जलवायु अनुकूल सब्जी फसल प्रणाली: किसानों के लिए टिकाऊ कृषि की दिशा में 1 कदम

Amit Srivastav

Updated on:

देवरिया। कृषि विज्ञान केन्द्र में आयोजित वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 15वीं बैठक में डॉ. राजेश कुमार ने जलवायु अनुकूल सब्जी फसल प्रणालियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। जानें फसल विविधीकरण, जैविक कीटनाशकों और उन्नत प्रजातियों के प्रसार से किसानों की समृद्धि कैसे बढ़ेगी।


कृषि विज्ञान केंद्र (भाकृअनुप-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी) मल्हना, देवरिया में आयोजित वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 15वीं बैठक एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुई, जिसमें भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने अध्यक्षता की।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के दृष्टिकोण से कृषि क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देना और किसानों के लिए टिकाऊ और लाभकारी कृषि प्रणालियों को विकसित करना था। डॉ. राजेश कुमार ने अपने संबोधन में केंद्र के विशेषज्ञों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनपद के किसानों के खेतों पर जलवायु अनुकूल सब्जी फसल आधारित प्रणालियों को प्रोत्साहित करें।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी फसल प्रणालियाँ विकसित की जाएँ जो बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य में न केवल उत्पादकता को बनाए रखें, बल्कि मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरणीय संतुलन को भी संरक्षित करें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सब्जी फसलों की उन्नत और जलवायु-सहिष्णु प्रजातियों के प्रदर्शन को अधिक से अधिक संख्या में आयोजित करने पर बल दिया, ताकि किसानों को इन प्रजातियों के लाभों से अवगत कराया जा सके और उनकी खेती को प्रोत्साहन मिले।

जलवायु अनुकूल कृषि मे सब्जी फसल को लेकर बैठक

जलवायु अनुकूल कृषि मे सब्जी फसल पर चर्चा

बैठक में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. नीरज सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने संस्थान द्वारा विकसित की गई सब्जियों की उन्नतशील प्रजातियों के व्यापक प्रसार और प्रचार पर जोर दिया। डॉ. सिंह ने सुझाव दिया कि इन प्रजातियों का प्रदर्शन और प्रभाव विश्लेषण नियमित रूप से किया जाना चाहिए, ताकि यह समझा जा सके कि ये प्रजातियाँ स्थानीय परिस्थितियों में कितनी प्रभावी हैं और किसानों के लिए कितनी लाभकारी सिद्ध हो रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के बीच इन प्रजातियों को लोकप्रिय बनाने के लिए जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। इस अवसर पर भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के पूर्व विभागाध्यक्ष और प्रधान वैज्ञानिक डॉ. ए.बी. राय ने भी अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। उन्होंने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया और जैविक कीटनाशकों के उपयोग को प्राथमिकता देने की सलाह दी।

डॉ. राय ने कहा कि रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए जैविक कीटनाशकों का उपयोग एक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प हो सकता है।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि फसल विविधीकरण के माध्यम से किसान न केवल अपनी आय को बढ़ा सकते हैं, बल्कि जोखिम को भी कम कर सकते हैं, क्योंकि यह प्रणाली विभिन्न मौसमी और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होती है।


बैठक की शुरुआत में केंद्र के अध्यक्ष डॉ. मान्धाता सिंह ने केंद्र की गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने केंद्र द्वारा अब तक किए गए कार्यों, चल रही परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। इसके बाद, केंद्र के विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति और कार्य योजनाओं को प्रस्तुत किया।

उद्यान विशेषज्ञ डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने सब्जी उत्पादन और बागवानी से संबंधित नवाचारों और प्रगति पर चर्चा की, जबकि सस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. कमलेश मीणा ने फसल प्रबंधन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए अपनाई जा रही तकनीकों के बारे में जानकारी दी।

गृह विज्ञान विशेषज्ञ जय कुमार ने ग्रामीण महिलाओं और किसान परिवारों के लिए पोषण और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों पर अपने प्रयासों को रेखांकित किया। पशु पालन विशेषज्ञ डॉ. अंकुर शर्मा ने पशुपालन के क्षेत्र में किसानों को दी जा रही तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण के बारे में बताया।


बैठक में जिला प्रशासन और अन्य हितधारकों की सक्रिय भागीदारी भी देखी गई। जिले के उपनिदेशक (कृषि) श्री सुभाष मौर्या ने सुझाव दिया कि कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों को कृषि विभाग के साथ मिलकर कार्य करना चाहिए, ताकि किसानों तक नवीनतम तकनीकों और जानकारी को प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सके। उन्होंने किसानों को जागरूक करने और उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

