देवरिया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में आज देवपार चौराहे पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस धरना का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा बरहज के उपाध्यक्ष शेषनाथ यादव मणि ने किया। कार्यक्रम के दौरान चौराहे पर भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक एकत्र हुए, जिन्होंने हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर लेकर सरकार व चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। माहौल पूरी तरह राजनीतिक आक्रोश से भरा हुआ था और प्रदर्शनकारियों ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला करार दिया।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सपा नेता शेषनाथ यादव मणि ने कहा कि जिस प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पूरी तरह बीजेपी के हाथों बिक चुका है और निष्पक्षता का ढोंग कर रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में INDIA गठबंधन के नेताओं को जिस तरह गिरफ्तार किया गया, वह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है और लोकतंत्र में असहमति की आवाज को कुचलने की साजिश है। यादव मणि ने कहा कि समाजवादी पार्टी ऐसे किसी भी दमनकारी कदम का विरोध करती है और जनता के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
उन्होंने आगे कहा कि आज जो हालात बनाए जा रहे हैं, उसमें विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अखिलेश यादव को तुरंत रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और जिले से लेकर राजधानी तक सड़कें समाजवादियों के संघर्ष से गूंज उठेंगी। उनका कहना था कि आज यह लड़ाई सिर्फ एक नेता की नहीं, बल्कि देश के संविधान, लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब देगी।

धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय विपक्षी नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसा रही है। वक्ताओं ने कहा कि किसान, नौजवान, व्यापारी, शिक्षक, सभी वर्ग आज परेशान हैं, लेकिन सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों को जेल भेजने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए काला दिन है और देश की जनता इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी।
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अखिलेश यादव की गिरफ्तारी का विरोध
देखें क्लिक कर यूट्यूब पर अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में अखिलेश यादव जिंदाबाद का नारा लगाते समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का धरना-प्रदर्शन
इस मौके पर पूर्व ग्राम प्रधान कमला यादव ने कहा कि अखिलेश यादव ने हमेशा गरीबों, किसानों और नौजवानों की आवाज को बुलंद किया है, इसलिए सरकार उनसे डरती है। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव जैसे नेताओं को जेल में डाला जाएगा, तो यह समझ लेना चाहिए कि सरकार जनहित के मुद्दों पर हार चुकी है और सिर्फ सत्ता बचाने की राजनीति कर रही है।
समाजवादी पार्टी जिला सचिव (व्यापार सभा) देवरिया विनोद यादव ने कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता अपने नेता के साथ खड़ा है और जेल जाने से भी नहीं डरेगा। उन्होंने कहा कि सपा का इतिहास संघर्ष का रहा है और जब भी लोकतंत्र पर हमला हुआ है, समाजवादियों ने सड़क पर उतरकर जवाब दिया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन होंगे और जनता के बीच जाकर सच को उजागर किया जाएगा।
जनार्दन यादव, नंदलाल यादव, शंभू यादव, डॉक्टर हरिश्चंद्र, जयप्रकाश यादव, आदित्य यादव, सत्यवान यादव, दीपक पासवान, अमित, शशिकांत यादव, राजा प्रजापति, पशुपतिनाथ गौंड, राणा प्रताप यादव और अफजल शेख सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधन में कहा कि यह समय चुप रहने का नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए खुलकर आवाज उठाने का है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितना दमन कर ले, समाजवादी कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे।
धरना स्थल पर जुटे लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “लोकतंत्र बचाओ”, “अखिलेश यादव को रिहा करो”, “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए। आसपास के क्षेत्र में माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा रहा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। हालांकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा और कार्यकर्ताओं ने अनुशासन बनाए रखा।

धरना-प्रदर्शन के अंत में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई, चुनाव आयोग की निष्पक्षता बहाल करने और विपक्षी नेताओं पर लगाए गए झूठे मुकदमों को वापस लेने की मांग की गई। नेताओं ने स्पष्ट किया कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर आंदोलन होगा, जिसमें प्रदेश भर के समाजवादी कार्यकर्ता शामिल होंगे।
देवपार चौराहे पर हुआ यह धरना-प्रदर्शन न सिर्फ जिले में बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा का विषय बन गया। लोगों का मानना है कि विपक्ष की आवाज दबाने के ऐसे प्रयास लंबे समय तक नहीं चल सकते, क्योंकि अंततः जनता ही लोकतंत्र की असली ताकत है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने यह साफ कर दिया कि वे अपने नेता के सम्मान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
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amitsrivastav.in गूगल टाप वेबसाइट पर देवरिया से दिलीप कुमार की रिपोर्ट।

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