अच्छी-बुरी स्त्रियों की पहचान-
पाठक जानकर भी रहिए अंजान क्योंकि? चरित्रवान स्त्री जगत-जननी आदिशक्ति देवी दुर्गा की अंश होती हैं। तो वहीं चरित्रहीन स्त्री देवी के नाम पर कलंक होती हैं। स्त्री शिवलिंग की पूजा इसलिए करती हैं कि आदिशक्ति जगत जननी स्वरुपा को छोड़ शिव ने किसी अन्य स्त्री का स्पर्श तक नही किया और चरित्रवान स्त्री शिवलिंग की पूजा इसी धारणा से करती हैं कि पति रूप में जो भी पुरुष मिले मेरे अलावा किसी अन्य स्त्री को स्पर्श न करे। स्त्रियों को शिवलिंग के अलावा सिर्फ अपने पतिलिंग को ही छूना चाहिए अन्य किसी पर पुरुष को छूने का तात्पर्य है कि स्त्री चरित्रवान नही चरित्रहीन है।
लक्ष्मी स्वरूपा स्त्रियों को अन्नपूर्णा देवी पोषण का वरदान दी है। हमारे वेद-पुराणों के अनुसार जहाँ-जहाँ स्त्री को पूज्यनीय माना जाता है वहां-वहां देवता रमण करते हैं। पूज्यनीय सौभाग्यवती स्त्रियों के कुछ लक्षण इस प्रकार वर्णित है।
जो मिठी वचन बोलती हैं, आवाज में मधुरता होती है और हर किसी से स्नेहपूर्ण व्यवहार करती हैं। सेवा भाव रखने वाली – आस्तिक, क्षमाशील, दयावान, बुद्धिमान, दानशील अपने कर्तव्यों का पालन करने वाली देवी लक्ष्मी स्वरूपा होती हैं।
जो स्त्री तन की अपेक्षा मन से सुंदर हो, नित्य कर्म से निवृत्त हो सुबह स्नान कर देवी-देवताओं के सामने धूप-दीप सुगंधित अगरबत्ती जला पूजा-अर्चना कर रसोई घर में प्रवेश करती हो, अपने पतिव्रत धर्म का पालन करे, अपने साथ साथ अपने पति को अपमानित न होने दे, घर आये मेहमानों का स्वागत-सत्कार करें, पराये लोगों के दुख से दुखी हो अपने सामर्थ अनुसार सहयोग करे, रसोई में भेद-भाव के बिना समान रूप से भोजन करावें, धर्म-कर्म नीति मार्ग पर चलने के लिए अपने परिवार के सदस्यों को प्रेरित करे, निर्भिक हो अपनी बात कहने की साहस रखे अति उत्तम स्त्री मानी जाती है।
इधर की बात उधर कर झगड़ा लगाने वाली, अपराधिक गतिविधियों में शामिल होने वाली, अपने हित में सोचने वाली, अपने संतान से स्नेह नही रखने वाली, अपने सन्तानो को अलग-थलग करने वाली, अपने घर को संवार कर नही रखती, जिसकी विचार उत्तम नही होती, पाप कर्मों में रत रहती हो पराये पुरुषों में मन रमता हो, स्वच्छता से दूर रहने वाली स्त्री देवी लक्ष्मी की बड़ी बहन दुख दरिद्रता को लाने वाली अलक्ष्मी स्वरूप होती है।
लोग अनजाने में चरित्रहीन औरत को चरित्रवान और चरित्रवान औरत को चरित्रहीन समझ धोखा खा जाते हैं। आज कुछ ऐसी पहचान बता रहा हूं जिससे थोड़ी समय में चरित्रहीन, चरित्रवान स्त्रियों को पहचाना जा सकता है। सिर्फ़ चेहरा और कुछ अंदाज को देखकर तय कर पाना मुश्किल हो सकता है कि कौन सी औरत चरित्रहीन और कौन सी औरत चरित्रवान है। लेकिन इस कंटेंट के शब्दों पर ध्यान देने के बाद पहचान कर पाना संभव हो सकता है। जो महिला दिल और जुबान की बातों का तालमेल ठीक से नहीं बना पातीं एक ही पल बातों में बदलाव हो जाता है। ऐसी महिला अपनी जुबान से कुछ और बोलती व दिल में कुछ और रखती है, बातों की तर्क में दिल की अंदरूनी बातें भी जाना जा सकता है। ऐसी महिला चरित्रहीन और चरित्रवान दोनों ही होती है। अगर आपका ऐसी महिला से पाला पड़ता है तो सावधान रहिए अपने त्रिया चरित्र में आपको फांस सकती है।
