देवरिया। नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया द्वारा तुलसी जयन्ती के पावन पर्व पर प्रातः 8.00 बजे रामचरित मानस जैसे महान ग्रन्थ की रचना करने वाले महाकवि भक्त चूड़ामणि तुलसीदास जी का एवं रामचरित मानस ग्रन्थ का पूजन अर्चन हुआ और मानस के सुन्दर काण्ड तथा हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। पूजन में विद्याधर्म संजीवन संस्कृत महाविद्यालय के आचार्य गण ने आचार्य की भूमिका निभाई। यजमान की भूमिका में कार्यक्रम के संयोजक प्रसिद्ध समाजसेवी व्यापारी श्री विजय प्रसाद जी रहे।
अपराह्न में मां शारदा तथा तुलसीदास के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ मुख्य समारोह प्रारम्भ हुआ जिसके मुख्य अतिथि प्रोफेसर वशिष्ठ ‘अनूप’ , अध्यक्ष, हिन्दी विभाग काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी तथा विशिष्ट अतिथि स्वामी आन्जनेय दास जी महराज, पीठाधीश्वर अनंत आश्रम बरहज, देवरिया रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि स्वामी आन्जनेय दास जी ने कहा तुलसीदास ने राम के ऐसे मन को देखा जो सीता के सीवाय दूसरी स्त्री का ध्यान नहीं करता, परशुराम के कठोर वचन सुनकर भी शान्त रहता है सत्ता की लालसा नहीं रखता। तुलसी महान मन वाले हैं और इसीलिए वे महात्मा हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति को संयोने का कार्य किया है। मुख्य अतिथि के रुप में वक्तव्य देते हुए प्रोफेसर वशिष्ठ अनूप ने कहा तुलसी का जीवन हमें अभाव में जीने की कला सिखाता है। एक व्यक्ति नीचे से उठकर अति ऊपर कैसे जा सकता है यह मार्ग तुलसी का जीवन बताता है।
तुलसी दास अपनी परिस्थितियों से हतोत्साहित नहीं हुए और न ही हार मानी उन्होंने अध्ययन किया और नये ढंग से अपने जीवन की शुरुआत की और विश्व पटल पर छा गये। तुलसी को शास्त्र से अधिक लोक ने पढ़ाया इसीलिए तुलसी शास्त्र से अधिक लोक की चिन्ता करते हैं। तुलसी को इसलिए पढना चाहिए ताकि उस समय की जानकारी हो सके। इतिहास सच नहीं बोलता, सच साहित्य बोलता है।
आगे अनूप जी ने प्रेमचंद पर चर्चा करते हुए कहा प्रेमचंद ने साहित्य को यथार्थ की जमीन से जोड़ा और नायकत्व को राजदरबार से निकाल कर किसान के घर में स्थापित किया। उन्होंने साहित्य में सौन्दर्य के मानदंड को बदला। प्रेमचन्द ने सौन्दर्य को खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरिनों के पसीने में सौन्दर्य देखा और यही उनको महान साहित्यकार बनाता है।
इसके पूर्व इन्द्र कुमार दीक्षित ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। सरोज कुमार पाण्डेय ने मैं वेदव्यास तो नहीं न कालिदास हूं, दशरथ के सुत का दास हूं मैं तुलसीदास हूं कविता से तुलसी को प्रणाम निवेदित किया। सौदागर सिंह ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। सभा के मंत्री डॉ अनिल कुमार त्रिपाठी ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा आप हमारे अपने हैं। आपका समय अमूल्य है मेरे सभा को समय देकर मुझे अपना ऋणी बना लिया। मैं आप सबका हृदय से स्वागत व अभिनन्दन करता हूं।
अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए डॉ जयनाथ मणि त्रिपाठी ने कहा रामचरित के सुन्दर काण्ड की कुछ चौपाइयों की काफी छिछालेदर की गई जिधर विद्वानों का ध्यान नहीं जाता जबकि सच्चाई अलग है। वह युग की प्रतिध्वनि है। जिसका अलग अर्थ है। समारोह के संयोजक विजय प्रसाद जी ने कहा भारतीय संस्कृति के उन्नायक महात्मा तुलसी दास जी को मैं प्रणाम करता हूं। आप सब ने जो समय मुझे दिया उसके लिए बहुत बहुत आभार। सम्पूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ अभय कुमार द्विवेदी ने किया।

इस अवसर पर डॉ दिवाकर प्रसाद तिवारी, ब्रजेश पाण्डेय अधिवक्ता, डॉ सौरभ श्रीवास्तव, दिनेश कुमार त्रिपाठी, दुर्गा पाण्डेय, डॉ शकुन्तला दीक्षित, बृद्धिचन्द्र विश्वकर्मा, रवीन्द्र नाथ तिवारी, डॉ मधुसूदन मिश्र, डॉ मधुसूदन मणि त्रिपाठी, कौशल किशोर मिश्र, ब्रजेश पाण्डेय प्रबन्धक, रविप्रकाश मिश्र, रजनीश मोहन गोरे, अंजलि अरोड़ा खुशबू, श्वेतांक मणि त्रिपाठी, जितेन्द्र प्रसाद तिवारी, ऋषिकेश मिश्र, चक्रपाणि ओझा, सुभाष राय, संजय राव , हिमांशु कुमार सिंह, भृगुदेव मिश्र,
त्रिभुवन नारायण मिश्र, अनिल कुमार मिश्र, राम निवास पाण्डेय, अक्षयवर तिवारी, वरुण पाण्डेय, वासुदेव वर्मा, विशाल मिश्र, शुभंम त्रिपाठी, हरेराम दीक्षित, रविकांत मणि, डा. निखिलेश मिश्र, डा. अमूल्य रत्न तिवारी आदि गणमान्य उपस्थित रहे। इसके बाद प्रतियोगिता में सफल हुए छात्र छात्राओं को मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण पत्र एवं पुस्तक देकर पुरस्कृत किया गया, जिसके कनिष्ठ वर्ग सुपठन में आयुष मिश्र, आराध्या मिश्रा, अथर्व मिश्र, कृतिका जायसवाल, वरिष्ठ वर्ग भाषण में जया दुबे, समीक्षा दुबे, प्रांशु मिश्र, देवांशी तिवारी, वैष्णवी मिश्रा, ने पुरस्कार ग्रहण किया।
वरिष्ठ वर्ग निबन्ध प्रतियोगिता में प्रगति यादव, प्रज्ञा मिश्रा, रोशनी चौहान, आस्था वर्मा, इफ्रा अंसारी, मानसी पाण्डेय , अनुष्का कुशवाहा ने पुरस्कार प्राप्त किया। अंत में राष्ट्र गान के साथ समारोह के समापन की घोषणा की गई। देवरिया से दिलीप कुमार की रिपोर्ट

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