देवरिया। जागृति यात्रा 2025 के संस्थापक व देवरिया लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्री शशांक मणि ने कहा कि विश्व की सबसे प्रतिष्ठित युवा उद्यमियों की यात्रा आज अपने मूल उद्देश्यों के साथ देवरिया पहुंच चुकी है। आत्मनिर्भर भारत की थीम के साथ जागृति यात्रा का यह 18वां संस्करण है, जो स्वावलंबी भारत अभियान की कड़ी में, देवरिया लोकसभा के युवाओं के लिए समर्पित है।
यह यात्रा देश के साथ-साथ अपने क्षेत्र में उद्यमशीलता की भावना को जागृत करती है। आपको बताते हुए हर्ष हो रहा है कि स्वावलंबी भारत अभियान में कदम से कदम मिलाकर चलने वाला जागृति उद्यम केंद्र-पूर्वांचल अब गोरक्ष प्रांत के 10 जिलों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित है, जो देवरिया-कुशीनगर के साथ गोरखपुर, संतकबीरनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, आजमगढ़, मऊ और बलिया में सेवाएं दे रहा है।

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यह यात्रा बिना रुके अनवरत चल रही है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देवरिया लोकसभा के साथ देश के युवाओं को आत्मनिर्भर मार्ग की ओर प्रोत्साहित करना है। लगभग 8,500 कि.मी. की यात्रा की ऊर्जा लेकर 525 युवा उद्यमी देवरिया-कुशीनगर का अवलोकन करते हैं और बरगद से प्रेरणा लेकर राष्ट्र के लिए कुछ करने का संकल्प लेते हैं”।
इन युवा उद्यामियों में 190 महिलाएँ हैं, ये युवा देश के लगभग 28 राज्यों से आते हैं, इस बार की यात्रा में पूर्वांचल से भी कई युवा प्रतिभागी बने हैं। यह यात्रा मुंबई, हुबली, कोच्चि, मदुरै, श्रीहरिकोटा (इसरो लॉन्च केंद्र), विशाखापत्तनम, बहरामपुर, नालंदा होते हुए देवरिया पहुंची है। कल ये दिल्ली जाएंगे जहां पहली बार यात्री संसद (पार्लियामेंट) को देखेंगे। इसके बाद यात्रा जयपुर होते हुए साबरमती आश्रम में आखिरी पड़ाव होकर, मुंबई वापस जाएगी।
जागृति मूवमेंट के संस्थापक शशांक मणि ने कहा “आदरणीय प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान पर इस वर्ष जागृति यात्रा को आत्मनिर्भर भारत के अभियान से जोड़ दिया गया है। यह यात्रा और इसके यात्री देश को संदेश दे रहे हैं कि स्वावलंबन से ही एक सशक्त आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था का निर्माण हो सकता है, जो विकसित भारत को गति देगा”।
जागृति के सीईओ आशुतोष कुमार ने कहा कि
इस वर्ष की यात्रा का विषय है — “आत्मनिर्भर भारत की ओर”। यह एक अनूठी 15 दिवसीय यात्रा है जो 8,000 किलोमीटर का देशव्यापी सफर करती है और इसमें 68,000 आवेदकों में से चुने गए 525 युवा यात्री शामिल हैं। मुंबई से 7 नवंबर को प्रारंभ हुई यह यात्रा देश के 12 प्रमुख पड़ाव — हुबली, कोच्चि, मदुरै, चेन्नई, विशाखापट्टनम, गंजम, नालंदा, देवरिया, नई दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद होते हुए 22 नवंबर को मुंबई में समापन करेगी। हर पड़ाव पर यात्री देश के रोल मॉडल उद्यमों और ज़मीनी नवाचारों से रूबरू होंगे।
उन्होंने कहा कि देवरिया जागृति आंदोलन की जन्मभूमि है, इसलिए इस मुकाम का भावनात्मक और वैचारिक महत्व अत्यधिक है। यहीं से “हम ही भारत, हम ही बदलाव” की भावना को आकार मिला। यही वह भूमि है जहाँ से उद्यम-आधारित विकास का विचार फैला और जहां से हजारों युवाओं ने परिवर्तन की राह पकड़ी।
अठारह संस्करणों में जागृति यात्रा ने 26 देशों से 9,000 से अधिक युवाओं को जोड़कर एक जीवंत नेटवर्क तैयार किया है, जिनमें से 60 प्रतिशत गैर-शहरी क्षेत्रों से और 45 प्रतिशत महिलाएं हैं। लगभग 28 प्रतिशत यात्रियों ने हेल्थकेयर, शिक्षा, एग्रीटेक, फिनटेक, और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में उद्यम स्थापित किए हैं।
यह यात्रा छोटे शहरों और ज़िलों से आ रहे युवाओं को उद्यमिता के ज़रिए स्वावलंबन की दिशा में ले जाने के मिशन पर है। रोल मॉडल उद्यम, समुदाय के बदलावकर्ता और ज्ञान की जगह से जुड़कर ये युवा रोजगार, समाधान और अवसर पैदा करने वाले नवप्रवर्तनकर्ताओं के रूप में उभरते हैं।

यात्रा के प्रमुख सहयोगी
इस वर्ष की जागृति यात्रा को एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के इन्वेस्टर एजुकेशन एंड अवेयरनेस इनिशिएटिव का सहयोग प्राप्त है, जो उद्यम, शिक्षा और वित्तीय साक्षरता के माध्यम से भारत के युवाओं को सशक्त बनाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
महाराष्ट्र स्टेट इनोवेशन सोसाइटी, टैली सॉल्यूशंस और कैंपा ने भी इस यात्रा को समर्थन दिया है, जिससे पूरे भारत के हृदय प्रदेशों में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के जागृति मिशन को और मज़बूती मिली है। अन्य सहयोगी: बैंक ऑफ इंडिया, एंटरप्रेन्योरशिप डिवेलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (अहमदाबाद), HP हैं। ये साझेदारियाँ भारत के निजी क्षेत्र, सार्वजनिक संस्थानों और नवाचार एजेंसियों की उस सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जो युवाओं की उद्यमशील शक्ति से प्रेरित आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में कार्यरत हैं।
जागृति यात्रा 2025 के बारे में
जागृति यात्रा दुनिया की सबसे प्रभावशाली उद्यमिता यात्राओं में से एक है—एक चलती-फिरती कक्षा, जो चयनित युवाओं को भारत की विविध चुनौतियों और संभावनाओं से जोड़ती है।
इसका उद्देश्य है: एक आत्मनिर्भर, समावेशी और उद्यमशील भारत के लिए नए नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण।

amitsrivastav.in पर देवरिया से दिलीप कुमार की रिपोर्ट
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