देवरिया। जनपद में लम्पी स्किन डिजीज (Lumpy Skin Disease) नियंत्रण की दिशा में प्रशासन व पशुपालन विभाग के लगातार प्रयास रंग ला रहे हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. वैश्य ने जानकारी दी कि देवरिया जिले में टीकाकरण कार्य तेज़ी से चल रहा है और अब तक 1,19,400 गोवंश को एल.एस.डी. वैक्सीन लगाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जनपद को अब तक 1,55,000 डोज़ वैक्सीन प्राप्त हुई है, जबकि 21वीं पशुगणना के अनुसार जिले में कुल गोवंश की संख्या लगभग 1,50,934 है।
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लम्पी स्किन डिजीज टीकाकरण की स्थिति
जिले के 16 विकासखण्ड स्तरीय पशु चिकित्सालयों को गोवंश की संख्या के अनुपात में 1,42,100 डोज़ वितरित कर दी गई हैं। इसके अतिरिक्त 22,700 वैक्सीन वर्तमान में पशु चिकित्सालयों पर और 12,900 वैक्सीन केंद्रीय भंडारण केंद्र पर सुरक्षित उपलब्ध हैं। इससे स्पष्ट है कि जिले में वैक्सीन की पर्याप्त मात्रा मौजूद है और टीकाकरण कार्य गति पकड़ चुका है।

संक्रमण व स्वास्थ्य लाभ
अब तक जनपद में कुल 2003 गोवंश एल.एस.डी. संक्रमण से प्रभावित पाए गए। इनमें से 1483 गोवंश पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 520 गोवंश वर्तमान में उपचाराधीन हैं। इनकी निरंतर चिकित्सा और अनुश्रवण पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा की जा रही है। बीमारी पर नियंत्रण की दृष्टि से निरंतर प्रयास जारी हैं और हर स्तर पर स्थिति की समीक्षा की जा रही है।
ग्राम स्तर पर प्रगति
देवरिया जिले के कुल 1174 ग्रामों में से बिहार बॉर्डर क्षेत्र से सटे 165 ग्रामों में शत-प्रतिशत टीकाकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष 1009 ग्रामों में से 852 ग्रामों में रिंग वैक्सीनेशन और 57 ग्रामों में सामान्य टीकाकरण किया जा चुका है। अब तक कुल 1081 ग्रामों में एल.एस.डी. का टीकाकरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है, जिससे यह स्पष्ट है कि जिले की स्थिति नियंत्रण में है।
सक्रिय टीमें और आपात सेवाएं
सभी 16 विकासखण्डों में 16 विशेष टीमें लगातार टीकाकरण, रोग-निदान, चिकित्सा और अनुश्रवण का कार्य कर रही हैं। साथ ही आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए 14 सितंबर से मोबाइल वेटनरी यूनिट की 05 गाड़ियां भी 1962 नंबर के माध्यम से आपात सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इन वाहनों को अग्रिम आदेश तक सक्रिय रखने का निर्देश प्रमुख सचिव, पशुधन एवं निदेशक प्रशासन एवं विकास, पशुपालन विभाग ने 13 सितंबर को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दिया था।
बीमारी की गंभीरता और रोकथाम
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वैश्य ने बताया कि लम्पी स्किन डिज़ीज़ कोई जानलेवा रोग नहीं है। यह केवल गोवंश को प्रभावित करती है और अधिकांश मामलों में 15 दिन से 1 माह के भीतर गोवंश पूर्णतः स्वस्थ हो जाते हैं। इस रोग से मृत्यु दर 1 प्रतिशत से भी कम है और केवल 7 प्रतिशत गोवंशों में ही इसके लक्षण दिखाई देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बीमारी मनुष्यों को प्रभावित नहीं करती है, अतः आमजन को डरने की आवश्यकता नहीं है।
प्रशासन की सतर्कता
सभी खंड विकास अधिकारियों और अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में वेक्टर नियंत्रण, फॉगिंग, सेनेटाइजेशन तथा बीमारी से प्रभावित केंद्रों पर आवागमन प्रतिबंध को सुनिश्चित करें। इसके लिए जिला स्तरीय एल.एस.डी. रोकथाम एवं अनुश्रवण समिति की बैठक भी आयोजित की जाएगी।
जनता से अपील
डॉ. वैश्य ने जिलेवासियों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल वैज्ञानिक परामर्श के अनुसार ही उपचार कराएं। उन्होंने कहा कि कॉर्टिकोस्टेरॉयड और उच्च एंटीबायोटिक दवाओं का अंधाधुंध प्रयोग न किया जाए। ग्रामीणों से आग्रह किया गया कि वे किसी भी प्रकार की समस्या आने पर नज़दीकी राजकीय पशु चिकित्सालय से संपर्क करें।
रोग नियंत्रण की समीक्षा प्रतिदिन गूगल मीटिंग के माध्यम से की जा रही है। अब तक की स्थिति संतोषजनक है और पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है।
कुल मिलाकर, देवरिया में लम्पी स्किन डिज़ीज़ पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा चुका है। जिले की 90 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों में टीकाकरण कार्य पूरा हो चुका है और बची हुई जगहों पर तेजी से काम जारी है। प्रशासन, चिकित्सकों और टीकाकरण टीमों की निरंतर मेहनत के चलते यह बीमारी अब नियंत्रण की स्थिति में आ चुकी है। देवरिया से amitsrivastav.in पर दिलीप कुमार की रिपोर्ट।


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