देवरिया। भाटपार रानी, स्वतंत्रता दिवस के 78वें वर्षगांठ के पावन अवसर पर नगर पंचायत भाटपार रानी द्वारा रानी पोखरा पर आयोजित रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिता ने नगर की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। दिनांक 13 अगस्त 2025 को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक आयोजित इस भव्य आयोजन में नगर की सैकड़ों बेटियों ने अपनी रचनात्मकता और कला का शानदार प्रदर्शन किया।
इस कार्यक्रम ने न केवल स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को रंगीन बनाया, बल्कि नगर की बेटियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक सुनहरा मंच भी प्रदान किया। मेहंदी और रंगोली की रंग-बिरंगी डिजाइनों ने दर्शकों और निर्णायकों का मन मोह लिया, और विजेताओं को शिल्ड, प्रमाण पत्र, दिया और मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। साथ ही, सैकड़ों प्रतिभागियों को मेडल प्रदान कर उनके मनोबल को बढ़ाया गया।
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नगर पंचायत भाटपार रानी ने इस आयोजन के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को और भी भव्य बनाने का लक्ष्य रखा था। यह प्रतियोगिता न केवल कला और रचनात्मकता का उत्सव थी, बल्कि यह नगर की बेटियों को अपनी प्रतिभा को निखारने, सामुदायिक मंच पर अपनी पहचान स्थापित करने, और स्वतंत्रता के प्रतीकों को अपनी कला के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर प्रदान करने का एक प्रयास था। रानी पोखरा, जो नगर का एक प्रमुख स्थल है, इस आयोजन के लिए एक आदर्श स्थान साबित हुआ। इस स्थान की खुली और शांत वातावरण ने प्रतियोगिता को और भी आकर्षक बनाया।
इस आयोजन का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य था नगरवासियों, विशेषकर युवा पीढ़ी, में देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव की भावना को जागृत करना। मेहंदी और रंगोली जैसी पारंपरिक कलाओं को प्रोत्साहित करके, नगर पंचायत ने यह सुनिश्चित किया कि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहे। इस आयोजन में सैकड़ों प्रतिभागियों की भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि भाटपार रानी की बेटियां न केवल प्रतिभाशाली हैं, बल्कि अपनी कला के माध्यम से समाज को एक नई दिशा देने में सक्षम हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया और प्रतिभागियों की उत्साहजनक भागीदारी—
प्रतियोगिता की घोषणा के साथ ही नगर पंचायत ने सभी इच्छुक बेटियों से भाग लेने का आह्वान किया था। पंजीकरण के लिए 12 अगस्त 2025 को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक नगर पंचायत कार्यालय में व्यवस्था की गई थी। सीमित स्थानों के कारण प्रतिभागियों को समय पर पंजीकरण कराने की सलाह दी गई थी।
इस दौरान सैकड़ों बेटियों ने उत्साहपूर्वक पंजीकरण कराया, जिससे आयोजन की लोकप्रियता और समुदाय की सक्रिय भागीदारी का पता चलता है। पंजीकरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए नगर पंचायत के कर्मचारियों ने प्रतिभागियों को सभी आवश्यक जानकारी और सहायता प्रदान की।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाली बेटियों की उम्र और पृष्ठभूमि विविध थी, जिसमें स्कूली छात्राओं से लेकर युवा महिलाओं तक शामिल थीं। इस आयोजन ने सभी आयु वर्ग की बेटियों को एक मंच पर लाकर उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया। प्रतिभागियों ने मेहंदी और रंगोली की डिजाइनों में अपनी अनूठी शैली और थीम का प्रदर्शन किया, जिसमें राष्ट्रीय प्रतीकों, प्रकृति, और पारंपरिक भारतीय कला का समावेश था।

मेहंदी प्रतियोगिता: रचनात्मकता का अनूठा प्रदर्शन
मेहंदी प्रतियोगिता इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण थी, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी बारीक नक्काशी और रचनात्मक डिजाइनों से सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। मेहंदी, जो भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग है, इस प्रतियोगिता में देशभक्ति और परंपरा के रंगों में रंगी नजर आई। प्रतिभागियों ने अपनी डिजाइनों में राष्ट्रीय प्रतीकों, ऐतिहासिक स्मारकों, और प्राकृतिक तत्वों को शामिल किया, जिसने उनकी कला को और भी प्रभावशाली बनाया।
