लग्न पत्रिका गुण मिलन: योनि गुण ज्ञान चक्र

Amit Srivastav

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लग्न पत्रिका गुण मिलन: योनि गुण ज्ञान चक्र योनि का प्रकार

लग्न पत्रिका कुंडली मिलान भारतीय वैदिक ज्योतिष में विवाह के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसमें 36 गुणों के आधार पर वर और वधू की कुंडलियों का मिलान किया जाता है, ताकि उनके बीच सामंजस्य और अनुकूलता की जांच की जा सके। इनमें से एक महत्वपूर्ण कूट या पहलू है योनि कूट, जो शारीरिक अनुकूलता, यौन सामंजस्य और दीर्घकालिक सुखी वैवाहिक जीवन के लिए आवश्यक माना जाता है। किन्तु इस योनिकूटस्य मिलान का कारण और पहलू को समझ पाने में असमर्थ लोगों को इसका ध्यान नहीं रहता।

आज-कल बिना कुंडली मिलान व बेमेल विवाह का प्रचलन बढ़ रहा है, जैसे लव मैरिज में शुरूआती शारीरिक संबंध तो कुछ खास कमियों का एहसास नही कराते। बाद में जब गृहस्थ जीवन में अपनी भूमिका निभाने की बारी आती है तो ज्यादातर फेल हो जाते हैं। इसका मूल कारण है बेमेल योनि गुण ज्ञान चक्र में गुण का न मिलना। जिस कारण विवाहोपरांत यौन सुख से वंचित पुरूष या महिलाएं अपने जीवन साथी से असंतुष्ट हो, एक वैसे साथी कि तलाश पूरी कर ले रहे हैं जो यौनसुख दे सके। ऐसे में स्त्री-पुरुष अपने वैवाहिक धर्म से भटक गैरों का साथ अपनाने की चेष्टा में देखे जा सकते हैं।

गुप्त रहस्यों को उजागर करता चित्रगुप्त वंशज-अमित श्रीवास्तव की कर्म-धर्म लेखनी में प्रस्तुत है माँ कामाख्या देवी की आज्ञा से वो गुण ज्ञान जो समझ लेने से जीवन सुख-समृद्धि से भरा सुखमय व्यतीत होगा। अकाट्य जानकारी से अवगत होने के लिए पढ़ें धार्मिक एवं आध्यात्मिक लेखनी।

लग्न पत्रिका में योनि कूट की परिभाषा

योनि कूट कुंडली मिलान में 4 गुणों का महत्व रखता है। यह स्त्री और पुरुष की शारीरिक, मानसिक और यौन सामंजस्यता की जांच करता है। योनि का यहाँ अर्थ केवल शारीरिक अंग से नहीं है, बल्कि व्यक्ति के स्वभाव, यौन प्रकृति, और शारीरिक मेलजोल के संदर्भ में उनकी प्रवृत्तियों से जुड़ा है। योनि कूट में जातकों को 14 प्रकार की योनियों में विभाजित किया गया है, जो विभिन्न पशुओं और उनके गुणों का प्रतीक होती हैं। यह स्त्री-पुरुष दोनों के बीच जन्म कुंडली के अनुसार देखा जाता है।

लग्न पत्रिका गुण मिलन: योनि गुण ज्ञान चक्र

सामान्य रूप से 14 योनियाँ मानी जाती हैं, जो विभिन्न जानवरों के नामों से जुड़ी हैं। सम्पूर्ण योनि 64 प्रकार की होती है जिसे जानने वाला व्यक्ति योनि कि बनावट के आधार पर जीवन का इतिहास बता सकता है अधिक जानकारी के हमारी लिखी योनि के 64 प्रकार शिव-पार्वती संवाद को पढे़ं। यहां 14 योनि प्रतीकात्मक हैं और प्रत्येक योनि का एक विशेष स्वभाव और गुण माना जाता है। हमारे धर्मग्रंथों पंचाग आदि में संस्कृत भाषा में वर्णित है।

1. अश्व योनि (घोड़ा)
2. गज योनि (हाथी)
3. मेष योनि (भेड़)
4. सर्प योनि (साँप)
5. श्वान योनि (कुत्ता)
6. मार्जार योनि (बिल्ली)
7. मूषक योनि (चूहा)
8. गौ योनि (गाय)
9. महिष योनि (भैंस)
10. ब्याघ्र योनि (बाघ)
11. मृग योनि (हिरण)
12. वानर योनि (बंदर)
13. नकुल योनि (नेवला)
14. सिंह योनि (सिंह)

योनि मिलान की प्रक्रिया

योनि कूट में यह देखा जाता है कि वर और वधू की योनियाँ आपस में कितनी अनुकूल हैं। 4-3-2-1-0 में से अनुकूल योनियों का मिलान होने पर विवाह में यौन सामंजस्य और संतुष्टि रहती है, जिससे विवाह दीर्घकालिक और सुखद होता है। यदि योनि कूट में अनुकूलता नहीं है, तो यह विवाह में शारीरिक और मानसिक असहमति का कारण बन जाता है।

योनि अनुकूलता (Matching of Yoni)

योनि मिलान के दौरान निम्नलिखित अनुकूलताएँ या असंगतियाँ मानी जाती हैं-

1. समान योनि (Same Yoni)

यदि वर और वधू की योनि समान होती है (जैसे दोनों गज योनि या दोनों अश्व योनि), गुण मिलन 4, तो यह श्रेष्ठ माना जाता है। यह दर्शाता है कि दोनों में यौन और शारीरिक सामंजस्य अच्छा रहेगा।

