योनिशोथ- स्त्रीयों का सम्पूर्ण यौन रोग कारण

Amit Srivastav

Updated on:

Table of Contents

योनिशोथ कारण और उपचार

वयः सन्धि के पूर्व उत्पन्न होने वाला योनिशोथ: prepubertal vaginitis

वयः सन्धि के पूर्व अधिकांशत लड़कियां खेल-खेल में योनि को छेड़ती हैं। जिससे योनि की कोमल अन्त कला क्षतिग्रस्त हो जाती हैं जिससे योनि संक्रमित हो जाती है।

पूनरोत्पादक अवस्था में उत्पन्न होने वाला योनि शोथ: regenerative vaginitis

इस अवस्था में योनिशोथ कई प्रकार के संक्रमणों द्वारा संक्रमित हो जाती है। जैसे की मोनिनियल, ट्राइकोमोनास, हीमोकिलस, गोनोकोकस या सुषाकिय, योनिशोथ के प्रमुख संक्रमण है।

रजोनिवृत्ति योनिशोथ: menopausal vaginitis

रजोनिवृत्ति पर योनिशोथ परजीवी तथा जीवाणुओं के द्वारा होता है जिससे परजीवी संक्रमण ट्राइकोमोनास, मोनिनियल तथा जीवाणु संक्रमण गोनोकोकस, यद्रक्ष्मज, उपदेशान इत्यादि प्रमुख हैं।

तीब्र योनिशोथ : Acute vaginitis

तीब्र योनिशोथ में बार-बार मूत्र त्याग करने की इच्छा होती है। मूत्र त्याग करते समय योनि में जलन तथा दर्द व दुर्गन्धित स्राव होता है। योनि की श्लेष्मिक कला संकुचित तथा सुजी होती है। पहले स्राव पारदर्शी होता है तत्पश्चात दूधिया अत्यधिक स्राव के कारण हो जाता है। योनि के उपकला पर पपड़ियाँ पड़ जाने के कारण गांठ की तरह दिखाई देने लगता है। तीब्र योनिशोथ सूचांक तथा अभिघात किसी से भी हो सकता है।

ये कई परिस्थितियों के कारण हो जाता है। अत्यधिक मैथुन, गर्भपात के प्रयास, कठिन प्रसव, गंदगी मासिक धर्म की अवस्था में दौड़ना, स्राव के रुकने इत्यादि से तीब्र योनिशोथ हो जाता है। गौड़ प्रकार के योनिशोथ कन्डमाला, यक्ष्मा, मधुमेह, यकृतिशोध, के रोगों के कारण भी हो सकता है।

योनिशोथ- स्त्रीयों का सम्पूर्ण यौन रोग कारण

योनि कन्द : Vaginal tubercle

स्त्रियों के योनी में गांठदार वृद्धि हो जाती है। जिसे योनिकन्द कहते हैं। ये खुजली युक्त, ज्वर से युक्त, लालिमा, नील पुष्प के समान होता है। अत्यधिक मैथुन क्रिया से, दिन में सोने से योनिकन्द उत्पन हो जाता है। ऐसा भी देखा गया है कि जो स्त्रियां अत्यधिक क्रोधित अवस्था में रहती है उन्हें भी योनिकन्द हो जाता है।

योन्याकर्ष: vaginismus

संभोग के प्रयास से ही अत्यधिक पिडा होती है। जब योनि से शिश्न सम्पर्क में आती है स्त्री भय से ग्रसित हो जाती है। कुछ महत्पूर्ण भय सा बना रहता है। कुछ मुर्छा अवस्था में आ जाती हैं इसका प्रमुख कारण पुरुष में काम कला के बारे में जानकारी न होना होता है। पुरुष शिश्न का बड़े आकार मे होना। योनि द्वार का छोटा होना। संभोग में विश्वास की कमी का होना इत्यादि का प्रमुख भूमिका होती है।

योन्याकर्ष दो शब्दों से मिलकर बना है योनि+आकर्ष अर्थात योनि में तनाव का होना। योन्याकर्ष की अवस्था में योनिच्छंद Hymen तथा योनि द्वार के आस पास के क्षेत्र में संवेदन शीलता अत्यधिक होती है स्पर्श मात्र की सहन नहीं होती है।

योनिशोथ- स्त्रीयों का सम्पूर्ण यौन रोग कारण

कृच्छमैथुनता: Dvspareunia

स्त्रियों में सहवास के समय पीड़ा होती है। जो कम होने पर सहन कर ली जाती है। लेकिन असहनीय होने पर स्त्री रति क्रिया से कतराने लगती है। भय उत्पन्न हो जाता है स्त्रियों में रति क्रिया में पीड़ा होने को ही कृच्छ मैथुनता कहते हैं। ये दो प्रकार की होती है। 1—गंभीर Deep, 2—उपरिस्थ superficial.