प्रथम स्थान: प्रियांशी श्रीवास्तव
मेहंदी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जवाहर नवोदय विद्यालय, देवरिया की छात्रा प्रियांशी श्रीवास्तव, पुत्री अमित श्रीवास्तव, निवासी भाटपार रानी ने प्राप्त किया। प्रियांशी ने अपनी मेहंदी डिजाइन में राष्ट्रीय फूल, राष्ट्रीय पक्षी, इंडिया गेट, राष्ट्रीय ध्वज और अपनी संस्कृति को प्रदर्शित करके एक ऐसी कृति प्रस्तुत की, जिसने निर्णायक मंडल और दर्शकों का दिल जीत लिया।
उनकी डिजाइन में बारीक नक्काशी, रंगों का संतुलन, और थीम की स्पष्टता ने इसे बेजोड़ बना दिया। प्रियांशी की कला में राष्ट्रीय गौरव और प्राकृतिक सौंदर्य का सुंदर समन्वय देखने को मिला, जिसने उन्हें प्रथम स्थान का हकदार बनाया। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे नगर के लिए गर्व का विषय रही।
द्वितीय स्थान: सलोनी बर्नवाल
दूसरे स्थान पर सलोनी बर्नवाल ने अपनी जगह बनाई, जिन्होंने गणेश जी की मूर्ति को आधार बनाकर एक शानदार मेहंदी डिजाइन प्रस्तुत की। सलोनी की डिजाइन में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा मिश्रण था। उनकी मेहंदी में गणेश जी की आकृति को बारीकी से उकेरा गया था, जिसमें फूलों, पत्तियों, और ज्यामितीय पैटर्न का उपयोग किया गया था।
उनकी कला ने न केवल सौंदर्य की दृष्टि से ध्यान आकर्षित किया, बल्कि उनकी रचनात्मकता और तकनीकी कुशलता ने भी निर्णायकों को प्रभावित किया। सलोनी की यह उपलब्धि उनकी मेहनत और समर्पण का परिणाम थी।
तृतीय स्थान: साक्षी
तीसरे स्थान के लिए प्रतियोगिता बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण रही। कई प्रतिभागियों की मेहंदी डिजाइनों का स्तर इतना समान और उत्कृष्ट था कि निर्णायक मंडल के लिए एक विजेता चुनना मुश्किल हो गया। इस स्थिति को हल करने के लिए एक निष्पक्ष और रचनात्मक तरीका अपनाया गया। सभी संभावित विजेताओं के नाम अलग-अलग पर्चियों पर लिखे गए, और एक छोटे बच्चे द्वारा निकाली गई पर्ची में साक्षी का नाम सामने आया।
साक्षी ने अपनी मेहंदी डिजाइन में रंगीन थीम बनाकर एक प्रेरणादायक और सौंदर्यपूर्ण कृति प्रस्तुत की। उनकी डिजाइन में सूर्य की किरणों, फूलों, और प्राकृतिक तत्वों का सुंदर समावेश था, जिसने उनकी कला को विशेष बनाया। शालिनी की यह उपलब्धि उनकी प्रतिभा और भाग्य का एक सुंदर संगम थी।

रंगोली प्रतियोगिता: भारत माता की छवि ने जीता सबका दिल
रंगोली प्रतियोगिता में भी प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। रंगोली, जो भारतीय संस्कृति में उत्सव और खुशी का प्रतीक है, इस आयोजन में देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का रंग बिखेरती नजर आई। प्रतिभागियों ने रंगों, फूलों, और प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करके ऐसी डिजाइनों का निर्माण किया, जो न केवल आंखों को सुकून देती थीं, बल्कि दर्शकों में देशभक्ति की भावना को भी जागृत करती थीं।
प्रथम स्थान: बी.आर.डी. कन्या विद्यालय
रंगोली प्रतियोगिता में बी.आर.डी. कन्या विद्यालय, भाटपार रानी की छात्राओं ने ग्रुप में भाग लिया और भारत माता की एक शानदार रंगोली बनाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी रंगोली में भारत माता की छवि को रंगों और प्रतीकों के माध्यम से जीवंत किया गया था। इस डिजाइन में रंगों का संतुलन, बारीक विवरण, और देशभक्ति की थीम ने इसे अन्य रंगोलियों से अलग बनाया। विद्यालय की छात्राओं ने अपनी एकजुटता और कला के प्रति समर्पण से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी यह उपलब्धि न केवल विद्यालय के लिए, बल्कि पूरे नगर के लिए गर्व का विषय रही।
द्वितीय स्थान: आशियाना खातून और प्रियंका कुमारी
दूसरे स्थान पर आशियाना खातून और प्रियंका कुमारी ने संयुक्त रूप से अपनी जगह बनाई। उनकी रंगोली डिजाइन में पारंपरिक और समकालीन तत्वों का सुंदर मिश्रण था। उनकी रंगोली में रंगों की जीवंतता और पैटर्न की बारीकी ने दर्शकों और निर्णायकों को प्रभावित किया। दोनों प्रतिभागियों ने अपनी कला के माध्यम से यह साबित किया कि रचनात्मकता और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
तृतीय स्थान: तन्या गुप्ता
