देवरिया जनपद के गौरी बाजार थाना क्षेत्र से कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाली एक बेहद गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां जमीनी विवाद को लेकर दबंगों ने एक युवक और उसके पिता पर सुनियोजित ढंग से जानलेवा हमला कर दिया। घटना देर शाम की बताई जा रही है, जब पीड़ित पक्ष अपने दैनिक कार्यों में लगा हुआ था। तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने ईंट, लोहे की रॉड, डंडे और हथौड़ी जैसे घातक हथियारों से दोनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े। शोरगुल सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कर आरोपियों को खदेड़ा, जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से घायलों को तत्काल देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां दोनों का इलाज चल रहा है और चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
सबसे चौंकाने वाली और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शर्मनाक बात यह है कि इतनी गंभीर घटना, स्पष्ट रूप से जानलेवा हमला होने, मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध होने और लिखित तहरीर दिए जाने के बावजूद अब तक गौरी बाजार पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की है और न ही घायलों का हाल जानने के लिए कोई पुलिस अधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचा है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस की निष्क्रियता जस की तस बनी हुई है, जिससे उन्हें यह आशंका सता रही है कि कहीं मामला दबाने की कोशिश तो नहीं की जा रही। पीड़ितों का यह भी कहना है कि जिन लोगों ने हमला किया है, वे क्षेत्र के दबंग किस्म के लोग हैं और खुलेआम सीना तानकर घूम रहे हैं, जिससे पीड़ित परिवार दहशत और भय के माहौल में जीने को मजबूर है।
गौरी बाजार थाने की घटना

घटना के संबंध में यह भी सामने आया है कि हमला स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात कैद हुई है। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह कई लोग एक साथ मिलकर पिता-पुत्र को बेरहमी से पीट रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस द्वारा “जांच की जा रही है” जैसे रटे-रटाए जवाब देकर मामला टालना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सीसीटीवी फुटेज, घायल अवस्था में मेडिकल कॉलेज में भर्ती पीड़ित, प्रत्यक्षदर्शी गवाह और लिखित तहरीर के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होती, तो आम नागरिक न्याय की उम्मीद आखिर किससे करे?
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि गौरी बाजार थाना क्षेत्र में यह कोई पहली घटना नहीं है, जब जमीनी विवादों में मारपीट हुई हो और पुलिस ने शुरुआत में ही गंभीरता न दिखाई हो। स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाना स्तर पर प्रभावशाली लोगों के दबाव में कई बार मामलों को टाल दिया जाता है, जिससे दबंगों के हौसले और बुलंद होते हैं। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अगर समय रहते पुलिस सख्त कार्रवाई करती और आरोपियों को हिरासत में लेती, तो पीड़ित परिवार को सुरक्षा का भरोसा मिलता और कानून का भय बना रहता।
Table of Contents
पीड़ित परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय है। एक ओर उनके घर के दो सदस्य गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं, दूसरी ओर उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि कहीं आरोपियों द्वारा दोबारा हमला न कर दिया जाए या उन्हें केस वापस लेने के लिए धमकाया न जाए। परिजनों का कहना है कि उन्होंने थाना जाकर तहरीर दी, पूरी घटना विस्तार से बताई, सीसीटीवी फुटेज की जानकारी दी, फिर भी पुलिस ने सिर्फ आश्वासन देकर लौटा दिया। अब तक न तो कोई मुकदमा दर्ज हुआ है और न ही कोई ठोस कार्रवाई दिखाई दे रही है।
यह मामला केवल एक मारपीट की घटना भर नहीं रह जाता, बल्कि यह पुलिस की कार्यप्रणाली, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर भी सीधा सवाल खड़ा करता है। प्रदेश सरकार भले ही कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि थाना स्तर पर यदि ऐसी लापरवाही बरती जाती रही, तो आम जनता का भरोसा पुलिस और प्रशासन से उठना स्वाभाविक है। कानून कहता है कि संज्ञेय अपराध की सूचना मिलते ही एफआईआर दर्ज करना पुलिस का दायित्व है, लेकिन यहां तहरीर के बाद भी मुकदमा दर्ज न होना न सिर्फ कानून का उल्लंघन प्रतीत होता है, बल्कि यह भविष्य में और बड़ी घटना को न्योता देने जैसा भी है।
स्थानीय सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने इस मामले में उच्च अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई, तो वे जिला स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका यह भी कहना है कि यह मामला अब केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़ा सवाल बन चुका है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या गौरी बाजार थाना किसी बड़ी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है, या फिर उच्चाधिकारी हस्तक्षेप कर समय रहते इस गंभीर मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या नहीं, यह आने वाले कुछ दिनों में पुलिस की कार्रवाई से तय होगा, लेकिन फिलहाल यह घटना देवरिया जनपद में कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करने के लिए काफी है।

amitsrivastav.in पर देवरिया से दिलीप कुमार की रिपोर्ट।
ब्लाग पोस्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
16 मई: वेतन भुगतान में देरी से स्वास्थ्य कर्मियों में बढ़ी नाराजगी, परिवार चलाना हुआ मुश्किलMay 16, 2026
56 प्रकार के भोग में सबसे उत्तम भोग सम्भोग: धर्म, तंत्र, योग और विज्ञान के अनुसार प्रेम, ऊर्जा और चेतना का रहस्यMay 16, 2026
2027 Self Enumeration Guide: ऑनलाइन स्व-गणना कैसे करें, SE ID, Registration और पूरी प्रक्रिया हिंदी मेंMay 7, 2026
Yoni Sadhana Vidhi योनि साधना अदृष्ट शक्ति का महाप्रवाह वृहद तांत्रिक ग्रंथ 40 अध्याय

16 मई: वेतन भुगतान में देरी से स्वास्थ्य कर्मियों में बढ़ी नाराजगी, परिवार चलाना हुआ मुश्किल

56 प्रकार के भोग में सबसे उत्तम भोग सम्भोग: धर्म, तंत्र, योग और विज्ञान के अनुसार प्रेम, ऊर्जा और चेतना का रहस्य

2027 Self Enumeration Guide: ऑनलाइन स्व-गणना कैसे करें, SE ID, Registration और पूरी प्रक्रिया हिंदी में

विधान सभा चुनाव 2026: बीजेपी को असम, बंगाल, पुडुचेरी में जीत: मीडिया की चिल्लाहट बनाम जमीनी हकीकत— विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण

देवरिया 4 मई: तीन राज्यों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न

कम ट्रैफिक में ज्यादा कमाई कैसे करें? गूगल से पैसे कैसे कमाए फ्री में? — भीड़ नहीं, 1 बुद्धि कमाती है

शिव पार्वती संबाद शिवाम्बु कल्प Urine Therapy: भाग-3 तंत्र, साधना और शरीर के भीतर छिपी ऊर्जा का अनकहा विज्ञान

देवरिया 2 मई: विपक्षी दल नहीं चाहते कि लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को मिले आरक्षण: अनिल शाही