गंभीर कृच्छ मैथुनता में स्त्रियों के योनि तोरणिका पर शिश्न का दबाव पड़ने पर पीड़ा होती है संभोग के बाद काफी समय तक रह सकता है। उपरिस्थ कृच्छ मैथुनता में स्त्रियों को सहवास करते समय जब उपरिस्थ में शिश्न प्रवेश करता है। उस समय योनि तथा भग प्रदेश में पीड़ा होती है। उपरिस्थ कृच्छ मैथुनता के दो कारण हो सकता है।


1-संरचनात्मक , 2-विकृति वैज्ञानिक गंभीर कारण संरचनात्मक, वैकृतिक, मनोवैज्ञानिक प्रकार का होता है। मनोवैज्ञानिक कारणों में प्रमुख बाल्यावस्था की संभोग से सम्बंधित कष्टकर अनुभव जैसे बलात्कार, गलत यौन शिक्षा इत्यादि प्रमुख हैं।

योनिशोथ- स्त्रीयों का सम्पूर्ण यौन रोग कारण

योनात्यापद: Vulva

स्त्री के योनिशोथ के चतुर्थ श्रेणी में योनि तथापद को रखते हैं। स्त्री के समस्त पुनरोत्पादक अंगों में उत्पन्न होने वाली समस्त स्त्री रोग Gynaecological Disease है। योनित्यापद के शाब्दिक अर्थ योनि में होने वाले रोग विकृतियां हैं। योनि व्यापदों में के प्रधान कारण निम्नलिखित हैं।


1 – दूषित भोजन 2 – आर्तर्व का दोष 3 – बीज दोष 4 – अंगों का विषम स्थिति में रखकर संभोग करना 5 – दैव 6 – अपहव्यो का उपयोग।
आयुर्वेद में योनित्यापदों की संख्या चरकानुसार 20 होती है। 1- वातिकी, 2 – पैत्तिकी, 3- श्लैष्मिकी, 4 – सन्निपातिकी, 5 – रक्त योनि, 6 – अरजस्का, 7 – अचरणा, 8- प्राकचरणा, 9- उपालुता, 10- उदा वर्तनी, 11- कर्णिनी, 12- पुत्रहर्णी, 13- अन्तमुर्खी, 14- सूची मुर्खी… इत्यादि।


बात प्रकोपित योनित्यापद के कारण योनि प्रदेश में सुई चुभोने की सी पीड़ा वेदना जकडाहट होती है योनि में खिंचाव होता है। इत्तला प्रकोपित योनि त्यापद के कारण योनित्यापद के कारण स्त्री ज्वर ग्रस्त हो जाती है।


स्रावित होने वाला आर्तव नील पीत कृष्ण रंग का होता है। तथा सड़े मुर्दे जैसी गन्ध आती है।

रक्तजा प्रकोपित योनित्यापद के कारण गर्भ रह जाने पर भी रक्त का आना बन्द नही होता है। परिप्लुत्ता प्रकोपित योनित्यापद के कारण स्त्री ज्वर ग्रस्त हो जाती है। उसकी योनि में सूजन आ जाती है। शिश्न स्पर्श को सहन नहीं कर पाती हैं। पुत्रहनी प्रकोपित योनि व्यापद् के कारण स्त्री को गर्भ के रक्त स्राव होता है। तथा गर्भ का विनाश हो जाता है। वर्तमान से आधुनिकता की अस्त-व्यस्त वातावरण के कारण स्त्रियां प्रजनन अंगों में होने वाले रोगों की ओर ध्यान नहीं दे पाती हैं। वही असहनीय कष्ट अज्ञानता उनके प्रजनन अंगों को विभिन्न रोगों को आमंत्रित करती है।

सहवास अर्थात रति क्रिया में शिश्न तथा योनि भाग का प्रमुख कार्य होता है। वैसे तो अन्य अंगों के कार्य को नकारा नहीं जा सकता है। योनि मात्र एक नलिका ही नही अपितु थोड़ी सी भूल या अज्ञानता रोगों की खाई हो सकती है जिसकी कोई सीमा नहीं है।

