से आयीं मशहूर अदाकारा अंशिका त्यागी ने सर्वप्रथम राजस्थानी नृत्य की सुन्दर प्रस्तुति देते हुये राजस्थान के नृत्य को विभिन्न रूप में प्रस्तुत किया। दूसरी प्रस्तुति में अवधी नृत्य की झलक देखने को मिली, अंतिम प्रस्तुति के रूप में हरियाणवी नृत्य की प्रस्तुति का सुन्दर मंचन कर मंच के साथ दर्शकों का ह्रदय ही लूट लिया।
संस्कृति विभाग के गंगा पंडाल में कला संगम के आज के कार्यक्रम की मशहूर भजन गायिका तृप्ति शाक्या व उनके साथी कलाकारों के प्रसिद्ध भजन “कभी राम बनके कभी श्याम बनके…..”, “सत्यम शिवम सुंदरम……….”, मनिहारी का भेष श्याम चूड़ी बनाया इत्यादि को गाकर श्रोताओं को सम्मोहित कर दिया।
अश्विनी पटेल अध्यक्ष पिछड़ा मोर्चा काशी प्रांत, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के सदस्य आर पी बघेल , संस्कृति विभाग नोडल अधिकारी सुभाष चन्द्र यादव, गुलाम सरवर ने सभी मूर्धन्य कलाकारों को अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र देकर गौरवांवित किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अरविंद मिश्रा, ललित कला अकादमी लखनऊ के अधिकारी देवेन्द्र त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।
amitsrivastav.in पर प्रयागराज से राहुल सिंह की रिपोर्ट। मेला स्पेशल खबरों को पढ़ने के लिए बेल आइकॉन को दबा एक्सेप्ट करें एप्स इंस्टाल करें।
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