चुनाव का छटवां चरण आते-आते चुनाव मोदी वर्सेस जनता फ्लोटर वोटर बन गया है। राहुल गांधी और मोदी के बीच की टक्कर मोदी बनाम जनता बन गया है। इसका मतलब यह है कि गोदी मीडिया द्वारा जो एजेंडा बनाया गया है। उस एजेंडे के खिलाफ जनता खुद ही खड़ी होकर सामने आ रही है और अलग-अलग मुद्दों पर वोटिंग कर रही है।
इनमें सबसे बड़ा मुद्दा है सरकारी नौकरी, महंगाई, इलेक्ट्रोल बांड, पिछले अधूरे वादे, झूठ की राजनीति, भ्रष्टाचार, अग्नि वीर योजना, सरकारी विभागों सहित कंपनियों का निजीकरण, अडानी अंबानी पूंजी पत्तियों को लाभ पहुंचाना, विपक्ष पर आक्रमक तेवर, हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति, मोदी की गलत बयान बाजी आदि तमाम मुद्दे हैं।
जातिगत राजनीतिक गणित यहां फेल हो रही है। हिंदुत्व और मुस्लिम का मुद्दा भी लगभग फेल हो रहा है। हालांकि भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम पर चुनाव के मुद्दे लाने की बड़ी कोशिश की लेकिन विपक्ष की ओर से महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा प्रभावशाली रहा। जिसका असर फ्लोटर मतदाताओं पर मिल रहा है।
फ्लोटर मतदाता
आपको बता दे की फ्लोटर मतदाता वह होते हैं जो वर्तमान मुद्दों पर सरकार को चुनते है। भारत के परिपेक्ष में देखा जाए तो जातिगत आधार पर चुनाव जीता जाता रहा है लेकिन फ्लोटर मतदाता इन्हीं जातिगत आधार से अलग महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर वोट करते हैं। इनकी तादाद बहुत अधिक है इस कारण से भाजपा के खिलाफ वोटिंग करने वाले फ्लोटर मतदाता इस चुनाव के कई सीटों पर असर डालेंगे। जिसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ेगा और इंडिया गठबंधन को इसका फायदा मिलेगा। चुनाव का पूरी विश्लेषण आप पढ़ रहे हैं निस्पक्ष पत्रकार भगवान श्री चित्रगुप्त जी महाराज के वंशज अमित श्रीवास्तव की कलम से आगे पढ़ते जाएं।
फ्लोटर मतदाता भाजपा के खिलाफ

फ्लोटर मतदाता ऐसे मतदाता है जो धर्म और जाति के आधार पर अब वोट ना करके मुद्दों के आधार पर वोट कर रहे हैं। पिछली बार भाजपा को इन मतदाताओं का वोट मिला है लेकिन इस बार यह फ्लोटर मतदाता भाजपा से दूर जा रहे हैं, जिस कारण से भाजपा को अधिक बहुमत से दूर होना पड़ सकता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि नाराज फ्लोटर मतदाता की संख्या 10 से 15% हो सकती है।
नरेंद्र मोदी का पहले चुनावी चरण पर 400 के पार का नारा हवा हो गई है। इसके बाद छतवे चुनाव तक आते-आते मोदी वर्सेस जनता चुनाव हो गई है क्योंकि महंगाई और बेरोजगारी का दर्द जानता लिए घूम रही है और अपने वोट से इस बदलाव को लाने के लिए मोदी के खिलाफ वोटिंग जनता कर रही है।
फायदा इंडिया गठबंधन को मिलेगा।
फ्लोटर मतदाता जो मोदी को अपने जाति वर्ग से अलग हटकर पिछली बार वोट दिया था, वह अब वह भाजपा से दूरी बना रही है। कारण यह है कि जिस तरीके से बढ़नी महंगाई, बेरोजगारी और पूंजीपतियों का साथ देने वाली भारतीय जनता पार्टी की छवि पर ये मुद्दा हावी हो रहे हैं।
एक ही परिवार के कई सदस्यों का अपना-अपना मुद्दा है और वह उस मुद्दे के आधार पर अलग-अलग राजनीतिक दल को वोट कर रहे हैं। हालांकि विकल्प के रूप में भारतीय जनता पार्टी और इंडिया गठबंधन है। ऐसे में फ्लोटर मतदाता भारतीय जनता पार्टी से नाराज होकर इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार को वोट कर सकते हैं। 2014 और 2019 के चुनाव में अलग-अलग जाति वर्ग से और कांग्रेस से और दूसरे दलों को वोट देने वाले फ्लोटर मतदाता भारतीय जनता पार्टी की तरफ आकर्षित हुए थे अब यही मतदाता इनसे दूर हो रहे है। यह पूरा अनुमान राजनीति की नई विशाल पर लगाया जा रहा है। इस चुनाव के शुरुआत से ही नरेंद्र मोदी का ओवर कॉन्फिडेंस और बार-बार बदलते बयान मतदाताओं को रास नहीं आ रहा था। खास तौर पर महंगाई और बेरोजगारी से परेशान मतदाता जो पिछले 10 साल में उम्मीद लेकर आए थे कि इस पर अच्छा काम करेंगे। लेकिन चुनाव में इस पर मुद्दा होने के बाद भारतीय जनता पार्टी इसे चुनावी मुद्दा नहीं मान रही थी। लेकिन फ्लोटर मतदाता 10 साल की अपनी उम्मीद पर भारतीय जनता पार्टी को खड़ा उतरती न देखकर अब उसके खिलाफ वोट कर रही है, यानी पूरा चुनाव नरेंद्र मोदी वर्सेस जनता हो गया है।
ऐसे में सत्ता पक्ष भाजपा को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। छठवें चरण तक लगभग 90% वोटिंग हो चुकी है। 272 के जादुई आंकड़े को क्या भाजपा पार कर पाएगी ? इस पर शुरुआत से ही चुनौतियां मिल रही थी।
अब जैसे-जैसे चुनाव समाप्त होने जा रहा है, वैसे-वैसे नए-नए आकलन सामने आ रहे हैं। जिसमें ऐसे मतदाता जिन्होंने पिछली बार अपनी जाति और वर्ग से हटकर हिंदुत्व के मुद्दे पर वोट दिया था, वह अब महंगाई और बेरोजगारी से परेशान हैं। ऐसे में इस बार मोदी के खिलाफ वोट कर रहे हैं।
फ्लोटर मतदाता महिलाएं और युवा
महंगाई महिलाओं के लिए एक बड़ा मुद्दा है जिस कारण से मोदी के खिलाफ आधी आबादी जाति वर्ग से ऊपर उठकर वोटिंग किया है। महिलाओं की सुरक्षा पर कई तरह के सवाल भी मीडिया में इन दिनों छा रहे हैं। जिसमें महिलाओं की निगाहें बिल्कुल साफ मोदी के खिलाफ रही है।
युवा और महिलाओं का एक बड़ा हिस्सा फ्लोटर मतदाता का है, जो मोदी से दूर जा रहा है। इस कारण से इस बार चौंकाने वाले लोकसभा के परिणाम भाजपा के खिलाफ आ सकता है। हालांकि सातवें चरण का चुनाव होना अभी बाकी है, लेकिन छठे चरण तक के चुनाव तक स्थित भाजपा के लिए फिट नहीं बैठ रही है।






3 thoughts on “फ्लोटर मतदाता बीजेपी से नाराज, पूरा चुनाव मोदी वर्सेस फ्लोटर वोटर हो गया- चुनावी राजनीतिक विश्लेषण”