योनिशोथ- स्त्रीयों का सम्पूर्ण यौन रोग कारण

योन्यर्श: Vagina

अर्श के अंकुरो के समान स्त्रियों के योनी में वृद्धियों को योन्यर्श कहते हैं। जोकि दुर्गन्धित स्राव करता है। ये अंकुर स्त्रियों के आर्तव को नष्ट करते हैं। ये योनि का भी विनाश करते हैं। योन्यर्श वातादि दोष के कारण होता है।

Author’s suggestion: भगवान चित्रगुप्त वंशज लेखक अमित श्रीवास्तव का Health Real Topic स्वास्थ्य वास्तविक विषय पर गूगल सर्च में लाखों-करोड़ों की सर्च को ध्यान में रखते हुए सुस्पष्ट लेखनी प्रस्तुत करने का तात्पर्य है जाने अनजाने में होने वाली गलतियों से महिलाओं को गंभीर बीमारियों से बचाव में लेखनी कारगर साबित हो और महिला अपनी बचाव कर सकें।

Click on the link हेल्थ एजुकेशन – बच्चेदानी में गांठ कि समस्या का कारण जांच सम्पूर्ण उपचार, विशेषज्ञों कि सलाह पर उपयोगी जानकारी जानने व निशुल्क समाधान के लिए यहां क्लिक किजिये।

योनिशोथ- स्त्रीयों का सम्पूर्ण यौन रोग कारण

click on the link ब्लाग पोस्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

HomeOctober 27, 2022Amit Srivastav
योनिशोथ- स्त्रीयों का सम्पूर्ण यौन रोग कारण

अखिल भारतीय मानवाधिकार परिषद के महिला प्रकोष्ठ की कमान अब निधि सिंह के हाथों में

अखिल भारतीय मानवाधिकार परिषद के महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं सामाजिक कार्यकर्ता निधि सिंह। 2778 से अधिक अवॉर्ड्स, 17 बच्चों के साहसिक रेस्क्यू और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व—जानिए उनकी प्रेरणादायक कहानी और नई जिम्मेदारी। देशभर में मानवाधिकारों की आवाज़ बुलंद करने वाले संगठन  ने अपने महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की … Read more
योनिशोथ- स्त्रीयों का सम्पूर्ण यौन रोग कारण

नई सरकारी योजनाएं 2026: महिलाओं को ₹3000 महीना | पात्रता, आवेदन प्रक्रिया

महिलाओं के लिए शुरू होने वाली नई सरकारी योजनाएं आत्मनिर्भर भारत के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाएगी। इस लेख में जानिए योजना का उद्देश्य, पात्रता शर्तें, जरूरी दस्तावेज, ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया, लाभार्थी सूची और कब से पैसा मिलेगा — पूरी जानकारी आसान … Read more
योनिशोथ- स्त्रीयों का सम्पूर्ण यौन रोग कारण

धर्म, दर्शन और पुरुष स्त्री चेतना की सीमाओं का विश्लेषण: स्त्री एक विषय नहीं, एक अनंत पाठ है -भाग 3

क्या स्त्री को समझा जा सकता है? प्रेम, मोक्ष और अद्वैत दर्शन के आलोक में जानिए क्यों स्त्री चेतना ज्ञान नहीं, साधना है। तंत्र से उपनिषद तक का दुर्लभ विश्लेषण पढ़ें देवी कामाख्या की मार्गदर्शन में लेखक संपादक अमित श्रीवास्तव की लेखनी से, जिसमें ऐतिहासिक उदाहरण, उद्धरण, मनोवैज्ञानिक अंतर्दृष्टि और समकालीन संदर्भ शामिल हैं। स्त्री … Read more
योनिशोथ- स्त्रीयों का सम्पूर्ण यौन रोग कारण

स्त्री एक विषय नहीं, एक अनंत पाठ है (भाग–2) मनोविज्ञान, प्रेम, देह और यौनिकता: स्त्री चेतना की गहराइयों में प्रवेश

स्त्री मनोविज्ञान, प्रेम, देह और यौनिकता के माध्यम से स्त्री चेतना की गहराइयों में प्रवेश—‘स्त्री एक विषय नहीं, एक अनंत पाठ है’ भाग–2 में मिलेगा Teble of contents से आगे विस्तृत जानकारी। क्रमशः पढ़ते रहें सीरीज़ और सम्बंधित लेख जो दुर्लभ जानकारी को सार्वजनिक करता है। स्त्री एक विषय नहीं, एक अनंत पाठ (भाग–2) प्रस्तावना: … Read more
यक्षिणी साधना, सरल यक्षिणी साधना, काम यक्षिणी Yakshini sadhna

