देवरिया 16 मई। जनपद देवरिया में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मार्च माह से वेतन न मिलने के कारण भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। चाहे फील्ड में कार्यरत कर्मचारी हों या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी, सभी वेतन भुगतान में हो रही देरी से परेशान हैं। कर्मचारियों का कहना है कि दिनभर मेहनत और जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें समय से भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार कई ब्लॉकों में कर्मचारियों को दिसंम्बर माह से इंसेंटिव राशि, मोबिलाइजर भुगतान तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और एएनएम को मोबाइल खर्च तक का भुगतान नहीं किया गया है। इससे विशेष रूप से महिला स्वास्थ्य कर्मियों की परेशानियां बढ़ गई हैं, जो गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य सेवाएं देने का कार्य करती हैं।
स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच बिना वेतन परिवार का पालन-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है। किसी कर्मचारी ने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लिया है तो किसी ने घर खर्च चलाने के लिए लोन लिया हुआ है। कई कर्मचारी अपने बच्चों की फीस, कॉपी-किताब और ड्रेस तक खरीदने में असमर्थ हो रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण मानसिक तनाव भी लगातार बढ़ रहा है।
कर्मचारियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी दिन-रात जनता की सेवा में लगे रहते हैं, लेकिन उनके ही परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी से हस्तक्षेप कर लंबित वेतन और अन्य भुगतान जल्द जारी कराने की अपील की है।
स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ तो कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ सकता है, जिसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ने की आशंका है।

16 मई मजगांवा पीएचसी के एनएचएम कर्मचारियों ने भुगतान लंबित होने पर सौंपा ज्ञापन
जनपद देवरिया के पीएचसी मजगांवा में कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों ने कई महीनों से लंबित इंसेंटिव और मोबाइल रिचार्ज भुगतान को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को लिखित ज्ञापन सौंपकर शीघ्र भुगतान की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार कार्य करने के बावजूद उन्हें निर्धारित भुगतान नहीं मिल पा रहा है, जिससे आर्थिक परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी देवरिया को संबोधित पत्र में कर्मचारियों ने बताया कि पीएचसी मजगांवा में कार्यरत एनएचएम कर्मियों को कई महीनों से सरकार द्वारा निर्धारित इंसेंटिव राशि तथा मोबाइल रिचार्ज का भुगतान विभाग की ओर से नहीं किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य सेवाएं देने, टीकाकरण, सर्वे और अन्य जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें उनके मेहनताना से वंचित रखा जा रहा है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि सभी कर्मचारी नियमित रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं तथा विभागीय मानकों के अनुरूप कार्य भी कर रहे हैं। इसके बावजूद भुगतान लंबित रहने से कर्मचारियों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि महंगाई के इस दौर में परिवार चलाना कठिन हो गया है। कई कर्मचारियों को बच्चों की पढ़ाई, घर खर्च और जरूरी जरूरतों के लिए उधार तक लेना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने मांग की है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए लंबित इंसेंटिव राशि एवं मोबाइल रिचार्ज भुगतान जल्द जारी कराया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी दिन-रात आमजन की सेवा में जुटे रहते हैं, ऐसे में समय से भुगतान होना उनका अधिकार है।
ज्ञापन पर एनएचएम कर्मचारियों के हस्ताक्षर भी किए गए हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो असंतोष बढ़ सकता है, जिसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने की आशंका है।



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