खंड पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने पशुपालन से संबंधित समस्याओं और उनके समाधान पर अपने विचार साझा किए। भूमि संरक्षण अधिकारी सुभाष मौर्या ने मिट्टी और जल संरक्षण के लिए अपनाई जा रही तकनीकों पर प्रकाश डाला, जो जलवायु अनुकूल कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। नाबार्ड के प्रबंधक सूरज शुक्ला ने किसानों को वित्तीय सहायता और योजनाओं के बारे में जानकारी दी और केंद्र के साथ सहयोग बढ़ाने की बात कही।


इस बैठक में जिले के लगभग 30 अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों और कर्मचारियों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन एक समावेशी रुप में दिखा। किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और केंद्र से अपेक्षित सहायता के बारे में बताया। इस प्रकार, यह बैठक न केवल वैज्ञानिक और प्रशासनिक स्तर पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करने में सफल रही, बल्कि किसानों और विशेषज्ञों के बीच एक मजबूत संवाद स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बैठक के अंत में यह संकल्प लिया गया कि जलवायु अनुकूल कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने और किसानों की समृद्धि के लिए सभी हितधारक मिलकर कार्य करेंगे।

Click on the link मुख्यमंत्री कामधेनु योजना कि जानकारी के लिए यहां क्लिक करें। सरकार ने दिया किसानों और बेरोजगार युवाओं को बड़ा तोहफा। अपनी हर मनपसंद जानकारी के लिए बने रहिए निस्पक्ष कलम के साथ amitsrivastav.in Google side पर। बेल आइकन को दबा एक्सेप्ट करें एप्स इंस्टाल करें।

click on the link ब्लाग पोस्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

HomeOctober 27, 2022Amit Srivastav
जलवायु अनुकूल सब्जी फसल प्रणाली: किसानों के लिए टिकाऊ कृषि की दिशा में 1 कदम

Journalism पत्रकारिता का संपूर्ण इतिहास: प्राचीन काल से आधुनिक युग तक – गुप्त रहस्यों के साथ विश्लेषणात्मक अध्ययन

पत्रकारिता का संपूर्ण इतिहास: “Journalism” प्राचीन काल से आधुनिक युग तक – गुप्त रहस्यों के साथ विश्लेषणात्मक अध्ययन का रहस्यमयी सफर: प्राचीन काल से गोदी मीडिया तक। फेक न्यूज़ का प्रभाव और भारत में सत्य की जंग। इतिहास और वर्तमान का रोचक विश्लेषण। The Complete History of Journalism: An Analytical Study/Analytical study of the entire … Read more
जलवायु अनुकूल सब्जी फसल प्रणाली: किसानों के लिए टिकाऊ कृषि की दिशा में 1 कदम

JINDAGI JHAND HAI PHIR BHI GHAMAND HAI: जिंदगी झंड है, फिर भी घमंड है: आज के युवक-युवतियों और दम्पतियों पर 1 हास्यास्पद व्यंग्यात्मक डिजिटल प्रेमकथा

jindagi jhand hai phir bhi ghamand hai — आज की जिंदगी बड़ी तेज हो गई है। इतनी तेज कि आदमी को खुद समझ नहीं आता कि वह जिंदगी जी रहा है या जिंदगी उसे जी रही है। सुबह आंख खुलते ही मोबाइल हाथ में आ जाता है, रात आंख बंद होने से पहले आखिरी बार … Read more
जलवायु अनुकूल सब्जी फसल प्रणाली: किसानों के लिए टिकाऊ कृषि की दिशा में 1 कदम

विकसित भारत की संकल्पना के शिल्पकार है नरेंद्र मोदी: September 17 सभा कुंवर कुशवाहा

उत्तर प्रदेश देवरिया। September 17 बृहस्पतिवार को भाटपार रानी मंडल के भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्ष विशंभर पांडेय की अध्यक्षता में भाटपार रानी उपनगर स्थित हरि ब्रह्मा बाबा के मंदिर में देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर स्वच्छता कार्यक्रम के अंतर्गत साफ-सफाई किया। एवं ग्राम पंचायत बेलपार पंडित … Read more
जलवायु अनुकूल सब्जी फसल प्रणाली: किसानों के लिए टिकाऊ कृषि की दिशा में 1 कदम

बॉलीवुड कैलाश खेर सिंगर ने मिस एशिया वर्ल्ड विनर निधि सिंह से की मुलाकात, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं

बॉलीवुड कैलाश खेर सिंगर ने मिस एशिया वर्ल्ड वियतनाम विनर निधि सिंह से मुलाकात कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। जानिए निधि सिंह की उपलब्धियों, सामाजिक सेवा, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से जुड़ी पूरी खबर। एंकर: बॉलीवुड के मशहूर और लोकप्रिय गायक कैलाश खेर ने मिस एशिया वर्ल्ड वियतनाम की विनर निधि सिंह … Read more
जलवायु अनुकूल सब्जी फसल प्रणाली: किसानों के लिए टिकाऊ कृषि की दिशा में 1 कदम

