Politics
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जनगणना-2027 : देश की आबादी गिनने से पहले सरकार मोबाइल की औकात क्यों गिन रही है?
जनगणना-2027 पर बड़ा सवाल सरकारी काम या महंगे स्मार्टफोन बेचने की योजना? जनगणना-2027 एप्स पुराने एंड्रॉयड मोबाइल में न चलने ...

विधान सभा चुनाव 2026: बीजेपी को असम, बंगाल, पुडुचेरी में जीत: मीडिया की चिल्लाहट बनाम जमीनी हकीकत— विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण
विधान सभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी की असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में जीत का गहराई से विश्लेषण। ...

1 News National का इंटरव्यू: रजनी शाह से हिंदुत्व, मानवाधिकार और महिला आत्मनिर्भरता पर तीखी लेकिन संतुलित बातचीत
I News National (North East) के विशेष स्टूडियो में प्रसारित एक इंटरव्यू इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय ...

प्रयागराज में प्रतिबंधित पॉलीथिन का धड़ल्ले से इस्तेमाल: पर्यावरण संरक्षण के दावों की खुला पोल – 1 शैक्षणिक और राजनीतिक विश्लेषण
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख शहर जो गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम के लिए प्रसिद्ध है, प्रतिबंधित पॉलीथिन ...

इतिहास का युद्ध: कैसे अतीत को वर्तमान की राजनीति का हथियार बनाया गया|UGC विवाद 1 विश्लेषण
इतिहास का युद्ध, भारत में इतिहास लेखन कैसे वैचारिक युद्धभूमि बना? पाठ्यक्रम, प्रतीक, नायक–खलनायक और पहचान की राजनीति के ज़रिए ...

SC/ST Act और डर का संविधान: जब कानून न्याय से ज़्यादा राजनीति का औज़ार बन जाए| जैसे 1 UGC विवाद
SC/ST ACT अत्याचार निवारण अधिनियम की ज़रूरत, उसके दुरुपयोग के आरोप, सुप्रीम कोर्ट बनाम सरकार और सवर्ण समाज में बढ़ते ...

EWS आरक्षण: एक धोखा, एक भ्रम — जब गरीबी भी जाति देखकर 8 लाख सलाना आय तय की गई | UGC विवाद
EWS आरक्षण क्यों एक वास्तविक राहत नहीं बल्कि राजनीतिक छलावा बन गया? जमीन की शर्तें, जटिल प्रक्रिया और बार बार ...

मौन का संविधान: कैसे सवर्ण समाज ने चुप रहकर अपना भविष्य खो दिया | UGC विवाद 2026
भारत में सवर्ण समाज की चुप्पी कैसे धीरे-धीरे उसके शिक्षा, नौकरी, सम्मान और राजनीतिक अस्तित्व के विनाश का कारण बनी? ...

टैरिफ वॉर और Global Supply Chain का महाभूकंप: 2026 में बदलती विश्व अर्थव्यवस्था का निर्णायक विश्लेषण
टैरिफ वॉर कैसे वैश्विक सप्लाई चेन को तोड़ रहा है? (Global Supply Chain) चीन-अमेरिका संघर्ष, चाइना+1 रणनीति और 2026 में ...

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का धरना: सनातन, सत्ता और लोकतंत्र के टकराव की एक सभ्यतागत विश्लेषण
प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में स्वामी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का धरना केवल किसी एक संत के अपमान, किसी एक ...

26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस, जानिए इतिहास और रोचक तथ्य
26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस? क्या सिर्फ इसी दिन संविधान लागू हुआ था या इसके ...

अंधेरपुर नगरी चौपट राजा: टका सेर भाजी, टका सेर खाजा— व्यंग्यात्मक Wonderful 1 लेख
अंधेरपुर नगरी चौपट राजा पर आधारित यह व्यंग्यात्मक लेख सत्ता की चालाकियों, महंगाई, झूठे वादों, मीडिया की भूमिका और जनता ...

जनता, व्यापारी और राजा — दामों का खेल, सत्ता का चक्रव्यूह और मूर्ख बनाने की 10 Wonderful कला
राज्य, समाज और सत्ता का चक्रव्यूह जटिल संरचनाएँ हमेशा कहानियों के माध्यम से ही बेहतर समझ में आती हैं, क्योंकि ...

संविदा कर्मी, पेंशन और सोना: नेताओं की चमक, जनता की थकान – 1 Wonderful व्यंग्यात्मक विश्लेषण
भारत में सरकारी कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था के खत्म होने, संविदा नीति की बढ़ती विडंबना और नेताओं की पेंशन संस्कृति पर आधारित यह व्यंग्यात्मक लेख सत्ता, झूठ और जनता की बेबसी का जीवंत चित्रण है। जानें कैसे भाजपा सरकार जनहितैषी नही अपने हितों में काम करती है।

फेकू भाई सुना है कि!!! भारत का ‘ग्लोबल एग्जिट पोल’ – जहां नागरिकता छोड़ना सरकार का 1 ‘नया भारत’ है!
अरे फेकू भाई! तूने तो वो वायरल ट्वीट पकड़ लिया, जिसमें लिखा है – “2014 से 2024 तक मात्र 15,77,256 ...

महिलाओं की राजनीति में आवश्यकता: सशक्तिकरण, समानता और सामाजिक परिवर्तन का आधार
महिलाओं की राजनीति में भागीदारी न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए आवश्यक है, बल्कि यह सामाजिक समानता, ...

जातिवाद का खेल: जाति का 3 जादू, सत्ता की मलाई, भाई-भतीजे की थाली!
उत्तर प्रदेश की सियासत में जातिवाद का खेल बेनकाब! मुलायम, मायावती से संन्यासी बाबा तक, कैसे राजनीतिक ‘जाति वीआईपी’ मलाई ...

भाजपा सरकार की झमाझम योजना: 1 Wonderful व्यंग्यात्मक महाकाव्य – “मोदी जी की माया, जनता की काया”
नेपाल, बांग्लादेश और इंडोनेशिया में भ्रष्टाचार, दमन और जनाक्रोश से उपजे विद्रोहों की पृष्ठभूमि भारत मे भाजपा सरकार की योजना ...

स्वास्थ्य शिक्षा और निजीकरण: एक चिंताजनक स्थिति
वर्तमान में, भारत में स्वास्थ्य शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निजीकरण का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। ...

काग्रेस का 70 बनाम बीजेपी के 11 साल: में सोना-चांदी की चमकदार यात्रा, डेटाबेस व्यंग्यात्मक विश्लेषण
जानिए 1964 से 2025 तक सोने-चांदी के भावों का व्यंग्यात्मक विश्लेषण, कांग्रेस के जमाने से बीजेपी के 11 साल ‘विकास ...





