देवरिया अधिशासी अधिकारी ध्यान दें शहर के इन्द्रा नगर गांधी मोड़ क्षेत्र में इन दिनों गैस पाइपलाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। घर-घर सप्लाई देने के उद्देश्य से इस महत्वाकांक्षी योजना को लागू किया जा रहा है ताकि नागरिकों को सुविधा मिले और उन्हें सिलेंडर ढोने की झंझट से छुटकारा मिले। लेकिन इस कार्य की प्रक्रिया और प्रबंधन पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। जिन जगहों पर पाइपलाइन डालने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं, वहां कार्य पूर्ण होने के बाद मिट्टी डालकर उन्हें ऐसे ही छोड़ दिया जा रहा है। परिणामस्वरूप सड़कें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इन्द्रा नगर गांधी मोड़ का हाल यह है कि जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे खुले पड़े हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि पाइप डालने के बाद ऊपर मिट्टी तो डाल दी जाती है, लेकिन उसे समतल नहीं किया जाता। कहीं भी पक्की मरम्मत का काम नहीं किया गया। बरसात के मौसम में तो स्थिति और भी विकट हो जाती है। हल्की-सी बारिश होते ही यह सड़क कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाती है। नतीजा यह है कि पैदल चलने वालों से लेकर वाहनों तक सभी को रोजाना जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजरना पड़ता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक बन गया है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अधिशासी अधिकारी और नगर पालिका प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। शहरवासियों ने सवाल उठाया है कि आखिर क्यों गैस पाइपलाइन बिछाने वाली एजेंसी केवल पाइप डालकर अपना काम पूरा मान लेती है? क्या सड़क की स्थिति की जिम्मेदारी उनकी नहीं है? अगर खड्डा खोदने से सड़क खराब हुई है तो उसे सही-सलामत करना भी उनका दायित्व बनता है। परंतु वास्तविकता यह है कि प्रशासनिक उदासीनता और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति के कारण जनता परेशान हो रही है।
गांधी मोड़ पर रहने वाले दुकानदारों का कहना है कि धूल-मिट्टी और गड्ढों की वजह से ग्राहकों का आना-जाना कम हो गया है। लोग मजबूरी में रास्ता बदलकर निकल रहे हैं। इससे उनके व्यापार पर भी सीधा असर पड़ रहा है। वहीं रिक्शा चालकों और ऑटो चालकों ने बताया कि रोजाना गड्ढों से वाहन गुजरने पर उनके रिक्शा-ऑटो टूट-फूट रहे हैं। मरम्मत का खर्चा अलग से बढ़ रहा है। कई बार तो वाहन गड्ढे में फंसकर पलटने की नौबत भी आ जाती है।
स्थानीय निवासियों ने यह भी कहा कि यह समस्या सिर्फ गांधी मोड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शहर में जहां-जहां गैस पाइपलाइन बिछाई जा रही है, वहां यही स्थिति है। कहीं भी उचित समतलीकरण और मरम्मत का कार्य नहीं किया गया। नगर प्रशासन से बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। अधिकारी आश्वासन देकर भूल जाते हैं और काम अधूरा पड़ा रहता है। नागरिकों का कहना है कि जब किसी सरकारी योजना के तहत कार्य कराया जाता है, तो उसकी गुणवत्ता और दुष्परिणामों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
बरसात के दिनों में सड़क की यह दुर्दशा केवल असुविधा ही नहीं बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकती है। कई जगहों पर गहरे गड्ढे भर जाने के कारण छोटे वाहन चालक असंतुलित होकर गिर चुके हैं। दोपहिया वाहन चालकों की सबसे अधिक समस्या है, क्योंकि मिट्टी और कीचड़ के कारण बाइक और स्कूटी फिसल जाती हैं। कई हादसे पहले ही हो चुके हैं और लोग नगर प्रशासन की लापरवाही को इसके लिए जिम्मेदार मानते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी अंडरग्राउंड पाइपलाइन डाली जाती है, तो उसके बाद सड़क को पूर्व स्थिति में लाना अनिवार्य होना चाहिए। अगर यह नियम सख्ती से लागू नहीं किया गया तो हर बार जनता को ही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। नगर निकाय और ठेकेदारों के बीच की मिलीभगत या उदासीनता का खामियाजा आखिरकार आम जनता को ही भुगतना पड़ रहा है। सवाल यह है कि विकास कार्य के नाम पर जनता की सुविधाओं का कब तक मज़ाक बनता रहेगा?
देवरिया के नागरिकों ने एक स्वर से प्रशासन से अपील की है कि गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य तो स्वागत योग्य है, लेकिन उसके नाम पर शहर की सड़कों को बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। सड़क को समतल और सुरक्षित बनाना ठेकेदार और संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी है। अधिशासी अधिकारी को इस पर तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में जनता का आक्रोश सड़कों पर दिख सकता है।
अंततः यही कहा जा सकता है कि विकास तभी सार्थक होगा जब वह नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया जाए। गैस पाइपलाइन बिछाना निश्चित ही प्रगति का प्रतीक है, परंतु सड़कें और रास्ते जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। उनकी उपेक्षा करना किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं है। अब देखना यह है कि अधिशासी अधिकारी और नगर प्रशासन इस मुद्दे पर कब तक आंख मूंदे रहते हैं और कब इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालते हैं।
Table of Contents

amitsrivastav.in Google side पर देवरिया से दिलीप कुमार की रिपोर्ट

सुखी दांपत्य जीवन: प्रेम, सम्मान और संवाद की संपूर्ण यात्रा

क्या वास्तव में होती हैं अप्सराएँ? mrigakshi apsara का रहस्य, शास्त्रीय परंपरा, तांत्रिक विमर्श और 1 आध्यात्मिक दृष्टि

बटुक भैरव कार्य सिद्धि एवं शत्रुनाशक प्रयोग | काल भैरव मंत्र, पूजा विधि और उपाय

श्री श्री कामाख्या अंबुबाची महाग्रंथ: देवी शक्ति, तंत्र, साधना और सनातन चेतना का 12 दिव्य रहस्य

देवरिया 5 जून: पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी— सभाकुंवर कुशवाहा

Astro Physics, AI और Robotics की रहस्यमयी दुनिया: क्यों तेजी से बढ़ रहा है युवाओं में विज्ञान सीखने का 1 जुनून?

देवरिया में आंगनबाड़ी नियुक्ति विवाद महिला ने डीएम से की निष्पक्ष जांच की मांग

Kisan Sammelan Gwalior In Nidhi Singh: पूर्व ब्लैक कैट कमांडर्स ने 1 राम दरबार भेंट कर किया अभिनंदन

20 May Deoria: वेतन संकट से जूझ रहे स्वास्थ्य कर्मियों का फूटा गुस्सा, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध — “जनता की सेवा करें या परिवार बचाएं?”

NCF 2023 के संदर्भ में भाषा शिक्षण: गहन अध्ययन, कौशल और रचनात्मकता की तरफ
click on the link ब्लाग पोस्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
गोरखनाथ- कौन थे, जन्म कैसे हुआ, गुरु कौन थे, शाबर मंत्र, मृत्यु कैसे हुई सम्पूर्ण जानकारीFebruary 21, 2024
लोना चमारी की पुस्तक: तंत्र-मंत्र की गुप्त साधना और रहस्यमयी विधि-विधान 1 Wonderful आह्वानApril 20, 2025