वह महिला अच्छे चरित्र वाली नही होती जो प्यार किया और से दिखाती और संबंध किसी अन्य से बनातीं। चरित्रहीन महिलाओं के दिल में कई अन्य का स्थान रहता है और सम्बन्ध किसी अन्य-अन्य से बनातीं हैं।
चाणक्य नीति से स्त्रियों की पहचान
ऐसी होती हैं जो हमेशा यह कोशिश करती हैं कि कामी पुरुष उन्हें देखें और देखते रहें इसके लिए वह किसी भी हद को पार कर जाती हैं। ऐसी महिला किसी एक पुरुष की नही होती, अपना प्रेमी अपनी जिंदगी की जरुरतों के हिसाब से बदलती रहती हैं ऐसी स्त्री कभी भी किसी एक के साथ जीवन भर सम्बन्ध नही निभाती।
जो स्त्री चरित्रहीन होती है वह अक्सर किसी न किसी तरह पुरुषों को लुभाने की कोशिश करती रहती हैं। यह प्रयास किया करती हैं कि कोई पुरुष मेरे प्यार में पड़ जाए, जब कोई पड़ जाता है तो उसे मना कर देती हैं और मूल उद्देश्य से भटकाकर तमाम तरह की हथकंडे अपनाती है। ऐसी स्त्रियों से पुरुषों को सावधान रहनी चाहिए।
जिन महिलाओं के पैर का पिछला भाग बहुत ज्यादा मोटा दिखता है। ऐसी महिला घर के लिए शुभ मानी जाती है। जिन महिलाओं के पैर का पिछला भाग ज्यादा पतला दिखता है वह अपने जीवन में अनेकों प्रकार की पीड़ा का सामना करने कि हिम्मत रखती हैं।
जिन महिलाओं के मोटा लम्बा दांत होता है उन महिलाओं के जीवन में हमेशा दुख की बादल मंडराती रहती है, ऐसी औरतों से जिन पुरुषों को प्यार, रिस्ता या सम्बन्ध है उन पुरुषों के जीवन में मुसीबतें आना शुरू हो जाती है।
चाणक्य नीति के अनुसार जो लड़की या महिला एक से अधिक पुरुषों के साथ सम्बन्ध बनाती हैं, उन्हें इस बात पर शर्म ही नहीं होता कि समाज उन्हें पूरी तरह चरित्रहीन समझ घृणित नजरिए से देखती है या नहीं। ऐसी स्त्रियों से दूर रहना चाहिए। ऐसी स्त्रियों के बहुत सारे पुरुष मित्र होते हैं और ऐसी स्त्रियां बहुत चालाकी से सभी को अपने प्रेम जाल में फंसा कर रखती हैं। जरुरत के अनुसार उन सभी पुरुष मित्रों का इस्तेमाल करती रहती हैं। आप किसी पुरुष की स्त्री मित्र ऐसी हो जो बहुत सारे पुरुषों से मित्रता निभा रही है तो ऐसी स्त्री से सावधान रहना चाहिए। क्योंकि वह चरित्रहीन हो सकती है।
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जिन औरतों की नज़र सदैव ऊपर के तरफ रहती है वो अच्छे दिल की पुण्य कर्म धर्म करने वाली अच्छी औरत होती हैं, ऐसी औरतों से पुरुषों को कोई छती नही होता।
जिन औरतों की नज़रें सदैव नीचे की तरफ रहती है ज्यादा समय तक नीचे देखती हैं वो बहुत ज्यादा कुकर्म करने वाली हो सकती है। उसके जीवन में कुछ ऐसा हुआ होता है जिसकी वजह से उसकी नज़र नीचे रहती हैं। ऐसी औरतों से बचना चाहिए।
चाणक्य नीति कहती है अगर आप किसी मुर्ख बालक को पढ़ा या ज्ञान दे रहे हैं तो उसके साथ-साथ आप भी मुर्ख हैं। उसी तरह अगर आप किसी चरित्रहीन औरत के साथ जिन्दगी जीने की सोच रहे हैं तो आपके जीवन में सुख-समृद्धि व दरिद्रता ही रहेगी खुशी कभी नहीं मिल पायेगी।