Sex Positions तंत्र, धर्म, विज्ञान और ज्योतिष के 5000 वर्षों के छुपे राज

Sex Positions सेक्स पोजीशन का गुप्त रहस्य वो गुप्त ज्ञान जो कभी आम लोगों को नहीं बताया गया — पूर्ण दांपत्य सुख और आत्मिक मिलन का प्रतिबंधित मार्गदर्शक amitsrivastav.in लेखक: अमित श्रीवास्तव विषय सूची भूमिका भाग 1 — छुपा हुआ इतिहास अध्याय 1: वो गुप्त शास्त्र जो सदियों तक छुपाए गए अध्याय 2: कामसूत्र का असली … Read more
जलवायु अनुकूल सब्जी फसल प्रणाली: किसानों के लिए टिकाऊ कृषि की दिशा में 1 कदम

माँ की ममता — wonderful महाग्रंथ श्रृंखला खंड 1,2,3

क्या हम सचमुच अपनी माँ को समझ पाए हैं? “माँ की ममता” महाग्रंथ-श्रृंखला — केवल एक पुस्तक नहीं, समाज के आत्ममंथन का दस्तावेज़ है जहाँ माँ पर बहुत लिखा गया है। कविताएँ लिखी गईं, गीत लिखे गए, कहानियाँ लिखी गईं, आँसू बहाए गए, श्रद्धा व्यक्त की गई और माँ को धरती पर ईश्वर का रूप … Read more
जलवायु अनुकूल सब्जी फसल प्रणाली: किसानों के लिए टिकाऊ कृषि की दिशा में 1 कदम

सुखी दांपत्य जीवन: प्रेम, सम्मान और संवाद की संपूर्ण यात्रा

क्या केवल विवाह कर लेना ही सुखी दांपत्य जीवन की गारंटी है?यदि ऐसा होता, तो दुनिया में इतने अधिक वैवाहिक तनाव, बढ़ती दूरियाँ, लगातार होने वाले विवाद, भावनात्मक अकेलापन और टूटते रिश्ते दिखाई नहीं देते। वास्तविकता यह है कि विवाह जीवन की सबसे सुंदर यात्राओं में से एक है, लेकिन यह सबसे चुनौतीपूर्ण यात्राओं में … Read more
जलवायु अनुकूल सब्जी फसल प्रणाली: किसानों के लिए टिकाऊ कृषि की दिशा में 1 कदम

क्या वास्तव में होती हैं अप्सराएँ? mrigakshi apsara का रहस्य, शास्त्रीय परंपरा, तांत्रिक विमर्श और 1 आध्यात्मिक दृष्टि

क्या अप्सराएँ केवल पौराणिक कथा हैं या भारतीय शास्त्रों का गहन प्रतीक? Mrigakshi Apsara मृगाक्षी अप्सरा, वैदिक संदर्भ, शक्ति परंपरा और शोधपरक तंत्र-मंत्र साधना विधि-विधान के साथ विश्लेषण पढ़ें। पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा अप्सरा साधना महाग्रंथ श्रृंखला 64 में प्रथम शिर्षक मृगाक्षी अप्सरा साधना महाग्रंथ mrigakshi apsara mantra सम्पूर्ण विधि-विधान सहित amozan पर eBook एवं … Read more
जलवायु अनुकूल सब्जी फसल प्रणाली: किसानों के लिए टिकाऊ कृषि की दिशा में 1 कदम

बटुक भैरव कार्य सिद्धि एवं शत्रुनाशक प्रयोग | काल भैरव मंत्र, पूजा विधि और उपाय

बटुक भैरव कार्य सिद्धि एवं शत्रुनाशक प्रयोग काल भैरव की पूजा विधि, मंत्र और उपाय भगवान बटुक भैरव की पूजा विधि, शक्तिशाली कार्य सिद्धि मंत्र, अष्टोत्तर शत नाम स्तोत्र, कवच पाठ और शत्रु नाशक प्रभावी उपाय जानिए। कालभैरवाष्टमी पर विशेष प्रयोग से असंभव कार्य सिद्ध होंगे और शत्रु परेशान करना छोड़ देंगे। भैरव कृपा प्राप्त … Read more
जलवायु अनुकूल सब्जी फसल प्रणाली: किसानों के लिए टिकाऊ कृषि की दिशा में 1 कदम

श्री श्री कामाख्या अंबुबाची महाग्रंथ: देवी शक्ति, तंत्र, साधना और सनातन चेतना का 12 दिव्य रहस्य

श्री श्री कामाख्या अंबुबाची महाग्रंथ में देवी कामाख्या, अंबुबाची महापर्व, शक्ति पीठ, तंत्र, साधना, शिव-शक्ति दर्शन, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का शोधपरक एवं विस्तृत अध्ययन। shri-shri-kamakhya-ambubachi-mahagranth इसे भी पढ़ें: तांत्रिकों की देवी लोना चमारिन की आपबीती इसे भी पढ़ें: गुरु गोरखनाथ का जन्म कब हुआ था — सम्पूर्ण जीवनी क्या आपने कभी सोचा है … Read more

Leave a Comment