जनगणना 2027: देवरिया में प्रगणक एवं प्रवेक्षकों का 3 दिवसीय प्रशिक्षण शपथ-ग्रहण के साथ सम्पन्न

Amit Srivastav

देवरिया में जनगणना 2027 के तहत प्रगणक और प्रवेक्षकों का 3 दिवसीय प्रशिक्षण शपथ-ग्रहण समारोह के साथ सम्पन्न हुआ। जानिए पूरी रिपोर्ट।

देवरिया (उत्तर प्रदेश):
भारत की आगामी जनगणना 2027 को सफल, पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में देवरिया जनपद में प्रगणक (Enumerator) एवं प्रवेक्षक (Supervisor) के लिए पहला चरण 22 अप्रैल 2026 से आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन आज 24 अप्रैल 2026 को शपथ-ग्रहण समारोह के साथ सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण न केवल तकनीकी दक्षता प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, बल्कि इसमें प्रतिभागियों को नजरी नक्शा, मकान गणना के साथ जनगणना की संवेदनशीलता, गोपनीयता और राष्ट्रीय महत्व के प्रति जागरूक भी किया गया।

जनगणना 2027: देवरिया में प्रगणक एवं प्रवेक्षकों का 3 दिवसीय प्रशिक्षण शपथ-ग्रहण के साथ सम्पन्न


कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं को जनगणना की पूरी प्रक्रिया—घर-घर सर्वेक्षण, डिजिटल डेटा एंट्री, परिवार और व्यक्तिगत विवरण संकलन, सामाजिक-आर्थिक सूचनाओं की सही रिकॉर्डिंग तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग—के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश की नीतियों, योजनाओं और विकास की दिशा तय करने वाला आधार है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।


तीनों दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों का अभ्यास (Field Simulation) कराया गया, जिससे वे जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से कर सकें। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में संचार, भाषा, सामाजिक संरचना और विश्वास निर्माण जैसे पहलुओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सही जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रगणकों को जनता के साथ सहज संवाद स्थापित करना बेहद आवश्यक है।


कार्यक्रम के अंतिम दिन आयोजित शपथ-ग्रहण समारोह इस प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक क्षण रहा। सभी प्रगणकों और प्रवेक्षकों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और गोपनीयता के साथ करेंगे तथा किसी भी प्रकार के दबाव या पक्षपात से मुक्त रहकर कार्य करेंगे। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्य में प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, और उनकी निष्ठा ही देश के भविष्य की दिशा निर्धारित करती है।


जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना 2027 भारत के विकास मॉडल को और अधिक सटीक और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि देश के डेटा-निर्माता (Data Builders) हैं, जिनके द्वारा एकत्रित जानकारी पर ही आने वाले वर्षों की नीतियाँ आधारित होंगी।


कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने भी प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि उन्हें न केवल तकनीकी ज्ञान प्राप्त हुआ, बल्कि जनसेवा के प्रति एक नई जिम्मेदारी और गर्व का अनुभव भी हुआ। उन्होंने विश्वास जताया कि वे इस कार्य को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पूरा करेंगे।


अंत में कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया, जिसमें सभी प्रशिक्षकों, अधिकारियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। देवरिया में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना 2027 की तैयारियों की एक मजबूत कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में देश के विकास की नई दिशा तय करने में सहायक होगा।

जानें जनगणना 2027 मानदेय क्या मिलेगा

जनगणना 2027 के लिए प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) को कुल ₹25,000 का मानदेय मिलेगा। यह डिजिटल जनगणना होगी, पहले नजरी नक्शा बनाना होगा और मकान गणना करनी होगी। पहले चरण (मकान गणना) के लिए तीन दिन प्रशिक्षण का ₹1200 जोडकर ₹9,000 और दूसरे चरण (जनसंख्या गणना) के लिए ₹16,000 मिलेंगे। आगे अपडेट के लिए बने रहिए amitsrivastav.in पर।

HomeOctober 27, 2022Amit Srivastav
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