वो महिला अच्छे चरित्र की नही होतीं जो अपने पति से संतुष्ट न होने पर पति का सम्मान नही करतीं, अपने पति के अलावा दूसरे तीसरे पुरुषों से संबंध बनातीं और अन्य पुरुष के बारे में हमेशा सोचती रहती है। ऐसी औरत से बच कर रहना चाहिए। ऐसी स्त्री किसी के जीवन में आ जाती है तो उसके जीवन का सुख खत्म हो जाती है हमेशा परेशानी बनी रहती है। चाणक्य नीति पढ़ने से सफल जीवन जीने का रास्ता सुलभ हो जाता है, व चरित्रहीन या चरित्रवान स्त्री-पुरुष की पहचान करना आसान हो जाता है।
कभी किसी भी स्त्री-पुरूष को चरित्रहीन या चरित्रवान घोषित करने से पहले गंभीरतापूर्वक समझें सोचें फिर निर्णय लें, आंखें कभी-कभी धोखा खा जाती है लेकिन सोचने समझने के बाद दिल की आखों से सत्य जरुर नज़र आता है। स्त्री जगत-जननी कि स्वरूप होती हैं, सत्य है स्त्री ही दो बहनों समान लक्ष्मी और अलक्ष्मी भी होती है। सच-झूठ दो भाईयों समान पुरुष भी होता है। इसलिए कोई निर्णय लेने के पहले दिल दिमाग से चिंतन-मनन करें।
बृहद संहिता, प्रसिद्ध ग्रंथों पुराणों में स्त्री को दो प्रकार का बताया गया है जैसे दो बहनें लक्ष्मी, अलक्ष्मी दो भाई सच-झूठ आदि जैसा शुभ लक्षण वाली स्त्री को लक्ष्मी, तो अशुभ लक्षण वाली को अलक्ष्मी कहा जा सकता है।
महिला के दांतों की बनावट आंख नाक कान पेट व शरीर के अन्य हिस्सों को देखकर बताया जा सकता है कि अपने पति व ससुराल वालों के लिए कैसी होगी।
समुद्र शास्त्र अनुसार स्त्रियों की पहचान
समुद्र शास्त्र के अनुसार जो महिला छोटी-छोटी बातों पर बेवजह बहुत अधिक गुस्सा, लड़ाई-झगड़ा करती है ऐसे स्त्री के चरित्र पर विश्वास करना बहुत मुश्किल होता है।
ऐसी स्त्री जिनके कानों में बहुत बाल हो वे घर में कलह की वजह होती हैं। यदि महिला लंबी हो और उसके होठ के ऊपरी भाग पर अधिक बाल हो तो वह पति के लिए अशुभ होती है। जिस महिला के दांत मोटा चौड़ा मुख से बाहर निकला दिखाई दे उस महिला की जीवन हमेशा दुख से भरा रहता है। स्त्री के मसूड़ों का काला दिखना स्त्री के दुर्भाग्य की निशानी है। स्त्री के हाथों में नसों का उभार और हथेली चपटी तो हमेशा सुख-शांति और धन से वंचित रहती है।
महिला के पैर की कनिष्ठा उंगली जमीन को ना छुएं तो ऐसी स्त्री वक्त के साथ अपना चरित्र भी बदल लेती है। स्त्री के पैर की अंगुठा छोटा होना चरित्रहीनता का सूचक है। जिस प्रकार हाथ की पांचों उंगलियां बराबर नही होती, उसी प्रकार सभी स्त्रियों का बात व्यवहार आचरण आदत एक जैसा नहीं होता। इसलिए हम कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं जिससे औरतों के गुण दोष चरित्र को अच्छी तरह से पहचाना जा सकता है।
जिस स्त्री का पेट घड़े की आकृति का हो ऐसी स्त्री उम्र भर गरीबी दरिद्रता में जीवन जीतीं रहती है। पेट गद्देदार व लम्बा होना अशुभ होता है। स्त्री के शरीर की बाहरी बनावट के साथ साथ बहुत सारी ध्यान देने योग्य बात होती है जिससे स्त्री को जाना पहचाना जा सकता है।
स्त्रियों के चरित्र को पहचान पाना सरल नही है लेकिन जिन्हें पहचाने की तजुर्बा है वो कभी अचानक सम्पर्क में आ जाने वाली स्त्रीयों से धोखा खाने से बच सकते हैं इसलिए समाज के लिए मार्गदर्शी लेखनी प्रस्तुत किया। त्रिया चरित्र दैवों न जाने तो मनुष्य भला कैसे जान सकता है। https://amit-srivastav-author.blogspot.com/
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