प्राकृतिक खेती की दिशा में बड़ा कदम: कृषि सखियों को मिला प्रशिक्षण, 54 क्लस्टरों में निभाएंगी भूमिका

Amit Srivastav

देवरिया। बदलते पर्यावरण, महंगे रासायनिक उर्वरकों और घटती मिट्टी की गुणवत्ता के बीच कृषि सखियों को मिला प्रशिक्षण प्राकृतिक खेती अब एक व्यवहारिक समाधान के रूप में सामने आ रही है। इसी कड़ी में कृषि विज्ञान केंद्र, देवरिया द्वारा नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फॉर्मिंग (एनएमएनएफ) के तहत पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले की 54 चयनित कृषि सखियों ने भाग लिया। Krishi Sakhis got training


समापन समारोह में विशेषज्ञों ने बताए प्राकृतिक खेती के लाभ—
कार्यक्रम का समापन समारोह केंद्र परिसर में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ. मांधाता सिंह ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, प्राकृतिक खेती सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि एक जीवन शैली है। इसमें किसान और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित होता है। कृषि सखियां इस आंदोलन की रीढ़ बन सकती हैं, क्योंकि वे गांवों में किसानों से सीधे जुड़ाव रखती हैं और समाज में बदलाव की वाहक होती हैं।

डॉ. सिंह ने आगे बताया कि देसी गाय के गोबर और गौमूत्र से तैयार जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत और नीमास्त्र जैसे जैविक घोलों से न केवल फसल की गुणवत्ता बढ़ती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

प्राकृतिक खेती की दिशा में बड़ा कदम: कृषि सखियों को मिला प्रशिक्षण, 54 क्लस्टरों में निभाएंगी भूमिका

54 क्लस्टरों में करेंगी कृषि सखियां काम
कृषि विभाग के उप निदेशक सुभाष मौर्य ने जानकारी दी कि जिले के विभिन्न हिस्सों में 54 क्लस्टर बनाए गए हैं। “प्रत्येक कृषि सखी को अपने क्षेत्र में किसानों के बीच जाकर प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान साझा करना होगा और उन्हें रसायन मुक्त खेती अपनाने के लिए प्रेरित करना होगा,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी बताया कि यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और गांवों के समग्र विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।


आत्मनिर्भर किसान और सस्ती खेती की ओर बढ़ते कदम
कार्यक्रम में उद्यान विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों को आत्मनिर्भर बनाती है। जब किसान अपने खेत के भीतर से ही खाद और कीटनाशक तैयार कर सकेगा, तो वह बाजार पर निर्भर नहीं रहेगा और उत्पादन की लागत में भारी कटौती होगी, उन्होंने कहा।


सस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. कमलेश मीना ने इस अवसर पर कहा कि बीते दशकों में रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग ने मिट्टी की संरचना और जैविक गतिविधियों को नुकसान पहुंचाया है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से हम मिट्टी को फिर से जीवंत बना सकते हैं।


केंद्र के विशेषज्ञ जय कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि प्राकृतिक खेती सिर्फ खेत तक सीमित नहीं है, इसका सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य, पर्यावरणीय संतुलन और जल स्रोतों पर भी पड़ता है। यह एक समग्र समाधान है, जो धरती, जल, वायु और जीव-जंतुओं के लिए हितकारी है।


डॉ. अंकुर शर्मा ने कहा कि जैव विविधता को संरक्षित रखने में प्राकृतिक खेती अत्यंत सहायक है। जब हम रसायनों का प्रयोग बंद करते हैं तो खेतों में केंचुए, पक्षी, मधुमक्खियां और अन्य उपयोगी जीव वापस आते हैं, जिससे पूरा पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होता है।

प्रशिक्षण पूर्ण करने पर दी गईं प्रमाण पत्र
पांच दिन तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हेमा देवी, रूबी देवी, खुशबू देवी समेत 54 कृषि सखियों ने भाग लिया। समापन समारोह के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर दिग्विजय सिंह, अविनाश गुप्ता, शरद राय, मंजीत कुशवाहा सहित कई अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