स्त्री एक एहसास विषय नहीं, एक अनंत पाठ – भाग 1: धर्म दर्शन और पुरुष चेतना की सीमाओं का विश्लेषण

स्त्री एक एहसास विषय नहीं, कोई वस्तु नहीं बल्कि अनंत चेतना है। यह लेख वेद, उपनिषद, पुराण, तंत्र और पाश्चात्य दर्शन के आलोक में स्त्री और पुरुष चेतना की सीमाओं का गहन विश्लेषण लेखक संपादक अमित श्रीवास्तव की कर्म-धर्म लेखनी में तमाम खोज कर्ताओं की जिज्ञासाओं को समाहित करते प्रस्तुत है। स्त्री एक एहसास विषय … Read more
योनिशोथ- स्त्रीयों का सम्पूर्ण यौन रोग कारण

1 News National का इंटरव्यू: रजनी शाह से हिंदुत्व, मानवाधिकार और महिला आत्मनिर्भरता पर तीखी लेकिन संतुलित बातचीत

I News National (North East) के विशेष स्टूडियो में प्रसारित एक इंटरव्यू इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस इंटरव्यू में सामाजिक कार्यकर्ता एवं मानवाधिकार से जुड़ी हस्ती रजनी शाह से हिंदुत्व, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा, महिला आत्मनिर्भरता, मानवाधिकार सेवाएं और international human rights organization (IHRO) जैसे संवेदनशील … Read more
योनिशोथ- स्त्रीयों का सम्पूर्ण यौन रोग कारण

New Government Scheme 2026: नई सरकारी योजना 2026 कौन पात्र है, कितना लाभ मिलेगा और आवेदन प्रक्रिया (पूर्ण मार्गदर्शिका)

New Government Scheme 2026: पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया, DBT, स्वास्थ्य कवर, महिला सशक्तिकरण, योजनागत चुनौतियां, आम गलतियाँ और भविष्य का रोडमैप – पूरी गाइड पढ़ें। नई सरकारी योजना क्या है? प्रस्तावना: 2026 और भारत की नई सामाजिक-आर्थिक दिशा भारत वर्ष 2026 की ओर बढ़ते हुए एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ सरकार की नीतियाँ … Read more
योनिशोथ- स्त्रीयों का सम्पूर्ण यौन रोग कारण

प्रयागराज में प्रतिबंधित पॉलीथिन का धड़ल्ले से इस्तेमाल: पर्यावरण संरक्षण के दावों की खुला पोल – 1 शैक्षणिक और राजनीतिक विश्लेषण

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख शहर जो गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम के लिए प्रसिद्ध है, प्रतिबंधित पॉलीथिन आजकल पर्यावरणीय संकट के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां प्रतिबंधित पॉलीथिन बैग्स का खुले आम इस्तेमाल हो रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2015 के आदेश और राज्य सरकार की बार-बार … Read more
कामाख्ये वरदे देवी नील पर्वत वासिनी। त्वं देवी जगत माता योनिमुद्रे नमोस्तुते।। sexual intercourse भोग संभोग

भारतीय दर्शन में योनितत्त्व-भाग 1: आध्यात्मिक परंपरा में सृष्टि का गर्भ, शक्ति का विज्ञान और चेतना का मूल रहस्य

भारतीय दर्शन में योनितत्त्व: सृष्टि का गर्भ, शक्ति का विज्ञान और चेतना का आधार—तंत्र, शिव-शक्ति, स्त्री एवं कामाख्या योनि पीठ और कुंडलिनी का गहन अध्ययन। Disclaimerयह लेख लेखक अमित श्रीवास्तव द्वारा पूर्णतः शैक्षणिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक अध्ययन के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें प्रयुक्त शब्द, प्रतीक और अवधारणाएँ भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, तंत्र, दर्शन और … Read more
योनिशोथ- स्त्रीयों का सम्पूर्ण यौन रोग कारण

जीवन में ईमानदारी और मेहनत को सदैव महत्व दें 1 गुरुकुल शिक्षण खामपार: मनोज कुशवाहा

देवरिया। भाटपार रानी स्थानीय तहसील क्षेत्र के खामपार थाना स्थित गुरुकुल शिक्षण संस्थान में कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों की समारोह पूर्वक विदाई की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना के साथ किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुशवाहा ने कहा कि आज के बाद विद्यार्थी केवल विद्यालय से विदा हो … Read more