2. समरूप योनि (Similar Yoni)

कुछ योनियाँ स्वभाव और गुणों में एक-दूसरे से मेल खाती हैं। जैसे अश्व और गज योनि में गुण मिलन 2 होता है जो थोड़ी अनुकूलता मानी जाती है, क्योंकि ये दोनों शक्तिशाली और स्थिर योनियाँ हैं। इस प्रकार की अनुकूलता वाले जोड़े भी अच्छे मान लिए जाते हैं। जबकि पूर्ण यौन संतुष्टी नही मिलती।

3. विषम योनि (Dissimilar Yoni)

कुछ योनियाँ एक-दूसरे के विपरीत मानी जाती हैं, जैसे अश्व के साथ महिष, सिंह योनि। गुण योग 1 या 0 ऐसे जोड़ों में शारीरिक और यौन असंतोष की संभावना अधिक होती है, क्योंकि उनके स्वभाव और यौन प्रवृत्तियों में तालमेल की कमी होती है। विषम योनि सम्बन्ध किसी के लिए कष्टकारी तो किसी के लिए असंतोष प्रदान करता है। जैसे गज स्त्री गज पुरुष के साथ तृप्तिकर सुख का अनुभव करती हैं और गज स्त्री ब्याघ्र, सिंह पुरूष से यौनसुख अतृप्ति कर रहती है।

योनियों के गुण और स्वभाव

लग्न पत्रिका गुण मिलन: योनि गुण ज्ञान चक्र

प्रत्येक योनि का एक विशेष स्वभाव और गुण होता है, जो जातक की यौन प्रवृत्तियों और शारीरिक स्वभाव को दर्शाता है। यहाँ प्रत्येक योनि के कुछ विशेष गुणों का संक्षेप में उल्लेख कर रहे हैं।

  • 1. अश्व (घोड़ा): साहसी, स्वतंत्र, और ऊर्जावान। इस योनि वाले जातक यौन क्रियाओं में तीव्र और उत्साही होते हैं।
  • 2. गज (हाथी): स्थिर, दृढ़, और शांत। ये जातक धैर्यवान और संयमी होते हैं।
  • 3. मेष (भेड़): सौम्य, सहयोगी, और समझौतावादी। ये यौन संबंधों में मधुर और संवेदनशील होते हैं।
  • 4. सर्प (साँप): रहस्यमयी, चालाक, और उत्तेजक। ये जातक यौन रूप से तीव्र और प्रबल होते हैं।
  • 5. श्वान (कुत्ता): वफादार, भावुक, और सहनशील। ये जातक अपने साथी के प्रति पूरी तरह से समर्पित रहते हैं।
  • 6. मार्जार (बिल्ली): चपल, संवेदनशील, और कामुक। ये जातक यौन क्रियाओं में कोमलता और उत्तेजना को प्राथमिकता देते हैं।
  • 7. मूषक (चूहा): सतर्क, चंचल, और सतत सक्रिय। ये जातक यौन रूप से उत्तेजना और तीव्रता की खोज में रहते हैं।
  • 8. गौ (गाय): शांति, करुणा, और स्थिरता की प्रतीक। यह योनि स्थिरता और सामंजस्य का प्रतीक होती है।
  • 9. महिष (भैंस): दृढ़, गंभीर, और संवेदनशील। यह योनि शारीरिक और मानसिक शक्ति का प्रतीक है।
  • 10. ब्याघ्र (बाघ): उग्र, तीव्र, और निर्भीक। यह योनि शक्ति और प्रभुत्व का प्रतीक मानी जाती है।
  • 11. मृग (हिरण): विनम्र, संवेदनशील, और सजीव। यह योनि कोमलता और सौम्यता का प्रतीक होती है।
  • 12. वानर (बंदर): चंचल, मस्तीखोर, और संवेदनशील। यह योनि चपलता और कामुकता का प्रतीक मानी जाती है।
  • 13. नकुल (नेवला): तीव्र, सतर्क, और साहसी। यह योनि त्वरित प्रतिक्रिया और सतर्कता का प्रतीक है।
  • 14. सिंह (सिंह): शक्ति, साहस, और नेतृत्व का प्रतीक। यह योनि शक्ति और प्रभुत्व की भावना को दर्शाती है।

योनि दोष और उनके उपाय

यदि कुंडली मिलान में योनि कूट में दोष पाया जाता है, तो इसे विवाह के लिए अशुभ माना जा सकता है। हालाँकि, वैदिक ज्योतिष में इसके लिए उपाय भी बताए गए हैं, जैसे धार्मिक अनुष्ठान, मंत्र जाप, और विशेष पूजा। इन उपायों से संभावित दोषों को कम किया जा सकता है और विवाह को सफल बनाया जा सकता है।


योनि कूट का महत्व कुंडली मिलान में शारीरिक और यौन सामंजस्य को सुनिश्चित करने के लिए है। यह 14 योनियों के आधार पर वर और वधू की यौन और मानसिक अनुकूलता का आकलन करता है। अनुकूल योनि मिलान विवाह को दीर्घकालिक सुख और संतोष की ओर ले जाता है, जबकि असंगतता मानसिक और शारीरिक तनाव का कारण बन सकती है। योनि से सम्बंधित और विस्तृत जानकारी के लिए सम्पर्क किया जा सकता है लेखक के भारतीय हवाटएप्स 7379622843 पर।

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