कृषि सखियों को मिला प्रशिक्षण

नारी शक्ति के हाथों टिकाऊ खेती की बागडोर
इस कार्यक्रम से यह स्पष्ट है कि सरकार अब केवल तकनीकी नवाचार तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि सामुदायिक भागीदारी और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से खेती को एक नया रूप देना चाहती है। कृषि सखियों को जो ज्ञान और प्रशिक्षण दिया गया है, वह भविष्य में रसायन मुक्त, पोषण युक्त और पर्यावरण अनुकूल खेती की नींव रखेगा।

click on the link मोदी के बाद भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन जानें विशेषज्ञों का विश्लेषण

click on the link ब्लाग पोस्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

HomeOctober 27, 2022Amit Srivastav
प्राकृतिक खेती की दिशा में बड़ा कदम: कृषि सखियों को मिला प्रशिक्षण, 54 क्लस्टरों में निभाएंगी भूमिका

देवरिया में आंगनबाड़ी नियुक्ति विवाद महिला ने डीएम से की निष्पक्ष जांच की मांग

देवरिया जिले के भागलपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम गहिला में आंगनबाड़ी कार्यकत्री की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। गांव की निवासी कमलावती सिंह ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि वर्ष 2004 में उन्हें विधिवत चयनित किए जाने के बावजूद बाद में साजिश के तहत कुछ वर्ष बाद हटाकर दूसरी … Read more
प्राकृतिक खेती की दिशा में बड़ा कदम: कृषि सखियों को मिला प्रशिक्षण, 54 क्लस्टरों में निभाएंगी भूमिका

Kisan Sammelan Gwalior In Nidhi Singh: पूर्व ब्लैक कैट कमांडर्स ने 1 राम दरबार भेंट कर किया अभिनंदन

ग्वालियर में आयोजित कृषि सम्मेलन Kisan Sammelan Gwalior में पूर्व ब्लैक कैट कमांडर्स ने निधि सिंह को राम दरबार भेंट कर सम्मानित किया। निधि सिंह ने किसानों को प्राकृतिक खेती, सहकारिता और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में आयोजित एक भव्य सहकारिता कृषि सम्मेलन में देश-विदेश में अपनी उपलब्धियों और … Read more
प्राकृतिक खेती की दिशा में बड़ा कदम: कृषि सखियों को मिला प्रशिक्षण, 54 क्लस्टरों में निभाएंगी भूमिका

20 May Deoria: वेतन संकट से जूझ रहे स्वास्थ्य कर्मियों का फूटा गुस्सा, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध — “जनता की सेवा करें या परिवार बचाएं?”

20 May Deoria। में एनएचएम कर्मियों, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सीएचओ और डॉक्टरों ने लंबित वेतन के विरोध में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। जानिए वेतन संकट, कर्मचारियों की मांग और स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ने वाले असर की पूरी रिपोर्ट। महीनों से लंबित वेतन ने स्वास्थ्य कर्मियों को आर्थिक और मानसिक संकट में धकेला।देवरिया में स्वास्थ्य … Read more
प्राकृतिक खेती की दिशा में बड़ा कदम: कृषि सखियों को मिला प्रशिक्षण, 54 क्लस्टरों में निभाएंगी भूमिका

NCF 2023 के संदर्भ में भाषा शिक्षण: गहन अध्ययन, कौशल और रचनात्मकता की तरफ

नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा 2023 (NCF 2023) ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लाया है। भाषा शिक्षण के क्षेत्र में सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि पुरानी रट्टू प्रणाली को पूरी तरह खारिज कर दिया गया है। हिंदी भाषा को अब ‘कोर्स A और B’ के स्थान पर … Read more
प्राकृतिक खेती की दिशा में बड़ा कदम: कृषि सखियों को मिला प्रशिक्षण, 54 क्लस्टरों में निभाएंगी भूमिका

जनगणना-2027 : देश की आबादी गिनने से पहले सरकार मोबाइल की औकात क्यों गिन रही है?