तन्या गुप्ता, पुत्री अनिल कुमार गुप्ता, ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। उनकी रंगोली डिजाइन में प्राकृतिक तत्वों और राष्ट्रीय प्रतीकों का उपयोग किया गया था, जो उनकी रचनात्मकता और तकनीकी कुशलता को दर्शाता था। तन्या की रंगोली में रंगों का चयन और डिजाइन की सटीकता ने इसे विशेष बनाया। उनकी यह उपलब्धि उनकी मेहनत और कला के प्रति समर्पण का परिणाम थी।
पुरस्कार वितरण और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन
प्रतियोगिता के समापन पर एक भव्य पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विजेताओं को शिल्ड, प्रमाण पत्र देकर मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। प्रथम, द्वितीय, और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया। प्रियांशी श्रीवास्तव, सलोनी बर्नवाल, और साक्षी को मेहंदी प्रतियोगिता में, तथा बी.आर.डी. कन्या विद्यालय, आशियाना खातून, प्रियंका कुमारी, और तन्या गुप्ता को रंगोली प्रतियोगिता में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए शिल्ड और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। मेडल पहनाकर उनकी उपलब्धियों को और भी विशेष बनाया गया।
इसके अतिरिक्त, आयोजन में भाग लेने वाली सैकड़ों प्रतिभागियों को भी मेडल नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता गुप्ता व बीआरडी प्राचार्या सहित अन्य गणमान्य महिलाओं द्वारा पहनाकर मनोबल बढ़ाने का काम किए गए, ताकि उनकी भागीदारी और प्रयासों को मान्यता दी जाए। इस कदम ने न केवल प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि उन्हें भविष्य में और अधिक उत्साह के साथ ऐसी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। पुरस्कार वितरण समारोह में नगर पंचायत के अधिकारियों, स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों, और समुदाय के सदस्यों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी गरिमामय बनाया।
इस आयोजन की सफलता में नगर पंचायत भाटपार रानी के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण का बड़ा योगदान रहा। आयोजन की व्यवस्था, पंजीकरण प्रक्रिया, और निर्णायक मंडल की निष्पक्षता ने इस कार्यक्रम को एक आदर्श उदाहरण बनाया। दर्शकों और प्रतिभागियों ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की और इसे स्वतंत्रता दिवस के उत्सव का एक अभिन्न हिस्सा बताया।
नगरवासियों ने इस आयोजन को एक ऐसी पहल के रूप में देखा, जो न केवल कला और संस्कृति को बढ़ावा देती है, बल्कि समुदाय को एकजुट करने और युवा पीढ़ी में देशभक्ति की भावना को प्रज्वलित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कई अभिभावकों ने अपनी बेटियों की प्रतिभा को देखकर गर्व महसूस किया और नगर पंचायत से भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की मांग की।
भविष्य की अपेक्षाएं
नगर पंचायत भाटपार रानी द्वारा आयोजित यह मेहंदी और रंगोली प्रतियोगिता न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन था, बल्कि यह नगर की बेटियों की प्रतिभा, समर्पण, और रचनात्मकता का उत्सव था। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि छोटे से कस्बे में भी अपार प्रतिभाएं मौजूद हैं, जो सही मंच मिलने पर चमक सकती हैं। प्रियांशी श्रीवास्तव, सलोनी बर्नवाल, शालिनी, बी.आर.डी. कन्या विद्यालय, आशियाना, प्रियंका कुमारी, और तन्या गुप्ता जैसी प्रतिभागियों ने अपनी कला से न केवल नगर का नाम रोशन किया, बल्कि अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनीं।

नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता गुप्ता प्रतिनिधि विजय कुमार गुप्ता ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने का संकल्प लिया है, ताकि नगर की बेटियां अपनी प्रतिभा को और निखार सकें। ऐसे ही आगे क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बेटियों को 11 हजार दूसरे स्थान के लिए 51 सौ और तीसरे स्थान के लिए 21 सौ नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया जायेगा और कम्प्यूटर की मुफ्त प्रशिक्षण शिक्षा दिलाया जाएगा।
यह आयोजन और एलान स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को एक नया रंग प्रदान करने में सफल रहा और भाटपार रानी के सांस्कृतिक परिदृश्य को और समृद्ध किया। इस प्रकार का आयोजन न केवल कला और संस्कृति को बढ़ावा देता है, बल्कि समुदाय में एकता, उत्साह, और देशभक्ति की भावना को भी प्रज्वलित करता है।
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