जनगणना-2027 पर बड़ा सवाल सरकारी काम या महंगे स्मार्टफोन बेचने की योजना? जनगणना-2027 एप्स पुराने एंड्रॉयड मोबाइल में न चलने पर प्रगणकों में नाराजगी। क्या डिजिटल इंडिया के नाम पर कर्मचारियों पर महंगे मोबाइल और डेटा खर्च का दबाव डाला जा रहा है? प्रगणकों की जेब पर डिजिटल हमला! जनगणना-2027 एप्स पर व्यंग्यात्मक विश्लेषण। पुराने … Read more
कामाख्ये वरदे देवी नील पर्वत वासिनी। त्वं देवी जगत माता योनिमुद्रे नमोस्तुते।। sexual intercourse भोग संभोग

Yoni Sadhana Vidhi योनि साधना अदृष्ट शक्ति का महाप्रवाह वृहद तांत्रिक ग्रंथ 40 अध्याय

Yoni Sadhana Vidhi —तंत्र, शक्ति, कुण्डलिनी और ब्रह्माणी योनि का गूढ़ विज्ञान। वाममार्ग व दक्षिणमार्ग साधना का विस्तृत आध्यात्मिक वर्णन कामेश्वरी देवी कामाख्या की मार्गदर्शन में। जानें योनि साधना क्या है सम्पूर्ण मार्गदर्शिका। भूमिका/प्रस्तावनायोनि साधना: अदृष्ट शक्ति का महाप्रवाह केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय तांत्रिक परंपरा के उस गूढ़ विज्ञान का उद्घाटन है, जिसे … Read more
प्राकृतिक खेती की दिशा में बड़ा कदम: कृषि सखियों को मिला प्रशिक्षण, 54 क्लस्टरों में निभाएंगी भूमिका

16 मई: वेतन भुगतान में देरी से स्वास्थ्य कर्मियों में बढ़ी नाराजगी, परिवार चलाना हुआ मुश्किल

देवरिया 16 मई। जनपद देवरिया में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मार्च माह से वेतन न मिलने के कारण भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। चाहे फील्ड में कार्यरत कर्मचारी हों या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी, सभी वेतन भुगतान में हो रही देरी … Read more
यक्षिणी साधना, सरल यक्षिणी साधना, काम यक्षिणी Yakshini sadhna

56 प्रकार के भोग में सबसे उत्तम भोग सम्भोग: धर्म, तंत्र, योग और विज्ञान के अनुसार प्रेम, ऊर्जा और चेतना का रहस्य

भारतीय दर्शन, तंत्र, योग, आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के अनुसार सम्भोग को सबसे उत्तम भोग क्यों कहा गया? जानिए 56 प्रकार के भोग, शिव-शक्ति, कुंडलिनी, प्रेम, ऊर्जा, मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक चेतना का गहन विश्लेषण। भारतीय संस्कृति में “भोग” शब्द का अर्थ केवल भोजन, धन, वैभव या इंद्रिय सुख तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह … Read more
प्राकृतिक खेती की दिशा में बड़ा कदम: कृषि सखियों को मिला प्रशिक्षण, 54 क्लस्टरों में निभाएंगी भूमिका

2027 Self Enumeration Guide: ऑनलाइन स्व-गणना कैसे करें, SE ID, Registration और पूरी प्रक्रिया हिंदी में

उत्तर प्रदेश जनगणना-2027 में Self Enumeration कैसे करें स्वगणना? जानिए ऑनलाइन स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया, रजिस्ट्रेशन, SE ID, मकान सूचीकरण, जरूरी दस्तावेज, लाभ, सावधानियाँ और Verification की सम्पूर्ण जानकारी आसान हिंदी में। भारत में जनगणना केवल लोगों की गिनती भर नहीं होती, बल्कि यह देश की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, तकनीकी और विकास संबंधी वास्तविक स्थिति … Read more
स्त्री बड़ी है या पुरुष? एक विश्लेषणात्मक अध्ययन में यहां समाजिक भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों का चौकाने वाला विचार

विधान सभा चुनाव 2026: बीजेपी को असम, बंगाल, पुडुचेरी में जीत: मीडिया की चिल्लाहट बनाम जमीनी हकीकत— विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण

विधान सभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी की असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में जीत का गहराई से विश्लेषण। जानिए मीडिया की चिल्लाहट और जमीनी हकीकत में कितना फर्क है, क्या कहते हैं सर्वे, और कैसे बनी बीजेपी की रणनीतिक बढ़त। पढ़ें पूरा विश्लेषणात्मक लेख। विधान सभा चुनाव 2026 विश्लेषण भारतीय राजनीति में जब … Read more

2 thoughts on “प्राकृतिक खेती की दिशा में बड़ा कदम: कृषि सखियों को मिला प्रशिक्षण, 54 क्लस्टरों में निभाएंगी भूमिका”

Leave a Comment